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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The government took it out on the staff

कर्मचारियों ने सरकार पर निकाली भड़ास

Thu, 26 Nov 2015 12:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल Updated Thu, 26 Nov 2015 12:55 AM IST
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सेक्टर-12 स्थित हुडा ग्राउंड में बुधवार को अपनी मांगों को लेकर पहुंचे हजारों कर्मचारियों ने जमकर सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। खचाखच भरे ग्राउंड के कारण जहां कर्मचारी नेता उत्साहित दिखाई दिए, वहीं यह सरकार के लिए जरूर परेशानी भरा रहा।

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दिनभर आशंकाओं के चलते प्रशासन अलर्ट रहा, गनीमत रही कि प्रशासन और कर्मचारी आमने सामने नहीं हुए। न कोई ज्ञापन दिया गया और न ही कोई घेराव और जाम किया गया। बस मंच से सरकार को चेतावनी दी। रैली को लेकर शहर के सभी चौक चौराहों व वीआईपी स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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रैली में कर्मचारियों व नेताओं ने जमकर सीएम मनोहर लाल पर शब्द बाण छोड़े। अच्छे दिनों के वायदे करके सत्ता संभालने वाले भाजपा नेताओं पर कर्मचारियों ने तंज भी कसे। किसी ने शेयरों शायरी से सरकार को कोसा तो किसी ने कविता और रागिनी के माध्यम से। चेतावनी रैली की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मबीर फौगाट ने की और एक-एक कर्मचारी नेता ने अपने-अपने विभागों की मांगे गिनवाते हुए प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी की पोल खोली।
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कड़ी रही सुरक्षा
सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। डीएससी जितेंद्र गहलावत सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने बार-बार चर्चा करके अलग-अलग जगह पर तैनात होकर कर्मचारियों पर नजर रखी। उधर, खुफिया तंत्र भी दिनभर अलर्ट रहा और पल-पल की सूचना आला अधिकारियों को देता नजर आया। हालांकि, रैली के दौरान कोई भी ऐसा क्षण नहीं आया कि जिससे पुलिस की जरूरत पड़े।

निर्णयों पर सरकार को कोसा
सर्वकर्मचारी संघ के प्रेस सचिव मास्टर वजीर सिंह ने 350 प्राथमिक स्कूलों को बंद करने, गेस्ट टीचरों को ड्यूटी पर न लेेने व ड्राइंग टीचरों से 29 नवंबर को पुन: टेस्ट के नाम पर नौकरी से हटाने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की। संघ की उपप्रधान सबिता ने महिला कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने और महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। संघ के उपप्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार से ठेका प्रथा समाप्त करने और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें संघ की मांग अनुसार सरकारी विभागों के साथ-साथ नगर निगमों, बोर्डों, निगमों व विश्वविद्यालयों में जनवरी 2016 से लागू करने की मांग की।

विश्वविद्यालयों के नेता मान सिंह ने विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों की विसंगतियां दूर न करने पर नाराजगी जताई। हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव सतीश सेठी ने पंजाब के समान वेतनमान अभी तक न देने पर कड़ी नाराजगी जताई। उप महासचिव जीवन सिंह ने कहा कि सरकार एकता तोड़ने के प्रयास त्यागकर कर्मचारियों के मसले निपटाए। कर्मचारी महिला नेता शकुंतला ने कहा कि पूंजीपतियों और सरकार के विधायक, मंत्रियों के अच्छे दिन आए हैं, जबकि कर्मचारियों के माड़े दिन आ गए।

सरकार ने चुनाव घोषणा पत्र में कर्मचारियों से किये वायदे
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि अक्तूबर 2014 में हुए विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा सरकार द्वारा किए गए घोषणा पत्र में गेस्ट टीचरों सहित अन्य अनियमित कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने, पंजाब के समान वेतनमान देने, सभी सरकारी कर्मचारियों के बच्चों के लिए दिया जाने वाला शिशु शिक्षा भत्ता 500 से लेकर 1000 करने, सरकारी प्रणाली में ठेका प्रथा को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के पक्ष में संशोधन करने, सभी विभागों के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर करने व पदोन्नति नीतियों की खामियों को दूर करने और 15 हजार रुपये मासिक वेतन न्यूनतम देने के वायदे किए गए थे।

घोषणा पत्र में किए वादों के विपरीत कार्य करके कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर किया। गेस्ट टीचरों को पक्का करने के वायदे के विपरीत 4073 गेस्ट टीचरों, 1428 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मियों, 2852 कंप्यूटर टीचरों, 2622 लैब सहायकों, 230 पब्लिक हेल्थ से डीआरसी, 5 हजार से अधिक प्रेरक टीचरों, 211 स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया। सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार की उन जनविरोधी आऊटसोर्सिंग व ठेकाप्रथा की नीतियों को आगे बढ़ा रही है, जिसका वे लगातार विरोध कर रही थी।


इन कर्मचारी नेताओं ने भरा जोश
चेतावनी रैली को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य कमेटी के नेता नरेश शास्त्री, डॉ. हितेष, बलबीर सिंह, राजबीर बेरवाल, सुनीता कालीरमण, सुखदेव, रतन जिंदल, श्रीपाल भाटी, राजेंद्र जुलाना, महेंद्र बोहत, अशोक बोहत, होशियार सिंह राणा, राजेश ढुल, अशोक शर्मा, धर्मवीर हुड्डा, देवेंद्र हुड्डा, कृष्णलाल सागर, रामफल दहिया, राजकुमार वर्मा, रमेश लौरा, लाजवंती, अरविंद यादव, शीलकराम मलिक, विजयपाल सिंह, नरेश धनखड़, विक्रम सिंह, बलवान सिंह राठी, हरीश कुमार, दुलीचंद यादव, बलवीर सिंह संधु, बेगराज, एनपी सिंह चौहान, करतार सिंह ग्रेवाल, जयसिंह, रणधीर सिंह कटारिया, आनंद राणा, राजेश कुमार, राजवीर मलिक, योगेंद्र संधु, सूरजभान, रवि कुमार, रामकुमार गुर्जर, शकुंतला, प्रवेश कुमारी, सरोज, बिजेंद्र बेनीवाल, जयभगवान आदि ने संबोधित किया।

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