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खेत से लेकर मंडी तक आफत से जूझता रहा अन्नदाता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 12:52 PM IST
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the farmer face many problem's during corona time
कोविड काल अन्नदाताओं के लिए भी आफत से कम नहीं था। पिछले साल भी गेहूं का सीजन सिर पर था। खरीद शुरू होने से पहले लॉकडाउन लग गया था। अब सरकार के लिए गेहूं की खरीद चुनौती थी। किसान भी मौसम के डर से न तो फसल खेत में छोड़ सकता था और न ही काटकर घर पर रख सकता था। ऐसे में हरियाणा सरकार ने एक खास पहल की। प्रदेश के गांवों की मैपिंग कर हर 4 से 5 किलोमीटर के दायरे में अस्थायी अनाज मंडियां व खरीद केंद्र बनाए गए। जहां किसानों ने खासी परेशानियों और इंतजार के बाद अपना अनाज बेचा। अब गेहूं खरीद फिर शुरू होने वाली है और कोरोना फिर से करवट ले चुका है। अब फिर से सरकार के लिए गेहूं की खरीद और किसानों के लिए अपनी फसल को बेचना बड़ी चुनौती बन गया है।
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श्रमिकों का रहा था टोटा
लॉकडाउन के चलते पिछली बार प्रशासन ने अस्थायी मंडियों की व्यवस्था की थी। यह मंडियां चार से पांच किमी की दूरी पर स्थापित की गईं थीं। किसानों को फसल बेचने में आसानी रहे इसलिए टोकन सिस्टम भी लागू किया था। लेकिन लॉकडाउन के चलते किसानों को इन अस्थायी मंडियों में उस तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकीं, इस कारण उन्हें फसल बेचने में समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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-राकेश बैंस कुरुक्षेत्र
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समय से नहीं मिला था भुगतान
पिछली बार किसानों को मंडी में फसल बेचने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। अस्थायी मंडियों में न पेयजल की सुविधा मिली और न ही वहां किसानों के लिए खाने-पीने का कोई इंतजाम था। किसानों को फसल बिक भी जाती तो उसका समय से उठान न होने के कारण उन्हें समय से भुगतान नहीं मिल सका। जिस कारण उन्हें आर्थिक समस्या झेलनी पड़ी। इस बार प्रशासन ने क्या व्यवस्था की है अभी आने वाला समय ही बताएगा।
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करनैल सिंह बरनाला, अंबाला
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फिर सरकार सुरक्षित खरीद की प्लानिंग बनाए
कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पिछली बार अस्थायी मंडियों की व्यवस्था थी। मंडियों में कई मूलभूत सुविधाएं का भी अभाव था। इस बार अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। यदि अनाज मंडी में गेहूं की खरीद होती है तो किसानों की भारी भीड़ रहेगी। ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ जाएगा। प्रशासन को चाहिए कि इस बार कुछ इस तरह की व्यवस्था की जाए कि मंडी में पहुंचने वाले किसानों को समस्या न हो।

- अमरजीत सिंह, किसान
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इस बार कैसे बिकेगी गेहूं, सरकार करे स्पष्ट
पहले टोकन सिस्टम से मंडी में गेहूं बेचने की व्यवस्था की गयी थी। लेकिन इस बार भी यह व्यवस्था लागू रहेगी। इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है, क्योंकि टोकन सिस्टम से फसल बेचने में आसानी रहती है। साथ ही मंडी में उतने ही किसान फसल बेचने पहुंचते थे जिनके पास टोकन होता था। लेकिन इस बार प्रशासन कुछ इस तरह की व्यवस्था करे। ताकि मंडी में पहुंचने वाले किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी रहे।
-गुरपाल सिंह, किसान
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