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Karnal News: अध्यापकों ने सीखीं कला की बारीकियां
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कला की नई तकनीकों से कला अध्यापकों को प्रशिक्षित करने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय कला कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। कार्यशाला में अध्यापकों ने कला के विभिन्न पहलुओं को सीखा, समझा व करके भी देखा। अध्यापकों कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई।
कार्यशाला के दौरान कला की विभिन्न तकनीक जिसमें रंगोली, मिट्टी से बने विभिन्न आकार की कलाकृतियां, वर्ली आर्ट, लिपिन आर्ट, स्टिल लाइफ, पोस्टर मेकिंग, कैलीग्राफी आदि की पुनरावृत्ति करवाई गई। मास्टर ट्रेनर तेजिंदर सिंह ने बताया कि कला कार्यशाला में बहुत कुछ सीखने को मिला है।
डिप्लोमा करने वाले कला अध्यापकों को साथियों से भी एक दशक के लंबे अंतराल के बाद मिलने का अवसर मिला है। शिक्षिका राजवीर कौर ने बताया कि यहां आने से पहले बहुत संकोच कर रही थी। समझ नहीं आ रहा था कि वह कार्यशाला में जाकर क्या करेंगी, परंतु इन तीन दिनों में उनके कौशल को बदल दिया। कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी कला शिक्षकों को मास्टर ट्रेनरों की टीम ने प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया ।
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करनाल। कला की नई तकनीकों से कला अध्यापकों को प्रशिक्षित करने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय कला कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। कार्यशाला में अध्यापकों ने कला के विभिन्न पहलुओं को सीखा, समझा व करके भी देखा। अध्यापकों कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई।
कार्यशाला के दौरान कला की विभिन्न तकनीक जिसमें रंगोली, मिट्टी से बने विभिन्न आकार की कलाकृतियां, वर्ली आर्ट, लिपिन आर्ट, स्टिल लाइफ, पोस्टर मेकिंग, कैलीग्राफी आदि की पुनरावृत्ति करवाई गई। मास्टर ट्रेनर तेजिंदर सिंह ने बताया कि कला कार्यशाला में बहुत कुछ सीखने को मिला है।
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डिप्लोमा करने वाले कला अध्यापकों को साथियों से भी एक दशक के लंबे अंतराल के बाद मिलने का अवसर मिला है। शिक्षिका राजवीर कौर ने बताया कि यहां आने से पहले बहुत संकोच कर रही थी। समझ नहीं आ रहा था कि वह कार्यशाला में जाकर क्या करेंगी, परंतु इन तीन दिनों में उनके कौशल को बदल दिया। कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी कला शिक्षकों को मास्टर ट्रेनरों की टीम ने प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया ।
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