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Karnal News: यमुना का पुराना पुल बन रहा काल, एक माह में सात की जिंदगी खत्म

Mon, 06 Oct 2025 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Mon, 06 Oct 2025 01:44 AM IST
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The old Yamuna bridge is turning deadly, seven lives lost in a month.
उमेश कुमार
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सनौली। सनौली बार्डर यमुना नदी का पुराना पुल लोगों का काल बन गया है। कई जगहों पर रेलिंग टूटी है। एक माह में तीसरी बार इस पुल से छलांग लगाकर लोगों ने अपनी जिंदगी को यमुना की लहरों में खत्म कर लिया है।

6 सितंबर को समालखा निवासी मेडिकल के छात्र हिमांशु ने इसी पुराने पुल से यमुना में कूदकर जिंदगी खत्म कर ली थी। एक सप्ताह बाद उसका शव बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र में बरामद हुआ। इसके बाद 17 सितंबर को एक अज्ञात युवक ने भी इसी पुल से छलांग लगाई, जिसका आज तक सुराग नहीं मिला। अब सलमान और उसके बच्चों की यह तीसरी घटना ने यमुना के इस पुराने पुल को मौत का पर्याय बना दिया है। हैरानी की बात यह है कि पुराने पुल पर आवागमन बंद होने के बावजूद लोग पैदल यहां से गुजरते हैं। न कोई देखरेख न कोई ठोस कदम जो इस पुल को आत्महत्या का अड्डा बनने से रोक सके। स्थानीय लोग बताते हैं कि अधिकतर पैदल यात्री ही इस पुल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते यह अब जिंदगी के लिए काल बन चुका है।
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गोताखोर साजिद ने बताया कि उनकी यमुना नदी पर कोई स्थायी नियुक्ति नहीं है। कांवड़ यात्रा या अन्य पर्वों पर हमें बुलाया जाता है। लेकिन परिवार का गुजारा चलाने के लिए हमें रोजी-रोटी के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। हर समय यमुना पर नहीं रह सकते। मुस्तकीम ने बताया कि अगर हम उस वक्त यमुना पर होते तो सलमान और उसके बच्चों की जान बचा लेते। लेकिन हम हर समय यहां नहीं रह सकते। वह अपने साथियों के साथ इंसानियत के नाते डूबने वालों की तलाश करते हैं मगर हादसों के वक्त पहुंचने में देरी हो जाती है। उनकी मांग है कि यदि गोताखोरों की स्थायी नियुक्ति या मानदेय की व्यवस्था हो तो यमुना में होने वाले हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। हर साल यमुना नदी में दर्जनों लोगों की जान चली जाती है। -संवाद
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ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ यमुना में उतरे गोताखोर

यमुना में कूदे सलमान और उसके चारों बच्चों की तलाश में प्राइवेट व फ्लड पीएसी के जवानों को लगाया गया। शाम तक भी गोताखोरों को पिता सलमान और बड़ी बेटी महक का शव बरामद हो पाया है मगर अभी तीन बच्चों को यमुना में तलाश किया जा रहा है। इसी के चलते देर शाम प्रशासन ने समुद्री गोताखोरों को बुलाया है। वे ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ यमुना में तलाश कर रहे हैं।
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