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Karnal News: मार्च के दूसरे सप्ताह में होगी तीसरी कक्षा के बच्चों की दक्षता जांच

Fri, 20 Feb 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 20 Feb 2026 01:35 AM IST
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The efficiency test of class 3 students will be conducted in the second week of March.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिले में प्राथमिक स्तर की शिक्षा की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मार्च के दूसरे सप्ताह में एफएलएस (फाउंडेशन साक्षरता अध्ययन) कराया जाएगा। इसके तहत तीसरी तक के बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी दक्षताओं की जांच की जाएगी। चयनित विद्यालयों के परिणामों के आधार पर पूरे जिले की शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन होगा। उसी रिपोर्ट के अनुसार, आगे नई शैक्षणिक योजनाएं और सुधार कार्यक्रम लागू किए जाएंगे।
इससे पहले ऐसा अध्ययन वर्ष 2022 में हुआ था और अब लगभग तीन वर्ष बाद इसे दोबारा कराया जा रहा है। केंद्र स्तर से जिले के सभी 483 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों का ब्योरा मांगा गया है। इसके आधार पर टीम बिना पूर्व चयन तरीके से कुछ विद्यालयों का चयन करेगी। कौन सा विद्यालय चुना जाएगा, यह पहले से तय नहीं होगा। टीम सीधे विद्यालय में पहुंचकर बच्चों का सरल परीक्षण करेगी, ताकि शिक्षा की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। जिन विद्यालयों का चयन होगा, उन्हीं के परिणामों के आधार पर पूरे जिले की शिक्षा की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को बच्चों की बुनियादी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों से नियमित पठन-अभ्यास, लेखन-अभ्यास और सरल गणित गतिविधियां करवाने को कहा गया है।
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रटने नहीं, समझने की क्षमता पर रहेगा जोर
इस अध्ययन में बच्चों से कठिन परीक्षा नहीं ली जाएगी। उनसे सरल गतिविधियों के माध्यम से यह देखा जाएगा कि बच्चा पुस्तक का छोटा पाठ पढ़ सकता है या नहीं, पढ़कर उसका अर्थ समझता है या नहीं, सही ढंग से लिख पाता है या नहीं, जोड़-घटाव जैसे सामान्य प्रश्न हल कर पाता है या नहीं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक कक्षाओं में ही पढ़ना-लिखना और गणना की मजबूत नींव पड़ती है। यदि यह आधार मजबूत हो, तो आगे की पढ़ाई अपने आप आसान हो जाती है। इस अध्ययन का उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं है। प्राप्त परिणामों के आधार पर जिले में नई शैक्षणिक योजनाएं, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, अतिरिक्त कक्षाएं और सुधारात्मक पहल शुरू की जाएंगी। जहां बच्चों की सीख कमजोर मिलेगी, वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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- ये है एफएलएस (फाउंडेशन साक्षरता अध्ययन)-

प्रामिक कक्षाओं के बच्चों की बुनियादी सीख का आकलन।

पढ़ना, लिखना और गणित की आधारभूत क्षमता की जांच
रैंडम चयन से विद्यालयों का मूल्यांकन, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आए

परिणामों के आधार पर शिक्षा सुधार की रणनीति तैयार करना



वर्जन :
बुनियादी पढ़ाई मजबूत होगी तो आगे की शिक्षा अपने आप बेहतर होगी। आकलन मार्च के दूसरे सप्ताह में किया जाएगा। यह अध्ययन बच्चों की वास्तविक सीख को समझने का माध्यम बनेगा। सभी विद्यालयों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
- अंशुल, एफएलएन अधिकारी
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