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Karnal News: हरियाणा के ऊधम सिंह का पार्थिव शव दुबई से अमृतसर पहुंचा
Thu, 26 Sep 2024 07:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 26 Sep 2024 07:10 AM IST
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अमृतसर। दुबई के कारोबारी और सरबत का भला चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख डॉ. एसपी सिंह ओबरॉय के प्रयासों से बुधवार को हरियाणा के जिला अंबाला के गांव बहीटा के साथ संबंधित 41 वर्षीय ऊधम सिंह पुत्र कृपाल सिंह का पार्थिव शरीर दुबई से श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर पर पहुंचा।
डॉ. एसपी सिंह ओबरॉय ने बताया कि उधम सिंह भी अन्य युवाओं की तरह अपने बेहतर भविष्य के सपने लेकर करीब 5 वर्ष पहले दुबई आया था। उसकी गत जुलाई महीने में संदिग्ध हालात में उसकी मृत्यु हो गई। ऊधम सिंह का पार्थिव शव लावारिस हालत में मिलने पर भारतीय दूत घर की तरफ से गत 20 अगस्त के करीब उनके साथ संपर्क करके उनको ऊधम सिंह के परिजनों को यह सूचना देने के लिए कहा गया था। ऊधम सिंह के पार्थिव शरीर से कोई पहचान पत्र न मिलने के कारण उसकी पहचान उसके अंगूठे को स्कैन करने के बाद हुई थी। उन्होंने सरबत का भला ट्रस्ट की हरियाणा इकाई के नुमाइंदे लखविंदरपाल सिंह ग्रेवाल के माध्यम से मृतक के परिजनों के साथ संपर्क करके उनके साथ हुई इस अनहोनी से अवगत करवाया था। उनके द्वारा दुबई स्थित अपनी टीम की तरफ से उधम सिंह का पार्थिव शव भारत भेजने के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई भारतीय दूतावास के सहयोग के साथ पूरी करने के बाद, उसके पार्थिव शब्द को भारत भेजा गया है।
डॉ. ओबरॉय ने बताया कि पार्थिव शव भारत भेजने के लिए आया खर्च उनकी संस्था ही करती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून मुताबिक यह खर्च उनको कुछ समय बाद सरकार की तरफ से प्राप्त हो जाएगा। ऊधम सिंह की दो मासूम बेटियों और पत्नी के लिए 2000 रुपये मासिक पेंशन शुरू कर दी गई है। पीड़ित परिवार के साथ हवाई अड्डे पर दुख व्यक्त करने पहुंची संस्था की अमृतसर टीम की तरफ से पंजाब अध्य्क्ष सुखजिंदर सिंह हेर, माझा जोन के सलाहकार सुखदीप सिंह सिद्धू, महासचिव मनप्रीत सिंह संधू ने बताया कि संस्था के प्रयासों से अब तक 375 के करीब लोगों के पार्थिव शव परिजनों तक पहुंचाए जा चुके हैं। इस दौरान हवाई अड्डे पर हरियाणा से पार्थिव शव लेने पहुंचे ऊधम सिंह के पिता कृपाल सिंह और दोस्त गुरप्रीत सिंह ने डॉ. एसपी सिंह ओबेरॉय का इस बड़े प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों की बदौलत ही उनके परिवार को ऊधम सिंह के अंतिम दर्शन नसीब हुए हैं।
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डॉ. एसपी सिंह ओबरॉय ने बताया कि उधम सिंह भी अन्य युवाओं की तरह अपने बेहतर भविष्य के सपने लेकर करीब 5 वर्ष पहले दुबई आया था। उसकी गत जुलाई महीने में संदिग्ध हालात में उसकी मृत्यु हो गई। ऊधम सिंह का पार्थिव शव लावारिस हालत में मिलने पर भारतीय दूत घर की तरफ से गत 20 अगस्त के करीब उनके साथ संपर्क करके उनको ऊधम सिंह के परिजनों को यह सूचना देने के लिए कहा गया था। ऊधम सिंह के पार्थिव शरीर से कोई पहचान पत्र न मिलने के कारण उसकी पहचान उसके अंगूठे को स्कैन करने के बाद हुई थी। उन्होंने सरबत का भला ट्रस्ट की हरियाणा इकाई के नुमाइंदे लखविंदरपाल सिंह ग्रेवाल के माध्यम से मृतक के परिजनों के साथ संपर्क करके उनके साथ हुई इस अनहोनी से अवगत करवाया था। उनके द्वारा दुबई स्थित अपनी टीम की तरफ से उधम सिंह का पार्थिव शव भारत भेजने के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई भारतीय दूतावास के सहयोग के साथ पूरी करने के बाद, उसके पार्थिव शब्द को भारत भेजा गया है।
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डॉ. ओबरॉय ने बताया कि पार्थिव शव भारत भेजने के लिए आया खर्च उनकी संस्था ही करती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून मुताबिक यह खर्च उनको कुछ समय बाद सरकार की तरफ से प्राप्त हो जाएगा। ऊधम सिंह की दो मासूम बेटियों और पत्नी के लिए 2000 रुपये मासिक पेंशन शुरू कर दी गई है। पीड़ित परिवार के साथ हवाई अड्डे पर दुख व्यक्त करने पहुंची संस्था की अमृतसर टीम की तरफ से पंजाब अध्य्क्ष सुखजिंदर सिंह हेर, माझा जोन के सलाहकार सुखदीप सिंह सिद्धू, महासचिव मनप्रीत सिंह संधू ने बताया कि संस्था के प्रयासों से अब तक 375 के करीब लोगों के पार्थिव शव परिजनों तक पहुंचाए जा चुके हैं। इस दौरान हवाई अड्डे पर हरियाणा से पार्थिव शव लेने पहुंचे ऊधम सिंह के पिता कृपाल सिंह और दोस्त गुरप्रीत सिंह ने डॉ. एसपी सिंह ओबेरॉय का इस बड़े प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों की बदौलत ही उनके परिवार को ऊधम सिंह के अंतिम दर्शन नसीब हुए हैं।
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