{"_id":"68703689b26bd4f9ac01d114","slug":"tears-of-tenants-karnal-news-c-18-knl1008-688785-2025-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: किराएदारों के छलके आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: किराएदारों के छलके आंसू
विज्ञापन
किराएदारों के छलके आंसू
- फोटो : किराएदारों के छलके आंसू
करनाल। नगर निगम की ओर से डिफॉल्टरों की संपत्ति कुर्क की गई लेकिन उनमें रहने वाले किराएदारों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। कुछ दुकानदारों को तो सामान बाहर निकालने का मौका दिया गया जबकि कुछ का अंदर ही छूट गया। ऐसे में किराएदारों ने सवाल किया कि उनका क्या कसूर है।
कई लोगों के आंसू छलक आए। क्योंकि संपत्ति मालिक की गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। जिस इमारत में वे किराए पर रह रहे थे, रोजगार चला रहे थे, एक ही झटके में सब छिन गया। कुर्की की कार्रवाई में निगम टीम सबसे पहले उचाना गांव में कंवरपाल की एक वाणिज्यिक मिक्स यूज संपत्ति पर पहुंची। इस पर 408259 रुपये संपत्ति कर बकाया था। इसमें मकान के साथ दो दुकानें थी। एक में टेलर और दूसरे में एक कपड़ाें पर प्रेस करने वाले का परिवार रहता था। टीम ने किराएदारों का सामान बाहर निकलवा कर दुकान को सील कर दिया। परिवार ने बताया कि इस दुकान में प्रेस का काम कर वे परिवार का पालन पोषण करते थे और यहीं रहते थे। बेघर परिवार को देखकर निगम अधिकारियों ने उन्हें निगम के प्रेम नगर रैन बसेरे में जाने की सलाह दी।
वसंत विहार की गली नंबर 13 में जगमहेंद्र और विजेंद्र की पांच दुकानों पर 410974 रुपये कर बकाया था। यहां एक महिला दुकान को किराए पर लेकर ढाबा चला रही थी। महिला दुकानदार ने कहा कि वे तो किराया भी देते हैं, अपना छोटा सा रोजगार चला रहे हैं। दूसरे दुकानदार का पूरा सामान अंदर जब्त कर दिया गया। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
कई लोगों के आंसू छलक आए। क्योंकि संपत्ति मालिक की गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। जिस इमारत में वे किराए पर रह रहे थे, रोजगार चला रहे थे, एक ही झटके में सब छिन गया। कुर्की की कार्रवाई में निगम टीम सबसे पहले उचाना गांव में कंवरपाल की एक वाणिज्यिक मिक्स यूज संपत्ति पर पहुंची। इस पर 408259 रुपये संपत्ति कर बकाया था। इसमें मकान के साथ दो दुकानें थी। एक में टेलर और दूसरे में एक कपड़ाें पर प्रेस करने वाले का परिवार रहता था। टीम ने किराएदारों का सामान बाहर निकलवा कर दुकान को सील कर दिया। परिवार ने बताया कि इस दुकान में प्रेस का काम कर वे परिवार का पालन पोषण करते थे और यहीं रहते थे। बेघर परिवार को देखकर निगम अधिकारियों ने उन्हें निगम के प्रेम नगर रैन बसेरे में जाने की सलाह दी।
विज्ञापन
वसंत विहार की गली नंबर 13 में जगमहेंद्र और विजेंद्र की पांच दुकानों पर 410974 रुपये कर बकाया था। यहां एक महिला दुकान को किराए पर लेकर ढाबा चला रही थी। महिला दुकानदार ने कहा कि वे तो किराया भी देते हैं, अपना छोटा सा रोजगार चला रहे हैं। दूसरे दुकानदार का पूरा सामान अंदर जब्त कर दिया गया। ब्यूरो
विज्ञापन