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Karnal News: शिक्षा विभाग ने जारी किए राजकीय स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन के निर्देश
Wed, 08 Apr 2026 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:57 PM IST
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- हर गतिविधि और प्रयोग का रिकॉर्ड लॉग बुक में अनिवार्य रूप से करना होगा दर्ज, खंड शिक्षा अधिकारी सुनिश्चित करेंगे पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में अब विज्ञान शिक्षा को पूरी तरह प्रयोगात्मक और गतिविधि-आधारित बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं। विभाग की ओर से सभी सरकारी स्कूलों की विज्ञान प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाएं।
नए निर्देशों के तहत अब विज्ञान पढ़ाई केवल सैद्धांतिक नहीं रहेगी, बल्कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रयोग, मॉडल निर्माण, प्रोजेक्ट कार्य और नवाचार गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। सबसे अहम बदलाव यह किया गया है कि हर गतिविधि और प्रयोग का रिकॉर्ड लॉग बुक में अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा स्कूलों में सुझाव पेटी स्थापित करने, दीवार पत्रिका या सूचना बोर्ड के माध्यम से नई वैज्ञानिक जानकारियां प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी प्रयोगशालाओं में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और आवश्यक सुरक्षा निर्देशों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
- प्रार्थना सभा में विज्ञान उपकरणों के होंगे प्रदर्शन
विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए प्रयोगशाला दर्शन कार्यक्रम भी लागू किया गया है। इसके तहत सप्ताह में दो दिन प्रार्थना सभा के दौरान विज्ञान उपकरणों का प्रदर्शन, छोटे-छोटे प्रयोग और रोचक गतिविधियां करवाई जाएंगी। इन गतिविधियों की रिपोर्ट और फोटो भी नियमित रूप से संधारित किए जाएंगे और इसके लिए प्रत्येक स्कूल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
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- समय-समय पर किया जाएगा निरीक्षण
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि विज्ञान प्रयोगशालाओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। ताकि विद्यार्थियों को अधिक से अधिक प्रायोगिक ज्ञान मिले और उनमें वैज्ञानिक सोच के साथ नवाचार की क्षमता विकसित हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में अब विज्ञान शिक्षा को पूरी तरह प्रयोगात्मक और गतिविधि-आधारित बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं। विभाग की ओर से सभी सरकारी स्कूलों की विज्ञान प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाएं।
नए निर्देशों के तहत अब विज्ञान पढ़ाई केवल सैद्धांतिक नहीं रहेगी, बल्कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रयोग, मॉडल निर्माण, प्रोजेक्ट कार्य और नवाचार गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। सबसे अहम बदलाव यह किया गया है कि हर गतिविधि और प्रयोग का रिकॉर्ड लॉग बुक में अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा स्कूलों में सुझाव पेटी स्थापित करने, दीवार पत्रिका या सूचना बोर्ड के माध्यम से नई वैज्ञानिक जानकारियां प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी प्रयोगशालाओं में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और आवश्यक सुरक्षा निर्देशों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
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- प्रार्थना सभा में विज्ञान उपकरणों के होंगे प्रदर्शन
विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए प्रयोगशाला दर्शन कार्यक्रम भी लागू किया गया है। इसके तहत सप्ताह में दो दिन प्रार्थना सभा के दौरान विज्ञान उपकरणों का प्रदर्शन, छोटे-छोटे प्रयोग और रोचक गतिविधियां करवाई जाएंगी। इन गतिविधियों की रिपोर्ट और फोटो भी नियमित रूप से संधारित किए जाएंगे और इसके लिए प्रत्येक स्कूल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
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- समय-समय पर किया जाएगा निरीक्षण
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि विज्ञान प्रयोगशालाओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। ताकि विद्यार्थियों को अधिक से अधिक प्रायोगिक ज्ञान मिले और उनमें वैज्ञानिक सोच के साथ नवाचार की क्षमता विकसित हो।