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Karnal News: पहले ही दिन धान खरीद व्यवस्था ध्वस्त, नहीं पहुंची एक भी एजेंसी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Sep 2025 01:57 AM IST
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The paddy procurement system collapsed on the very first day, not a single agency arrived.
1005 डॉ.सतपाल जिला आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। हरियाणा सरकार के आज से धान खरीद के दावे के बावजूद न तो मंडियों में खरीद एजेंसियां पहुंच सकी और न ही राइस मिलर। जिलेभर में किसी भी अनाज मंडी में खरीद नहीं हुई, जबकि करनाल में 1070 क्विंटल सहित कई अनाज मंडियों में हजारों क्विंटल पीआर धान पहुंच चुकी है। राइस मिलर्स आज पेहवा में होने वाली राज्यस्तरीय बैठक में तय करेंगे कि धान खरीद कब से करेंगे। इस बैठक के निर्णय का इंतजार खरीद एजेंसियों को भी है। मंडियों में ई-खरीद के गेटपास जारी नहीं किए गए हैं।
हरियाणा सरकार ने नवरात्र के पहले दिन से ही धान खरीद शुरू करने का एलान कर दिया था। परिणाम ये हुआ कि सुबह से ही किसान अपना धान लेकर मंडियों में पहुंचने लगे। शाम तक करनाल अनाज मंडी में करीब 1070 क्विंटल पीआर धान पहुंचा और आठ हजार क्विंटल 1509 किस्म का धान पहुंचा। आलम ये हो गया कि निजी खरीद वाले 1509 धान से ही मंडी के शेड भरे हुए हैं, जबकि सरकारी खरीद वाले पीआर (मोटा धान) धान के लिए तो जगह ही उपलब्ध नहीं है। पहले दिन खाद्य आपूर्ति, हैफेड या एचडब्ल्यूसी किसी भी खरीद एजेंसी का एक भी निरीक्षक नहीं पहुंचा। एक भी राइस मिलर भी नजर नहीं आया। मंडियों की सफाई भी नहीं कराई गई है, जहां तहां गंदगी के ढेर पड़े हैं। पीआर धान लेकर पहुंचे किसानों को शेड में जगह नहीं मिल पाई, मजबूरन उन्हें खुले में अपने धान की ढेरी लगानी पड़ी। सबके खास बात तो ये है कि अनाज मंडियों में ई-खरीद को लेकर एक भी गेटपास नहीं काटा गया है, सभी गेट पास ई-नेम यानी निजी खरीद के काटे गए हैं।
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पेहवा में तय होगा खरीद करेंगे या नहीं
- करनाल राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान सौरभ गुप्ता ने बताया कि पेहवा में मंगलवार को राइस मिलर्स एसोसिएशन की बैठक है, उसमें 15 प्रतिशत अवशेष ब्रोकन का क्या करना है, इस पर चर्चा होगी, इसके बाद ही धान की खरीद को लेकर कोई निर्णय किया जाएगा। ब्रोकन का समाधान नहीं होता तो राइस मिलर्स खरीद नहीं करेंगे। फिलहाल तो बैठक में जो निर्णय लिया जाएगा, उसका पालन किया जाएगा।
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बारदाना तक नहीं भेजा
- हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि जिले के सभी मंडियों व खरीद केंद्रों पर सोमवार को कोई खरीद एजेंसी नहीं पहुंची। फोन करके पूछा भी गया कि जो किसान आए हैं, इनके धान को कैसे खरीदा जाएगा, तो जवाब मिला कि अभी राइस मिलर्स ही नहीं आए हैं, किसी ने कहा कि धान में नमी 20 प्रतिशत से अधिक है, जबकि 17 प्रतिशत नमी का ही धान खरीदा जाना है। किसी एजेंसी ने बारदाना भी नहीं भेजा है।

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सभी मंडियों में तैयारियां पूरी
डीएफएससी करनाल अनिल कुमार ने बताया कि मंडियों में पीआर धान की आवक तो हुई है लेकिन आज जिले में धान की खरीद नहीं हो सकी है, मंगलवार को राइस मिलर्स एसोसिएशन की बैठक हैं, इसलिए बुधवार से खरीद होने की उम्मीद है। फिलहाल सभी मंडियों में तैयारियां पूरी कर ली गई है, वारदाना भेज दिया गया है।

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