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Karnal News: राज्यपाल ने पूछा- करनाल का नाम कैसे पड़ा
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हरियाणा राज्यपाल आशिम कुमार घोष का स्वागत करते अंसध एसडीएत राहुल। प्रवक्ता
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सोनीपत की दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मुरथल (सोनीपत) जाते समय रविवार शाम को हरियाणा के राज्यपाल असीम घोष कर्ण लेक पर कुछ देर के लिए रुके। जिला प्रशासन की ओर से असंध एसडीएम राहुल ने उनका स्वागत किया। यहां कुछ देर रुकने के बाद राज्यपाल सोनीपत की ओर चले गए। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष भी थीं।
राज्यपाल ने एसडीएम से करनाल के इतिहास और धान की खेती के बारे में जानकारी ली। यह भी पूछा कि करनाल का नाम कैसे पड़ा? करनाल देश में धान का कटोरा के रूप में विख्यात है। इस अवसर पर श्रवण एवं वाणी निशक्त केंद्र की चेयरपर्सन मेघा भंडारी ने भी राज्यपाल और उनकी पत्नी का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। एडवोकेट विजय पाल ने भी राज्यपाल को पटका पहनाया। मौके पर नीलोखेड़ी के एसडीएम अशोक कुमार भी मौजूद रहे।
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करनाल। सोनीपत की दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मुरथल (सोनीपत) जाते समय रविवार शाम को हरियाणा के राज्यपाल असीम घोष कर्ण लेक पर कुछ देर के लिए रुके। जिला प्रशासन की ओर से असंध एसडीएम राहुल ने उनका स्वागत किया। यहां कुछ देर रुकने के बाद राज्यपाल सोनीपत की ओर चले गए। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष भी थीं।
राज्यपाल ने एसडीएम से करनाल के इतिहास और धान की खेती के बारे में जानकारी ली। यह भी पूछा कि करनाल का नाम कैसे पड़ा? करनाल देश में धान का कटोरा के रूप में विख्यात है। इस अवसर पर श्रवण एवं वाणी निशक्त केंद्र की चेयरपर्सन मेघा भंडारी ने भी राज्यपाल और उनकी पत्नी का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। एडवोकेट विजय पाल ने भी राज्यपाल को पटका पहनाया। मौके पर नीलोखेड़ी के एसडीएम अशोक कुमार भी मौजूद रहे।
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