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Karnal News: जिले में बढ़ी बेटियों की संख्या, 934 पर पहुंचा लिंगानुपात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2024 02:42 AM IST
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The number of daughters increased in the district, sex ratio reached 934
राकेश चौहान
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करनाल। जिले में बेटियों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अक्तूबर तक जिले का लिंगानुपात 934 दर्ज किया गया है। यानी एक हजार लड़कों के पीछे 934 लड़कियां है। जो पिछले वर्ष से 35 अंक बढ़ा है। पिछले वर्ष अक्तूबर में जिले का लिंगानुपात 899 था। यदि प्रदेश की बात करें तो करनाल जिला चौथे स्थान पर है। सबसे ज्यादा लिंगानुपात 944 यमुनानगर और सबसे कम गुरुग्राम का 859 है। लिंगानुपात के मामले में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम काफी गंभीर है। जिले की गर्भवती महिलाओं द्वारा यूपी में जाकर भ्रूण जांच कराई जाती थी और गर्भपात भी कराया जाता है। ऐसे कई मामले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहले पकड़े भी है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के कारण ही जिले का लिंगानुपात में सुधार आ रहा है। संवाद

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सूचना देने वाले को दिए जाते हैं एक लाख रुपये
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटियों को भी सम्मानित किया जाता है। जिस गांव का लिंगानुपात सबसे अच्छा होता है, या जिसमें काफी सुधार होता है। उस गांव की उन बेटियों को सम्मानित किया जाता है। जो बोर्ड की कक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त करती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह भी निर्देश जारी है कि जो भी व्यक्ति भ्रूण जांच व गर्भपात जांच की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देता है और वह सूचना कंफर्म होती है तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुप्त सूचना देने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
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जागरूकता शिविर लगाने की जरुरत
अधिवक्ता हरीश आर्य का कहना है कि जिले के लिंगानुपात को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि गर्भवती महिला के साथ साथ उनके परिवार के सदस्यों सास, ससुर, पति को भी जागरूक करें। उन्हें बताएं बेटियां किसी से कम नहीं है। बेटा और बेटी को एक सामान समझें क्योंकि जब महिला सहित उसके परिवार के सदस्य बेटियों के प्रति जागरूक होंगे तो भ्रूण जांच का खेल अपने आप ही बंद हो जाएगा। कई केसों में सामने आया है कि किसी महिला को पहले से ही एक या दो बेटी होती है तो परिवार के सदस्य भ्रूण जांच के लिए दलालों से संपर्क करते हैं।
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इन जिलों का ये है लिंगानुपात

जिला - लिंगानुपात
यमुनानगर
944
सिरसा 942
फतेहाबाद
940
करनाल 934
नूंह
924
झज्जर 924
कुरुक्षेत्र 914
कैथल 913
हिसार 909
पंचकूला 909
पलवल 908
अंबाला 904
भिवानी 902
जींद
901
सोनीपत 900
फरीदाबाद
900
महेंद्रगढ़ 896
पानीपत 890
रोहतक 880
चरखी दादरी
873
रेवाड़ी 868
गुरुग्राम 859


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स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिंगानुपात में सुधार को लेकर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उसी का परिणाम है कि लिंगानुपात निरंतर सुधार की ओर है। आशा वर्करों को गर्भवती महिलाओं के तुरंत पंजीकरण के सख्ती से निर्देश दिए गए हैं।
डाॅ. शीनू चौधरी, डिप्टी सिविल सर्जन
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