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गहरी नींद में थी बस की सवारियां, तेज धमाके से सब सहमें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 02:18 AM IST
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The passengers of the bus were in deep sleep, everyone was shocked by the loud bang
जम्मू से चली बस अपनी रफ्तार से चल रही थी और सब सवारियां गहरी नींद में सो रही थीं। अचानक तेज धमाके के साथ बस के पहिये जाम हो गए। ऐसा लगा जैसे इंजन फटा हो लेकिन वो इंजन का धमाका नहीं केबिन से बस के अंदर आने वाले दरवाजे और विंडो पर ट्राले की टक्कर से लगी गहरी चोट थी। इसके लगते सभी सहम गए। तभी परिचालक की चीख सुनाई दी। इसके बाद सवारियां भी जान बचाने के प्रयास में जुट गईं लेकिन रास्ता नहीं मिला। ये कहना है स्लीपर बस में बैठी सवारियों का।
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उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद जब इमरजेंसी एग्जिट विंडो खुली तो बाहर निकलकर देखा कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह खत्म है और ट्राला बस के केबिन में घुसा हुआ था। इसके बाद सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीन क्रेन की मदद से ट्राले को बस से बाहर निकाला गया। इस कार्य में करीब डेढ़ घंटा लग गया। इसके बाद ट्राले के दबाव से सीट समेत पिचका हुआ चालक विक्रम का शव दिखाई दिया। वहीं पुलिस ने पांच एंबुलेंस को बुलाकर कुल 32 सवारियों को अस्पताल पहुंचाया। सवारियों में 14 को चोटें आई हैं। हादसे के बाद हाईवे पर केवल एंबुलेंस के सायरन ही गूंजते सुनाई पड़े। बता दें कि वीरवार शाम सात बजे बस जम्मू से दिल्ली के लिए चली थी। जिसे सुबह नौ बजे दिल्ली पहुंचना था।
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बुरी तरह तड़प रहा था परिचालक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे में बस के गेट की तरफ बैठा परिचालक हरनेक सिंह की एक टांग चालक की सीट के पीछे फंस गई थी। गहरी चोटें आने और ठंडा मौसम होने के कारण वह बुरी तरह से कांप और दर्द के कारण तड़प रहा था। पुलिस और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उसे स्ट्रेचर पर डालकर एंबुलेंस में शिफ्ट किया। जहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहन बन रहे काल
सड़क किनारे खड़े होने वाले खराब भारी वाहन इस वर्ष भी सर्दी की शुरुआत मेें काल बनने लगे हैं। पिछले साल भी सात हादसों में हुई थी दस की मौत हुई थी। प्रशासन की ओर से हाईवे पुलिस और एनएचएआई की ओर से ऐसे वाहनों को सड़क से तुरंत हटाने को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए। इस साल अब तक 475 सड़क हादसों में 332 घायल हुए, जबकि 249 की जान गई। इनमें ज्यादातर हादसे नेशनल हाईवे-44 के हैं।

वर्जन-
सुबह छह बजे फोन आया था कि हादसा हो गया है। इसके बाद तुरंत पुलिस की ओर से बचाव कार्य भी शुरू किया गया। तीन क्रेनों की मदद से बस में फंसे ट्राले को बाहर निकाला। इसके अलावा पांच एंबुलेंस से कुल 32 लोगों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें 14 को चोटें आई थी। तीन लोगों के हाथ और पांव में भी फ्रेक्चर है। उपचार के बाद सवारियां दूसरी बस से आगे चली गई।
- जितेंद्र सिंह, प्रभारी, सेक्टर-4 चौकी।
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