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Karnal News: कागजों में ही रह गई नई बसें आने की योजना, छह और कंडम हुई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jan 2023 09:00 AM IST
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The plan to introduce new buses remained only on paper, six more got stuck
132 - रोडवेज की कर्मशाला में खड़ी कंडम बसें। - फोटो : ?????
करनाल। रोडवेज के बेड़े में नई बसें शामिल करने की योजना कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। 2022 खत्म हो चुका है और नये वर्ष के 19 दिन बाद भी नई बसें अभी तक नहीं पहुंची। वहीं समय पूरा करने के बाद कंडम होने वाली बसों के आंकड़े में इजाफा होता जा रहा है। करनाल रोडवेज के बेड़े से छह बसें और कंडम होने के कारण ऑफ रोड हो गई हैं। इन बसों के हटने से दिल्ली समेत 17 ग्रामीण मार्गों पर परिवहन सेवा प्रभावित हुई है। यानी बसें कम होने से इन मार्गों पर फेरे घटेंगे। ऐसे में प्रति बस यात्रियों का लोड भी बढ़ेगा।
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रोडवेज की ओर से करनाल डिपो को नवंबर माह से अब तक चैसिज और बॉडी समेत जनवरी माह तक कुल 65 बसें दी जानी थी इनमें से केवल पांच बसें ही रोडवेज के बेड़े में शामिल हो पाई हैं। जबकि 60 बसों चेसिज व बॉडी तैयार होने के कारण नहीं पहुंची। ऐसे में बसों की कमी के कारण परिवहन सुविधाएं बढ़ने की बजाय घटती जा रही हैं। अब तक 90 बसों वाले बेड़े में अब 84 बसें ही विभिन्न मार्गों पर चलेंगी।
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नियम के अनुसार, एनसीआर क्षेत्र में 10 साल पुरानी हो चुकी बस का संचालन नहीं हो सकता है। ऐसे में 10 साल की आयु पूरी करने वाली बसों को दिल्ली और अन्य एनसीआर क्षेत्र से बाहर यानी ऑफ रोड कर दिया जाता है। व्यवस्था बनाने के लिए रोडवेज की ओर से लंबी दूरी की बसों को दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर चलाना मजबूरी होगी। अभी भी कई बसों को ऐसे ही चलाया जा रहा है। करनाल डिपो की क्षमता और जिले की साढ़े 16 लाख आबादी के हिसाब से 350 बसों की जरूरत है। 2015 के मानक के अनुसार, डिपो में 250 बसें तो जरूरी होनी चाहिए पर अब 84 बसों के सहारे ही डिपो चलेगा। ब्यूरो
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15 बसें गणतंत्र दिवस के लिए होंगी रिजर्व
प्रशासन की ओर से गणतंत्र दिवस की तैयारियों को लेकर 20 जनवरी से पूर्वाभ्यास शुरू किया जा रहा है। ऐसे में 15 बसें विद्यार्थियों व कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाली टीमों के रिहर्सल स्थल तक लाने और ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से मांगी गई हैं। 84 में से 15 बसें सरकारी ड्यूटी में रिजर्व होने से व्यवस्था और खराब होगी। महज 69 बसों को ही वर्तमान में चल रहे 180 मार्गों पर चलाना विभाग के लिए चुनौती रहेगा।
हिमाचल, जयपुर आदि के लिए बंद है सुविधा
पंजाब के होशियारपुर, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, बैजनाथ, जम्मू व जयपुर के अतिरिक्त करनाल से कांगड़ा, ज्वाला जी, चामुंडा देवी और नैना देवी के लिए सीधी बस सेवा काफी समय से बंद है। हिमाचल प्रदेश के भरठी और धर्मशाला मार्ग पर चलने वाली बस ही कई देवियों के स्थानों की यात्रा कराती है। बसों की कमी के कारण इस मार्ग की बस सेवा अगस्त 2022 में बंद कर दिया गया था। ये बसें कांगड़ा जिला और शाहतलाई भी जाती थी। कांगड़ा जिला में देवी मां के कई स्थान हैं।

इस वर्ष जनवरी माह में इतनी थी बसें
वर्ष बसें
2023 84
2022 135
2021 140
2019 163
2018 175
(2018 से सितंबर 2022 तक करनाल डिपो में एक भी नई बस शामिल नहीं हुई।)
इस माह आनी थी इतनी बसें
माह केवल चेसीज तैयार बस
नवंबर 20 15
दिसंबर 15 15
कुल 35 30
वर्जन
अभी तक पांच नई बसें ही मिली हैं। छह बसें और कंडम हो गई हैं। कुछ मार्गों पर बस सेवा प्रभावित हुई है। दिल्ली चंडीगढ़ मार्ग पर ही कई बसों का फेरा बढ़ाया है। अब 84 बसें ही बेड़े में रह गई हैं। उम्मीद है 10 नई बसें इसी माह मिलेंगी।
- कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
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