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Karnal News: पिंगला-भरथरी सांग देख दर्शक भावविभोर
Sat, 25 Jan 2025 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 25 Jan 2025 02:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। नई अनाज मंडी में शिव शक्ति सेवा मंडल की ओर से आयोजित सांग के पांचवें दिन पिंगला-भरथरी सांग का मंचन किया गया। इसमें रानी की बेवफाई पर शानदार अभिनय देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
सांगी ने मंचन के दौरान दिखाया कि प्राचीन उज्जैन के राजा भरथरी अपनी तीसरी पत्नी पिंगला पर मोहित थे और वे उस पर पूरा विश्वास करते थे। उस समय उज्जैन में एक तपस्वी गुरु गोरखनाथ का आगमन हुआ। राजा की सेवा से प्रसन्न होकर गोरखनाथ ने राजा एक फल दिया। तपस्वी ने राजा से कहा ये फल खाने सदा जवान रहोगे और कभी बुढ़ापा नहीं आएगा।
राजा ने फल लेकर सोचा कि उसे जवानी और सुंदरता की क्या जरूरत है क्यों न इस फल को अपनी पत्नी पिंगला को दे दूं क्योंकि उसने जवानी व सुंदरता की जरूरत है। राजा ने उस फल को पिंगला को दे दिया। रानी पिंगला भर्तृहरि पर नहीं बल्कि उसके राज्य के कोतवाल से प्यार करती थी। जब राजा ने वह चमत्कारी फल रानी को दिया तो रानी ने सोचा कि यह फल यदि कोतवाल खाएगा तो वह लंबे समय तक उसकी इच्छाओं की पूर्ति करता रहेगा।
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रानी ने यह सोचकर चमत्कारी फल कोतवाल को दे दिया। वह कोतवाल एक वैश्या से प्रेम करता था और उसने चमत्कारी फल उसे दे दिया। वैश्या ने सोचा इस फल की सबसे ज्यादा जरूरत राजा को है, इसलिए उसने फल राजा को दे दिया। राजा वह फल देखकर चकित रह गया। जांच के बाद पत्नी के धोखे देने पर राजा के मन में वैराग्य पैदा हो गया। राजा ने अपना संपूर्ण राज्य विक्रमादित्य को सौंपकर उज्जैन की एक गुफा में रहने लगे।
गुफा में भरथरी ने 12 वर्षों तक तपस्या की। उज्जैन में आज भी राजा भरथरी की गुफा दर्शनीय स्थल के रूप में स्थित है। शुक्रवार को सांग में नई अनाज मंडी के पूर्व प्रधान विनोद जैन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिव शक्ति सेवा मंडल कन्याओं की शादी करवाता है। इस अवसर पर राज सिंगला, धीरज भाटिया, कुलदीप सिंह, देवेंद्र धीमान, दीपक शर्मा, डॉ रामु बस्ताडा, पुष्कल टककर, अशोक भटनागर, सतविंद्र सिंह, विनोद गुप्ता मौजूद रहे।
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घरौंडा। नई अनाज मंडी में शिव शक्ति सेवा मंडल की ओर से आयोजित सांग के पांचवें दिन पिंगला-भरथरी सांग का मंचन किया गया। इसमें रानी की बेवफाई पर शानदार अभिनय देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
सांगी ने मंचन के दौरान दिखाया कि प्राचीन उज्जैन के राजा भरथरी अपनी तीसरी पत्नी पिंगला पर मोहित थे और वे उस पर पूरा विश्वास करते थे। उस समय उज्जैन में एक तपस्वी गुरु गोरखनाथ का आगमन हुआ। राजा की सेवा से प्रसन्न होकर गोरखनाथ ने राजा एक फल दिया। तपस्वी ने राजा से कहा ये फल खाने सदा जवान रहोगे और कभी बुढ़ापा नहीं आएगा।
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राजा ने फल लेकर सोचा कि उसे जवानी और सुंदरता की क्या जरूरत है क्यों न इस फल को अपनी पत्नी पिंगला को दे दूं क्योंकि उसने जवानी व सुंदरता की जरूरत है। राजा ने उस फल को पिंगला को दे दिया। रानी पिंगला भर्तृहरि पर नहीं बल्कि उसके राज्य के कोतवाल से प्यार करती थी। जब राजा ने वह चमत्कारी फल रानी को दिया तो रानी ने सोचा कि यह फल यदि कोतवाल खाएगा तो वह लंबे समय तक उसकी इच्छाओं की पूर्ति करता रहेगा।
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रानी ने यह सोचकर चमत्कारी फल कोतवाल को दे दिया। वह कोतवाल एक वैश्या से प्रेम करता था और उसने चमत्कारी फल उसे दे दिया। वैश्या ने सोचा इस फल की सबसे ज्यादा जरूरत राजा को है, इसलिए उसने फल राजा को दे दिया। राजा वह फल देखकर चकित रह गया। जांच के बाद पत्नी के धोखे देने पर राजा के मन में वैराग्य पैदा हो गया। राजा ने अपना संपूर्ण राज्य विक्रमादित्य को सौंपकर उज्जैन की एक गुफा में रहने लगे।
गुफा में भरथरी ने 12 वर्षों तक तपस्या की। उज्जैन में आज भी राजा भरथरी की गुफा दर्शनीय स्थल के रूप में स्थित है। शुक्रवार को सांग में नई अनाज मंडी के पूर्व प्रधान विनोद जैन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिव शक्ति सेवा मंडल कन्याओं की शादी करवाता है। इस अवसर पर राज सिंगला, धीरज भाटिया, कुलदीप सिंह, देवेंद्र धीमान, दीपक शर्मा, डॉ रामु बस्ताडा, पुष्कल टककर, अशोक भटनागर, सतविंद्र सिंह, विनोद गुप्ता मौजूद रहे।