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Karnal News: छत के ऊपर 51 फुट का शिवलिंग बना आकर्षण का केंद्र
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06.. ... ....सेक्टर छह के शिव मंदिर में सबसे पुराने शिवलिंग का अभिषेक करती बच्ची। संवाद
मंदिर सभा के प्रधान बोले- 1987 में शुरू हुआ था निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर छह स्थित शिव मंदिर में जब भी श्रद्धालु आता है, वहां छत के ऊपर बने 51 फुट के शिवलिंग को देख हैरान रह जाता है। ये विशाल शिवलिंग आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर सभा के प्रधान मुकेश शर्मा ने बताया कि मंदिर का निर्माण 1987 में शुरू हुआ तो प्लाॅट की गहराई इतनी थी कि शिवलिंग पर पूजा करने के लिए ईंटों की आठ सीढि़यां बनाकर चढ़ते थे, वक्त बदला और धीरे-धीरे भव्य मंदिर का निर्माण हुआ।
मिस्त्री के सपने में आए थे भोले बाबा
सभा के संयुक्त सचिव श्रीपाल नरवाल ने बताया कि जब पहले स्थापित शिवलिंग की जगह बड़ा शिवलिंग स्थापित करने की बात आई तो पहले दिन मिस्त्री पाला राम को निर्माण करने के लिए लगाया गया तो उनके सपने में भोले बाबा आए। उन्होंने कहा कि मंदिर में जो कुछ भी कर लो चाहे जितनी मूर्तियां और शिवलिंग स्थापित कर लो पर मेरी जिस जगह पर शिवलिंग बना है उसे मत छेड़ना, सुबह ये सारी बात पाला राम ने सभा के सभी सदस्यों को बताई तो वह शिवलिंग आज भी वहीं पर स्थापित है, वहीं उससे कुछ दूरी पर बड़े शिवलिंग की स्थापना की गई थी। इस शिवलिंग पर चांदी की परत चढ़ा रखी है, जिस पर रोजाना श्रद्धालु जल और दूध से अभिषेक करते हैं। एडवोकेट केडी गोयल ने बताया कि इस मंदिर में 1999 में 51 फुट के शिवलिंग की स्थापना के साथ 12 ज्योर्तिलिंग, सात पंच मुखी शिवलिंग के साथ नौ देवियां, सूर्या भगवान, भगवान परशुराम, खाटू श्याम बाबा, सांई जी, नवगृह, शवि, भैरव, काली माता मंदिर, दुर्गा माता, सरस्वती, राम दरबार, राधाकृष्ण, लक्ष्मी नारायण और हनुमान की प्रतिमा स्थापित की गई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर छह स्थित शिव मंदिर में जब भी श्रद्धालु आता है, वहां छत के ऊपर बने 51 फुट के शिवलिंग को देख हैरान रह जाता है। ये विशाल शिवलिंग आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर सभा के प्रधान मुकेश शर्मा ने बताया कि मंदिर का निर्माण 1987 में शुरू हुआ तो प्लाॅट की गहराई इतनी थी कि शिवलिंग पर पूजा करने के लिए ईंटों की आठ सीढि़यां बनाकर चढ़ते थे, वक्त बदला और धीरे-धीरे भव्य मंदिर का निर्माण हुआ।
मिस्त्री के सपने में आए थे भोले बाबा
सभा के संयुक्त सचिव श्रीपाल नरवाल ने बताया कि जब पहले स्थापित शिवलिंग की जगह बड़ा शिवलिंग स्थापित करने की बात आई तो पहले दिन मिस्त्री पाला राम को निर्माण करने के लिए लगाया गया तो उनके सपने में भोले बाबा आए। उन्होंने कहा कि मंदिर में जो कुछ भी कर लो चाहे जितनी मूर्तियां और शिवलिंग स्थापित कर लो पर मेरी जिस जगह पर शिवलिंग बना है उसे मत छेड़ना, सुबह ये सारी बात पाला राम ने सभा के सभी सदस्यों को बताई तो वह शिवलिंग आज भी वहीं पर स्थापित है, वहीं उससे कुछ दूरी पर बड़े शिवलिंग की स्थापना की गई थी। इस शिवलिंग पर चांदी की परत चढ़ा रखी है, जिस पर रोजाना श्रद्धालु जल और दूध से अभिषेक करते हैं। एडवोकेट केडी गोयल ने बताया कि इस मंदिर में 1999 में 51 फुट के शिवलिंग की स्थापना के साथ 12 ज्योर्तिलिंग, सात पंच मुखी शिवलिंग के साथ नौ देवियां, सूर्या भगवान, भगवान परशुराम, खाटू श्याम बाबा, सांई जी, नवगृह, शवि, भैरव, काली माता मंदिर, दुर्गा माता, सरस्वती, राम दरबार, राधाकृष्ण, लक्ष्मी नारायण और हनुमान की प्रतिमा स्थापित की गई हैं।
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