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Karnal News: दवाई बीच में छोड़ने पर सामान्य से गंभीर हो रही टीबी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Dec 2022 09:00 AM IST
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TB becoming more serious than normal after leaving the medicine in the middle
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिले में सामान्य टीबी मरीजों के साथ-साथ गंभीर टीबी मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसका मुख्य कारण सामान्य टीबी मरीजों का बीच में दवाइयां छोड़ देना है। क्योंकि जिन टीबी मरीजों की मौत हुई है। उनमें से अधिकतर को गंभीर टीबी थी। जिले में पिछले चार सालों में 655 मरीजों की मौत हो चुकी है।
जिला नागरिक अस्पताल के टीबी विंग से डॉ. प्रदीप ने बताया कि टीबी की दवाई बीच में छोड़ देने से यह सांस की टीबी से कई गुना घातक हो जाती है। जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों को अपना शिकार बनाती है। नागरिक अस्पताल की ओर से फिलहाल हड्डी की टीबी के 100 मरीज, एमडीआर टीबी के 65 मरीज, ब्रेन की टीबी के आठ, गांठ की टीबी के 150 और पेट की टीबी के 75 मरीजों का दोबारा इलाज चल रहा है। उक्त मरीजों को हाई डोज दवाई दी जा रही है, क्योंकि टीबी गंभीर होने पर टीबी की सामान्य दवाइयां असर करना बंद कर देती है। जिले में वर्ष 2022 में 2074 मरीजों का इलाज चल रहा है। संवाद
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लक्षण दिखने पर जरूर कराएं जांच
टीबी विंग से डॉ. सौभाग्य कौशिक ने लोगों से अपील की कि टीबी की बीमारी हल्के में न लें। टीबी से संबंधित शरीर में कोई भी लक्षण दिखे तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करवा सकते हैं। अगर मरीज में टीबी निकलती है तो ठीक होने तक की पूरी अवधि के दौरान 500 रुपये प्रति माह पौष्टिक आहार भत्ता दिया जाएगा। वहीं अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध मरीज को अस्पताल लाता है और जांच में उसे टीबी निकलती है तो उक्त व्यक्ति को 500 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे।
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क्या हैं टीबी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, शाम के समय बुखार आना, खांसते समय बलगम में खून आना, छाती में दर्द या सांस फूलना, गर्दन या बगल में गांठें, भूख न लगना और वजन कम होना टीबी के लक्षण हो सकते हैं।
जिले में 15 जगहों पर कराएं टीबी की जांच
डीटीसी करनाल, जिला नागरिक अस्पताल, नीलोखेड़ी अस्पताल, सीएचसी इंद्री, पीएचसी घीड़, पीएचसी कुंजपुरा, पीएचसी निगदू, सीएचसी घरौंडा, पीएचसी बरसत, सीएचसी निसिंग, पीएचसी जुंडला, पीएचसी जलमाना, असंध अस्पताल, सीएचसी बल्ला।

जिले में 2074 मरीजों का इलाज सुचारू चल रहा है। जिनकी समय-समय पर मॉनिटरिंग की जा रही है। टीबी की अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1800116666 पर मिस कॉल कर घर बैठे कोई भी जानकारी ले सकता है।
- डॉ. सिम्मी कपूर, नोडल अधिकारी टीबी एवं डिप्टी सिविल सर्जन, करनाल
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