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Karnal News: रेहड़ी-फड़ी पर भी हो मालिक का नाम
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करनाल। सिटीजंस ग्रीवेंसीज कमेटी की उपभोक्ता संरक्षण एवं आईटीआई उप समिति की बैठक हुई। मानव सेवा संघ में हुई बैठक में शहर में यातायात समस्या, अतिक्रमण और बढ़ते अपराध पर चर्चा की गई। इस दौरान सुझाव रखा गया कि ई-रिक्शा की तरह रेहड़ी फड़ी वालों का भी पंजीकरण हो या उनकी फोटो व नाम रेहड़ी पर चस्पा होना चाहिए। इससे आपराधिक वारदात से बचा जा सकता है।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान एडवोकेट नरेंद्र सुखन ने की। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक लाइटों का समय कई चौराहों पर ठीक नहीं है। प्रशासन इस ओर ध्यान दे और सर्वे करवाकर ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था सुचारू की जाए। सदस्य शाम सुंदर ने कहा कि सेक्टर-13, छह, सात, आठ व सदर बाजार में अतिक्रमण की समस्या बनी है। फड़ी रेहड़ी वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। इस अवसर पर सचिव पारस अरोड़ा, सड़क सुरक्षा एवं नगर स्वच्छता उप समिति के वाइस चेयरमैन केएल विरमानी, केपी सिंह, सतीश मल्होत्रा व शाम सुंदर ने विचार रखे। ब्यू
डीड लेखक वसूल रहे मनमाने दाम
उप चेयरमैन ओपी सचदेवा ने कहा कि डीड लिखने वाले ज्यादा रेट लेते हैं, जबकि सरकारी रेट कुछ और होता है। रेट की सरकारी लिस्ट लगनी चाहिए। देखने में आया है कि कैमिस्ट का लाइसेंस किसी और व्यक्ति के नाम होता है और दुकान पर दूसरा व्यक्ति पर बैठकर काम करता है। समय-समय पर जांच की जानी चाहिए। सीजीसी की चेयरपर्सन अंजु शर्मा ने कहा कि यदि उपभोक्ता सतर्क हों तों अप्रिय घटना से बचा जा सकता है।
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बैठक की अध्यक्षता प्रधान एडवोकेट नरेंद्र सुखन ने की। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक लाइटों का समय कई चौराहों पर ठीक नहीं है। प्रशासन इस ओर ध्यान दे और सर्वे करवाकर ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था सुचारू की जाए। सदस्य शाम सुंदर ने कहा कि सेक्टर-13, छह, सात, आठ व सदर बाजार में अतिक्रमण की समस्या बनी है। फड़ी रेहड़ी वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। इस अवसर पर सचिव पारस अरोड़ा, सड़क सुरक्षा एवं नगर स्वच्छता उप समिति के वाइस चेयरमैन केएल विरमानी, केपी सिंह, सतीश मल्होत्रा व शाम सुंदर ने विचार रखे। ब्यू
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डीड लेखक वसूल रहे मनमाने दाम
उप चेयरमैन ओपी सचदेवा ने कहा कि डीड लिखने वाले ज्यादा रेट लेते हैं, जबकि सरकारी रेट कुछ और होता है। रेट की सरकारी लिस्ट लगनी चाहिए। देखने में आया है कि कैमिस्ट का लाइसेंस किसी और व्यक्ति के नाम होता है और दुकान पर दूसरा व्यक्ति पर बैठकर काम करता है। समय-समय पर जांच की जानी चाहिए। सीजीसी की चेयरपर्सन अंजु शर्मा ने कहा कि यदि उपभोक्ता सतर्क हों तों अप्रिय घटना से बचा जा सकता है।
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