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Karnal News: 25 हजार निरक्षरों को साक्षर बनाएंगे शिक्षक
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नवभारत साक्षरता मिशन के तहत चलाए गए उल्लास कार्यक्रम में जिले के 25 हजार निरक्षरों की खोज की जाएगी, जिन्हें शिक्षकों की ओर से अक्षर ज्ञान देते हुए साक्षर बनाया जाएगा। वर्ष 2024-25 में जिले में 29599 निरक्षरों को ढूंढ़कर अक्षर ज्ञान दिया था, अब जिला शिक्षा विभाग ने चालू वर्ष के लिए 55 हजार निरक्षरों को ढूंढ़कर साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है।
सोमवार को पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय सर्वेक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिला शिक्षा विभाग की ओर से उल्लास कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाले अध्यापकों (सर्वेक्षकों) को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं जिला उल्लास संयोजक अनिल सैनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकराल और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने इस साक्षरता मिशन कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भागीदारी करने वाले बीईओ, बीआरसी, सीआरसी, प्रिंसिपल और अध्यापकों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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उन्होंने बताया कि नव भारतीय साक्षरता मिशन कार्यक्रम के तहत अब तक सत्र 2024-25 में जिले में 29599 निरक्षक लोगों की पहचान करके इनको साक्षर बनाया गया। अब चालू वर्ष की परीक्षा सितंबर 2025 में होनी प्रस्तावित है। इस परीक्षा में जिले का लक्ष्य 55 हजार निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि 15 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति और महिला को उल्लास कार्यक्रम के तहत शिक्षित किया जाता है। इस अवसर पर जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा, दलीप सिंह, बीईओ गुरनाम सिंह, सतपाल बग्गा, बलजीत सिंह, धर्मपाल सिंह, प्रिंसिपल सुरेश सैनी, मीनाक्षी चौधरी, सुधीर अहलावत, रामनिवास सोलंकी, हंसराज, सुभाष, धर्मेंद्र चौधरी और अंशुल मौजूद रहे।
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करनाल। नवभारत साक्षरता मिशन के तहत चलाए गए उल्लास कार्यक्रम में जिले के 25 हजार निरक्षरों की खोज की जाएगी, जिन्हें शिक्षकों की ओर से अक्षर ज्ञान देते हुए साक्षर बनाया जाएगा। वर्ष 2024-25 में जिले में 29599 निरक्षरों को ढूंढ़कर अक्षर ज्ञान दिया था, अब जिला शिक्षा विभाग ने चालू वर्ष के लिए 55 हजार निरक्षरों को ढूंढ़कर साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है।
सोमवार को पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय सर्वेक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिला शिक्षा विभाग की ओर से उल्लास कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाले अध्यापकों (सर्वेक्षकों) को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं जिला उल्लास संयोजक अनिल सैनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
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कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकराल और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने इस साक्षरता मिशन कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भागीदारी करने वाले बीईओ, बीआरसी, सीआरसी, प्रिंसिपल और अध्यापकों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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उन्होंने बताया कि नव भारतीय साक्षरता मिशन कार्यक्रम के तहत अब तक सत्र 2024-25 में जिले में 29599 निरक्षक लोगों की पहचान करके इनको साक्षर बनाया गया। अब चालू वर्ष की परीक्षा सितंबर 2025 में होनी प्रस्तावित है। इस परीक्षा में जिले का लक्ष्य 55 हजार निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि 15 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति और महिला को उल्लास कार्यक्रम के तहत शिक्षित किया जाता है। इस अवसर पर जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा, दलीप सिंह, बीईओ गुरनाम सिंह, सतपाल बग्गा, बलजीत सिंह, धर्मपाल सिंह, प्रिंसिपल सुरेश सैनी, मीनाक्षी चौधरी, सुधीर अहलावत, रामनिवास सोलंकी, हंसराज, सुभाष, धर्मेंद्र चौधरी और अंशुल मौजूद रहे।
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