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प्रौद्योगिकी भविष्य को दे रही आकार : प्रो. रमेश
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के बागवानी महाविद्यालय अंजनथली में शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। महाविद्यालय के डीन प्रो. रमेश गोयल ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी हमारे भविष्य को आकार दे रही है। आज हम ऐसे नवाचार देख रहे हैं जो अकल्पनीय थे। विज्ञान सिर्फ एक विषय से कहीं अधिक है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान दैनिक जीवन का आधार है। हम जो खाना खाते हैं, उससे लेकर जिस तकनीक का हम उपयोग करते हैं, उसके जीवन जीने के तरीके के बारे में विचार करते हैं और जिस विज्ञान और प्रौद्योगिकी का हम उपयोग करते हैं, उस क्षेत्र में योगदान करते हैं। विज्ञान जीवन जीने का तरीका है।
निदेशक (छात्र कल्याण) प्रो. रंजना गुप्ता ने कहा कि विज्ञान बागवानी को नया आकार दे रहा है और कैसे छात्र स्मार्ट खेती और सटीक बागवानी, जलवायु प्रतिरोधी फसलों और फसल कटाई के बाद आनुवंशिक उन्नति प्रौद्योगिकी के माध्यम से उन्नति में योगदान दे सकते हैं।
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डॉ. विजय अरोड़ा ने छात्रों को इस बात पर जोर देकर प्रेरित किया कि आज का छात्र वैज्ञानिक सोच और टिकाऊ समाधानों के माध्यम से बागवानी और उससे आगे के भविष्य को आकार देने में परिवर्तन ला सकता है। बागवानी की छात्रा रुचिका और रितेश कुमार ने भी विज्ञान के महत्व को बताया और विज्ञान के महत्व पर कविता सुनाई। इस मौके पर डॉ. शालिनी, डॉ. किरण, डॉ. राजिंदर सिंह मौजूद रहे।
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करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के बागवानी महाविद्यालय अंजनथली में शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। महाविद्यालय के डीन प्रो. रमेश गोयल ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी हमारे भविष्य को आकार दे रही है। आज हम ऐसे नवाचार देख रहे हैं जो अकल्पनीय थे। विज्ञान सिर्फ एक विषय से कहीं अधिक है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान दैनिक जीवन का आधार है। हम जो खाना खाते हैं, उससे लेकर जिस तकनीक का हम उपयोग करते हैं, उसके जीवन जीने के तरीके के बारे में विचार करते हैं और जिस विज्ञान और प्रौद्योगिकी का हम उपयोग करते हैं, उस क्षेत्र में योगदान करते हैं। विज्ञान जीवन जीने का तरीका है।
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निदेशक (छात्र कल्याण) प्रो. रंजना गुप्ता ने कहा कि विज्ञान बागवानी को नया आकार दे रहा है और कैसे छात्र स्मार्ट खेती और सटीक बागवानी, जलवायु प्रतिरोधी फसलों और फसल कटाई के बाद आनुवंशिक उन्नति प्रौद्योगिकी के माध्यम से उन्नति में योगदान दे सकते हैं।
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डॉ. विजय अरोड़ा ने छात्रों को इस बात पर जोर देकर प्रेरित किया कि आज का छात्र वैज्ञानिक सोच और टिकाऊ समाधानों के माध्यम से बागवानी और उससे आगे के भविष्य को आकार देने में परिवर्तन ला सकता है। बागवानी की छात्रा रुचिका और रितेश कुमार ने भी विज्ञान के महत्व को बताया और विज्ञान के महत्व पर कविता सुनाई। इस मौके पर डॉ. शालिनी, डॉ. किरण, डॉ. राजिंदर सिंह मौजूद रहे।