{"_id":"69348087583e15450b04cdb5","slug":"ten-days-after-marriage-muhurt-finished-all-auspicious-deeds-will-end-in-kharmas-karnal-news-c-18-knl1018-796052-2025-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: दस दिन बाद विवाह मुहूर्त खत्म, खरमास में थमेंगे सभी मांगलिक कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: दस दिन बाद विवाह मुहूर्त खत्म, खरमास में थमेंगे सभी मांगलिक कार्य
Sun, 07 Dec 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 07 Dec 2025 12:44 AM IST
विज्ञापन
करनाल। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष के शुभ विवाह मुहूर्त समाप्त होने को हैं। अंतिम शुभ तिथि बीतने के साथ ही 16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत होगी। धर्मशास्त्रों में मांगलिक कार्यों के लिए इसे निषेध काल माना जाता है। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर लगने वाला यह मास लगभग 30 दिनों तक रहता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक सूर्य देव इस अवधि में निष्क्रिय माने जाते हैं, जिससे नए कार्यों की शुरुआत शुभ फल नहीं देती।
खरमास शुरू होते ही विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, भूमि पूजन और अन्य मांगलिक कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं। अगले एक महीने तक सभी धार्मिक समारोह केवल पूजा-पाठ, दान और तपस्या तक ही सीमित रहेंगे। ब्राह्मण समाज और वैदिक पंडितों का मानना है कि इस अवधि में किए गए मांगलिक कार्य दीर्घकाल में अनुकूल फल नहीं देते, इसलिए इन्हें रोकना शुभ माना जाता है।
15 जनवरी के बाद शुरू होंगे कार्य
विवाह आयोजन से जुड़े कारोबारियों बैंक्वेट हॉल संचालक, कैटरर्स, डेकोरेटर्स और बैंड पार्टी ने भी बुकिंग में गिरावट दर्ज की है। नवंबर से दिसंबर में तेजी से चलने वाले शादी समारोह अब खरमास समाप्ति तक पूरी तरह थम जाएंगे। ज्योतिषाचार्य मांगे राम बताते हैं कि 16 दिसंबर से खरमास शुरू होगा। खरमास की समाप्ति के बाद एक बार फिर शुभ विवाह मुहूर्त शुरू होंगे और जनवरी व फरवरी में शादियों का दौर फिर से तेज हो जाएगा।
विज्ञापन
क्या है खरमास
ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद शास्त्री के मुताबिक सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर लगता है। सूर्य देव 16 दिसंबर को धनु राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में सूर्य देव एक महीने तक रहेंगे। इसके बाद 14 जनवरी को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस शुभ अवसर पर मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन से खरमास समाप्त हो जाएगा। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, सगाई, भूमि पूजन जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं।
विज्ञापन
खरमास शुरू होते ही विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, भूमि पूजन और अन्य मांगलिक कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं। अगले एक महीने तक सभी धार्मिक समारोह केवल पूजा-पाठ, दान और तपस्या तक ही सीमित रहेंगे। ब्राह्मण समाज और वैदिक पंडितों का मानना है कि इस अवधि में किए गए मांगलिक कार्य दीर्घकाल में अनुकूल फल नहीं देते, इसलिए इन्हें रोकना शुभ माना जाता है।
विज्ञापन
15 जनवरी के बाद शुरू होंगे कार्य
विवाह आयोजन से जुड़े कारोबारियों बैंक्वेट हॉल संचालक, कैटरर्स, डेकोरेटर्स और बैंड पार्टी ने भी बुकिंग में गिरावट दर्ज की है। नवंबर से दिसंबर में तेजी से चलने वाले शादी समारोह अब खरमास समाप्ति तक पूरी तरह थम जाएंगे। ज्योतिषाचार्य मांगे राम बताते हैं कि 16 दिसंबर से खरमास शुरू होगा। खरमास की समाप्ति के बाद एक बार फिर शुभ विवाह मुहूर्त शुरू होंगे और जनवरी व फरवरी में शादियों का दौर फिर से तेज हो जाएगा।
विज्ञापन
क्या है खरमास
ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद शास्त्री के मुताबिक सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर लगता है। सूर्य देव 16 दिसंबर को धनु राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में सूर्य देव एक महीने तक रहेंगे। इसके बाद 14 जनवरी को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस शुभ अवसर पर मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन से खरमास समाप्त हो जाएगा। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, सगाई, भूमि पूजन जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं।