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Karnal News: खत्म होगी मटका चौक की पहचान, अब महर्षि दयानंद के नाम
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खत्म होगी मटका चौक की पहचान, अब महर्षि दयानंद के नाम
- नगर निगम की अनुमति से केंद्रीय आर्य सभा ने मटका दूसरे स्थल पर कराया स्थानांतरित
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब शहर के मटका चौक की पहचान बदल जाएगी, क्योंकि शनिवार को नगर निगम की अनुमति से मटके को हटवाकर वार्ड-10 में ही दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। अब यह चौक महर्षि दयानंद के नाम से जाना जाएगा। आर्य केंद्रीय सभा यहां वेदों व सत्यार्थ प्रकाश के प्रतिबिंब स्थापित कराने की योजना बना रही है।
वार्ड-10 अंतर्गत आने वाले कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से निक्का सिंह चौक तक की मुख्य सड़क पर पेट्रोल पंप के निकट तिराहे का ये चौक मटका चौक के नाम से प्रसिद्ध हो गया। हालांकि नगर निगम हाउस की बैठक में 2015 में ही इस चौक का नाम महर्षि स्वामी दयानंद चौक रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन इसके बाद 2018 में नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च करके यहां एक सुंदर मटका रखवा दिया। जो हरियाणा की दूध दही की संस्कृति से जुड़ा होने के कारण जल्द प्रसिद्ध हो गया। भले ही यहां स्वामी दयानंद चौक का बोर्ड लगा है, लेकिन इसकी पहचान मटका चौक से ही होती रही है।
पिछले दिनों फिर केंद्रीय आर्य सभा व अन्य आर्य समाजी संस्थाओं ने चौक को उन्हें सौंपे जाने का दबाव बनाया तो पिछली बैठक में ये प्रस्ताव सदन ने पारित किया कि चौक को केंद्रीय आर्य सभा को सौंप दिया जाए।
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दूसरी जगह पर रखवाया
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि नगर निगम हाउस की बैठक के निर्णय के अनुसार ही चौक पर लगे मटके को इसी वार्ड में दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। वहीं, पार्षद वीर विक्रम सिंह ने बताया कि काफी समय से संस्था प्रयास कर रही थी, जिसके बाद आज चौक से मटका हटवा कर दूसरे स्थान पर भेजा गया है।
सजाने की करेंगे तैयारी
केंद्रीय आर्य सभा के महासचिव स्वतंत्र कुकरेजा ने बताया कि उनकी संस्थान ने अपने खर्चे पर मटका को स्थानांतरित कराया है। अब चौक स्थल खाली हो गया है। फरवरी-मार्च में महर्षि स्वामी दयानंद जी का 200वां जयंती समारोह आयोजित किया जाना है। इससे पहले ही स्वामी दयानंद चौक की साज सज्जा पूर्ण कर ली जाएगी। यहां पर चारों वेदों व सत्यार्थ प्रकाश का कृषि प्रतिबिंब स्थापित करने की योजना है।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब शहर के मटका चौक की पहचान बदल जाएगी, क्योंकि शनिवार को नगर निगम की अनुमति से मटके को हटवाकर वार्ड-10 में ही दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। अब यह चौक महर्षि दयानंद के नाम से जाना जाएगा। आर्य केंद्रीय सभा यहां वेदों व सत्यार्थ प्रकाश के प्रतिबिंब स्थापित कराने की योजना बना रही है।
वार्ड-10 अंतर्गत आने वाले कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से निक्का सिंह चौक तक की मुख्य सड़क पर पेट्रोल पंप के निकट तिराहे का ये चौक मटका चौक के नाम से प्रसिद्ध हो गया। हालांकि नगर निगम हाउस की बैठक में 2015 में ही इस चौक का नाम महर्षि स्वामी दयानंद चौक रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन इसके बाद 2018 में नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च करके यहां एक सुंदर मटका रखवा दिया। जो हरियाणा की दूध दही की संस्कृति से जुड़ा होने के कारण जल्द प्रसिद्ध हो गया। भले ही यहां स्वामी दयानंद चौक का बोर्ड लगा है, लेकिन इसकी पहचान मटका चौक से ही होती रही है।
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पिछले दिनों फिर केंद्रीय आर्य सभा व अन्य आर्य समाजी संस्थाओं ने चौक को उन्हें सौंपे जाने का दबाव बनाया तो पिछली बैठक में ये प्रस्ताव सदन ने पारित किया कि चौक को केंद्रीय आर्य सभा को सौंप दिया जाए।
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दूसरी जगह पर रखवाया
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि नगर निगम हाउस की बैठक के निर्णय के अनुसार ही चौक पर लगे मटके को इसी वार्ड में दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। वहीं, पार्षद वीर विक्रम सिंह ने बताया कि काफी समय से संस्था प्रयास कर रही थी, जिसके बाद आज चौक से मटका हटवा कर दूसरे स्थान पर भेजा गया है।
सजाने की करेंगे तैयारी
केंद्रीय आर्य सभा के महासचिव स्वतंत्र कुकरेजा ने बताया कि उनकी संस्थान ने अपने खर्चे पर मटका को स्थानांतरित कराया है। अब चौक स्थल खाली हो गया है। फरवरी-मार्च में महर्षि स्वामी दयानंद जी का 200वां जयंती समारोह आयोजित किया जाना है। इससे पहले ही स्वामी दयानंद चौक की साज सज्जा पूर्ण कर ली जाएगी। यहां पर चारों वेदों व सत्यार्थ प्रकाश का कृषि प्रतिबिंब स्थापित करने की योजना है।