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Karnal News: मजदूर की बेटी ने 12 घंटे पढ़कर सेल्फ स्टडी से पाया मुकाम
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मेहनत और लगन हो तो मंजिल मिल ही जाती है। कुछ ऐसी ही कहानी है हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा में प्रदेश में तृतीय रही बेटी ज्योति रानी की। जो अपनी मेहनत से हमेशा स्कूल की कक्षा में कभी पहले और दूसरे स्थान पर रहती थी। इस बार बोर्ड परीक्षा में 496 अंक से न केवल करनाल जिला टॉपर बनी, बल्कि जिले का नाम भी प्रदेश स्तर पर रोशन किया।
दुकान पर मजदूरी करने वाले पिता जसविंद्र सिंह और गृहिणी मां रीना रानी की बेटी ज्योति रानी ने बिना कोचिंग मुकाम पाया है। आनंद पब्लिक स्कूल निगदू में पढ़ाई करने के बाद वह घर आकर सेल्फ स्टडी करती थी। रोजाना करीब 12 घंटे की लगातार मेहनत से उसने सफलता पाई है। बेटी का आईपीएस अफसर बनने का सपना है। पुलिस की खाकी वर्दी और कंधे पर आईपीएस लिखे बैज उसे आकर्षित करते हैं। 11वीं में छात्रा ने इसी स्कूल में नॉन मेडिकल में दाखिला लिया है। ज्योति अपने पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी है। अपनी पढ़ाई के दौरान ही वह अपने से छोटी तीन बहनों और छोटे भाई भी पढ़ाती है।
बाबा साहिब डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रा के आदर्श हैं। उनका कहना है कि बाबा साहिब सभी को एक जैसा मानते थे, इसलिए वह भी सभी को एक जैसा मानते हुए समाज में बदलाव लाएगी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों और गुरुजनों को दिया है। छात्रा के तीन विषयों में 100 में से 100 अंक हैं। सामाजिक विज्ञान, गणित और पंजाबी में 100, अंग्रेजी में 99, विज्ञान में 97 और हिंदी में 96 अंक हैं।
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करनाल। मेहनत और लगन हो तो मंजिल मिल ही जाती है। कुछ ऐसी ही कहानी है हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा में प्रदेश में तृतीय रही बेटी ज्योति रानी की। जो अपनी मेहनत से हमेशा स्कूल की कक्षा में कभी पहले और दूसरे स्थान पर रहती थी। इस बार बोर्ड परीक्षा में 496 अंक से न केवल करनाल जिला टॉपर बनी, बल्कि जिले का नाम भी प्रदेश स्तर पर रोशन किया।
दुकान पर मजदूरी करने वाले पिता जसविंद्र सिंह और गृहिणी मां रीना रानी की बेटी ज्योति रानी ने बिना कोचिंग मुकाम पाया है। आनंद पब्लिक स्कूल निगदू में पढ़ाई करने के बाद वह घर आकर सेल्फ स्टडी करती थी। रोजाना करीब 12 घंटे की लगातार मेहनत से उसने सफलता पाई है। बेटी का आईपीएस अफसर बनने का सपना है। पुलिस की खाकी वर्दी और कंधे पर आईपीएस लिखे बैज उसे आकर्षित करते हैं। 11वीं में छात्रा ने इसी स्कूल में नॉन मेडिकल में दाखिला लिया है। ज्योति अपने पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी है। अपनी पढ़ाई के दौरान ही वह अपने से छोटी तीन बहनों और छोटे भाई भी पढ़ाती है।
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बाबा साहिब डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रा के आदर्श हैं। उनका कहना है कि बाबा साहिब सभी को एक जैसा मानते थे, इसलिए वह भी सभी को एक जैसा मानते हुए समाज में बदलाव लाएगी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों और गुरुजनों को दिया है। छात्रा के तीन विषयों में 100 में से 100 अंक हैं। सामाजिक विज्ञान, गणित और पंजाबी में 100, अंग्रेजी में 99, विज्ञान में 97 और हिंदी में 96 अंक हैं।
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