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Karnal News: मंडियों में काम करने वाले मजदूरों की दिहाड़ी अटकी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश की अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद समाप्त होने के डेढ़ माह बाद भी आढ़तियों और मजदूरों को आढ़त और मजदूरी का इंतजार है। सरकार की ओर से खरीद समाप्त होने के 15 दिन के भीतर आढ़त और मजदूरी के भुगतान का दावा किया गया था। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी ने आढ़त और मजदूरी जल्द दिलाने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की करीब 110 मंडियों में काम करने वाले करीब 35 हजार आढ़तियों का करीब 400 करोड़ रुपये सरकार के पास अटके हैं। इन मंडियों में काम करने वाले करीब तीन लाख मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिल पाई है। करीब 70 करोड़ की मजदूरी अटकी हुई है। कुछ मजदूर तो वापस बिहार लौट चुके हैं। हालांकि बड़ी संख्या में मजदूर आज भी अपने मेहनताने का इंतजार कर रहे हैं।
रजनीश चौधरी ने बताया कि धान की सरकारी खरीद 15 नवंबर 2025 को बंद हो गई थी। मुख्यमंत्री की आदेश अनुसार खरीद समाप्त होने के तुरंत बाद मजदूरों की मजदूरी मिल जानी चाहिए थी और आढ़तियों की आढ़त 15 दिनों के अंदर मिलनी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश के आढ़तियों की आढ़त और मजदूरों की मजदूरी जल्दी से जल्दी दिलवाई जाए।
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करनाल। प्रदेश की अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद समाप्त होने के डेढ़ माह बाद भी आढ़तियों और मजदूरों को आढ़त और मजदूरी का इंतजार है। सरकार की ओर से खरीद समाप्त होने के 15 दिन के भीतर आढ़त और मजदूरी के भुगतान का दावा किया गया था। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी ने आढ़त और मजदूरी जल्द दिलाने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की करीब 110 मंडियों में काम करने वाले करीब 35 हजार आढ़तियों का करीब 400 करोड़ रुपये सरकार के पास अटके हैं। इन मंडियों में काम करने वाले करीब तीन लाख मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिल पाई है। करीब 70 करोड़ की मजदूरी अटकी हुई है। कुछ मजदूर तो वापस बिहार लौट चुके हैं। हालांकि बड़ी संख्या में मजदूर आज भी अपने मेहनताने का इंतजार कर रहे हैं।
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रजनीश चौधरी ने बताया कि धान की सरकारी खरीद 15 नवंबर 2025 को बंद हो गई थी। मुख्यमंत्री की आदेश अनुसार खरीद समाप्त होने के तुरंत बाद मजदूरों की मजदूरी मिल जानी चाहिए थी और आढ़तियों की आढ़त 15 दिनों के अंदर मिलनी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश के आढ़तियों की आढ़त और मजदूरों की मजदूरी जल्दी से जल्दी दिलवाई जाए।
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