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Karnal News: रफ्तार धीमी, दो दिन में 10 टोकन कटे और केवल 6 रजिस्ट्री हो पाईं
Sat, 04 Apr 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 04 Apr 2026 01:16 AM IST
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कैथल के तहसील कार्यालय में सुचारू रूप से चलता कार्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नई कलेक्टर दरों ने प्रॉपर्टी बाजार की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। तहसील कार्यालयों में, जहां कुछ दिनों पहले तक जगह रखने की जगह नहीं होती थी, अब वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। नए रेट लागू होने के शुरुआती दो दिनों में केवल 6 रजिस्ट्री दर्ज की गईं, जबकि पहले यह आंकड़ा प्रतिदिन औसतन 50 रजिस्ट्री था।
नए वित्त वर्ष के साथ ही जमीनों के सरकारी रेट (कलेक्टर रेट) में 10 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर स्टांप ड्यूटी और फीस पर पड़ा है। शुक्रवार को तहसील में टोकन लेने वालों की संख्या में भी भारी गिरावट आई और पूरे दिन में केवल 10 टोकन कट सके। तहसील का नजारा बदला हुआ था, वकीलों और दस्तावेज़ लेखकों की मेजें खाली नजर आईं। अधिकारी भी काम के इंतजार में बैठे दिखे।
हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले हफ्तों में बाजार नई दरों को स्वीकार करेगा और धीरे-धीरे रजिस्ट्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। फिलहाल, बढ़ी हुई दरों ने तहसील की चहल-पहल को शांत कर दिया है।
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अग्रिम प्लानिंग ने कम की भीड़
लोग पहले से ही जानते थे कि अप्रैल से रेट बढ़ने वाले हैं। यही वजह थी कि मार्च के आखिरी सप्ताह में तहसील में भारी भीड़ उमड़ी थी। अधिकांश लोगों ने बढ़ी हुई दरों के आर्थिक बोझ से बचने के लिए अपनी रजिस्ट्री मार्च के अंतिम दिनों में ही करवा ली थी। उस दौरान देर शाम तक काम चला और रोजाना 70 से अधिक रजिस्ट्री हुई।
अब, नए रेट लागू हो जाने के बाद, तहसील पहुंच रहे हैं वे लोग जिनके लिए रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है या जिन्होंने हाल ही में सौदा तय किया है।
टोकन के लिए भी कम लोग आ रहे हैं। विभाग की तरफ से टोकन और रजिस्ट्री की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। -रविंद्र हुड्डा, कैथल तहसीलदार
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कैथल। नई कलेक्टर दरों ने प्रॉपर्टी बाजार की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। तहसील कार्यालयों में, जहां कुछ दिनों पहले तक जगह रखने की जगह नहीं होती थी, अब वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। नए रेट लागू होने के शुरुआती दो दिनों में केवल 6 रजिस्ट्री दर्ज की गईं, जबकि पहले यह आंकड़ा प्रतिदिन औसतन 50 रजिस्ट्री था।
नए वित्त वर्ष के साथ ही जमीनों के सरकारी रेट (कलेक्टर रेट) में 10 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर स्टांप ड्यूटी और फीस पर पड़ा है। शुक्रवार को तहसील में टोकन लेने वालों की संख्या में भी भारी गिरावट आई और पूरे दिन में केवल 10 टोकन कट सके। तहसील का नजारा बदला हुआ था, वकीलों और दस्तावेज़ लेखकों की मेजें खाली नजर आईं। अधिकारी भी काम के इंतजार में बैठे दिखे।
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हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले हफ्तों में बाजार नई दरों को स्वीकार करेगा और धीरे-धीरे रजिस्ट्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। फिलहाल, बढ़ी हुई दरों ने तहसील की चहल-पहल को शांत कर दिया है।
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अग्रिम प्लानिंग ने कम की भीड़
लोग पहले से ही जानते थे कि अप्रैल से रेट बढ़ने वाले हैं। यही वजह थी कि मार्च के आखिरी सप्ताह में तहसील में भारी भीड़ उमड़ी थी। अधिकांश लोगों ने बढ़ी हुई दरों के आर्थिक बोझ से बचने के लिए अपनी रजिस्ट्री मार्च के अंतिम दिनों में ही करवा ली थी। उस दौरान देर शाम तक काम चला और रोजाना 70 से अधिक रजिस्ट्री हुई।
अब, नए रेट लागू हो जाने के बाद, तहसील पहुंच रहे हैं वे लोग जिनके लिए रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है या जिन्होंने हाल ही में सौदा तय किया है।
टोकन के लिए भी कम लोग आ रहे हैं। विभाग की तरफ से टोकन और रजिस्ट्री की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। -रविंद्र हुड्डा, कैथल तहसीलदार