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Karnal News: राजा हरिश्चंद्र नाटक का मंचन देख दर्शक भाव विभोर
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- श्री रामायण पाठक सभा की ओर से किया गया मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्री रामायण पाठक सभा की ओर से रामलीला भवन में श्री रामलीला का मंचन किया जा रहा है। श्री रामायण पाठक सभा के चेयरमैन नरेश गुप्ता और प्रधान रमेश गुप्ता ने बताया कि बुधवार को राजा हरिशचंद्र के नाटक का मंचन किया गया। जिसे देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।
मंचन में कलाकारों ने दिखाया कि देवराज इंद्र अप्सराओं के नृत्य कर रहे हैं। इसी बीच सिंहासन डोलने लगता है तो वह भयभीत हो उठते हैं और अपने सेनापति से इसका कारण पूछते हैं। तभी देवर्षि नारद वहां इंद्रसभा में प्रवेश करते हैं और बताते हैं कि अयोध्या के प्रतापी और दानवीर नरेश हरिशचंद्र 100वां यज्ञ कर रहे हैं और उनका यज्ञ पूर्ण होते ही वह इंद्रासन के अधिकारी हो जाएंगे।
यह सुनकर इंद्र डर जाते हैं और महर्षि विश्वामित्र से हरिश्चंद्र का सत्य डिगाने का अनुरोध करते हैं। विश्वामित्र मोहिनी मंत्र का प्रयोग कर हरिश्चंद्र से सपने में अयोध्या का सारा राजपाट दान में ले लेते हैं। हरिश्चंद्र विश्वामित्र की दक्षिणा चुकाने के लिए खुद को श्मशान घाट के सरदार डोम के यहां बेच देते हैं जबकि उनकी पत्नी तारामती और पुत्र रोहित राजा के यहां चाकरी करने लगते हैं। एक दिन उसने रोहित को बाग से फूल लेने लिए भेजा तो वहां रोहित को सांप ने डस लिया जिससे उसकी मृत्यु हो जाती है। तारा उसके मृत शरीर को लेकर श्मशान घाट जाती है ताकि उसका दाह संस्कार कर सकें। श्मशान घट की रक्षा कर रहे हरिश्चंद्र अपनी पत्नी को बिना श्मशान घाट का कर चुकाए रोहित का अंतिम संस्कार करने देने से मना कर देते हैं। तारा कर के रूप में अपनी साड़ी फाड़ कर उन्हें प्रदान करती है और रोहित का अंतिम संस्कार एक पिता होने के नाते उन्हीं को करने के लिए अनुरोध करती है।
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जैसे ही हरिश्चंद्र रोहित को मुखाग्नि देने के लिए आगे बढ़ते हैं तो विश्वामित्र वहां प्रकट होकर उनका हाथ पकड़ लेते हैं और कहते हैं कि वह उनकी परीक्षा में सफल हुए। ऐसा कह कर वह रोहित को पुन: जीवित कर उनका सारा राजपाट लौटा कर उन्हें पुन: अयोध्या नरेश बना देते हैं।
महासचिव प्रभात गुप्ता ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता और पूर्व मेयर रेणु बाला गुप्ता, अशोक गोयल मुख्य अतिथि रहे। मौक पर रामकिशन गुप्ता, अनिल गुप्ता, योगेश गोयल, संरक्षक विनोद गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज गोयल, महा प्रबंधक रविन्द्र बंसल, विनोद गर्ग, शिवम शर्मा, सतबीर चौधरी, प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्री रामायण पाठक सभा की ओर से रामलीला भवन में श्री रामलीला का मंचन किया जा रहा है। श्री रामायण पाठक सभा के चेयरमैन नरेश गुप्ता और प्रधान रमेश गुप्ता ने बताया कि बुधवार को राजा हरिशचंद्र के नाटक का मंचन किया गया। जिसे देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।
मंचन में कलाकारों ने दिखाया कि देवराज इंद्र अप्सराओं के नृत्य कर रहे हैं। इसी बीच सिंहासन डोलने लगता है तो वह भयभीत हो उठते हैं और अपने सेनापति से इसका कारण पूछते हैं। तभी देवर्षि नारद वहां इंद्रसभा में प्रवेश करते हैं और बताते हैं कि अयोध्या के प्रतापी और दानवीर नरेश हरिशचंद्र 100वां यज्ञ कर रहे हैं और उनका यज्ञ पूर्ण होते ही वह इंद्रासन के अधिकारी हो जाएंगे।
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यह सुनकर इंद्र डर जाते हैं और महर्षि विश्वामित्र से हरिश्चंद्र का सत्य डिगाने का अनुरोध करते हैं। विश्वामित्र मोहिनी मंत्र का प्रयोग कर हरिश्चंद्र से सपने में अयोध्या का सारा राजपाट दान में ले लेते हैं। हरिश्चंद्र विश्वामित्र की दक्षिणा चुकाने के लिए खुद को श्मशान घाट के सरदार डोम के यहां बेच देते हैं जबकि उनकी पत्नी तारामती और पुत्र रोहित राजा के यहां चाकरी करने लगते हैं। एक दिन उसने रोहित को बाग से फूल लेने लिए भेजा तो वहां रोहित को सांप ने डस लिया जिससे उसकी मृत्यु हो जाती है। तारा उसके मृत शरीर को लेकर श्मशान घाट जाती है ताकि उसका दाह संस्कार कर सकें। श्मशान घट की रक्षा कर रहे हरिश्चंद्र अपनी पत्नी को बिना श्मशान घाट का कर चुकाए रोहित का अंतिम संस्कार करने देने से मना कर देते हैं। तारा कर के रूप में अपनी साड़ी फाड़ कर उन्हें प्रदान करती है और रोहित का अंतिम संस्कार एक पिता होने के नाते उन्हीं को करने के लिए अनुरोध करती है।
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जैसे ही हरिश्चंद्र रोहित को मुखाग्नि देने के लिए आगे बढ़ते हैं तो विश्वामित्र वहां प्रकट होकर उनका हाथ पकड़ लेते हैं और कहते हैं कि वह उनकी परीक्षा में सफल हुए। ऐसा कह कर वह रोहित को पुन: जीवित कर उनका सारा राजपाट लौटा कर उन्हें पुन: अयोध्या नरेश बना देते हैं।
महासचिव प्रभात गुप्ता ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता और पूर्व मेयर रेणु बाला गुप्ता, अशोक गोयल मुख्य अतिथि रहे। मौक पर रामकिशन गुप्ता, अनिल गुप्ता, योगेश गोयल, संरक्षक विनोद गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज गोयल, महा प्रबंधक रविन्द्र बंसल, विनोद गर्ग, शिवम शर्मा, सतबीर चौधरी, प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे।