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Karnal News: एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था, भटके मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2024 07:34 AM IST
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System collapsed due to strike of NHM workers, patients lost
- ओपीडी, आईपीडी, लैब और लेबर रूम सहित ट्रामा सेंटर में प्रभावित रहा इलाज
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- मांगें पूरी न होने के कारण हड़ताल पर हैं एनएचएम कर्मचारी

संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिलेभर के 550 से अधिक एनएचएम कर्मचारी दो घंटे की हड़ताल पर रहे। इसके चलते नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। हड़ताल के कारण लगभग 350 से अधिक मरीज बिना इलाज कराए लौट गए।
इस दौरान नागरिक अस्पताल में विशेष रूप से लेबर रूम, एनसीडी क्लीनिक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ सहित फिजियोथैरेपी विभाग की ओपीडी में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने नर्सिंग विद्यार्थियों सहित पक्के कर्मचारियों को सभी विभागों में तैनात किया था, उसके बावजूद अधिकतर मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी बुधवार को दो घंटे तक पेन डाउन हड़ताल पर रहे। हड़ताल खत्म होने के बाद यानी दोपहर 12 बजे के बाद स्टाफ काम पर लौटे और मरीजों का उपचार शुरू किया।
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न आंख और न ही दिमाग हुआ इलाज
हड़ताल के कारण नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आंखें जांच करवाने के लिए कतार लगी मिली। वहीं साथ लगते मनोरोग विशेषज्ञ के काउंसलिंग कक्ष में भी करीब 20-22 मरीज कुर्सियों व फर्श पर इंतजार करते दिखे। इनमें इंद्री से गुरुदेव व सिमरनजीत कौर, असंध से गुरुचरण, शामगढ़ से सुरेश पाल व अंकुर ने बताया कि वे अस्पताल में सुबह करीब साढ़े नौ बजे आ गए थे। जब वे पंजीकरण करवा ओपीडी में पहुंचे तो हड़ताल का पता चला। दिमाग के डॉक्टर ने दवा तो लिख दी लेकिन काउंसलिंग करवाने के लिए दो घंटे बैठना पड़ा। दूसरी ओर लेबर रूम में नर्सिंग का आधा स्टाफ रह गया। जहां रोजाना 14 नर्सिंग रहती थी।
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स्वयं करनी पड़ी थैरेपी
हड़ताल के कारण ओपीडी के फिजियोथैरेपी विभाग में डॉक्टर भी हड़ताल पर चली गईं। जिसके कारण थैरेपी के लिए आने वाले अधिकतर मरीज वापस चले गए। वहीं एक मरीज अपनी बाजू की फिजियोथैरेपी के लिए जद्दोजहद करता हुआ मिला। उसने बातचीत की तो उसने अपना नाम जयभगवान बताया और कहा कि उसे कंधे व बाजू में दर्द है। वह एक सप्ताह से रोजाना थैरेपी लेने के लिए आ रहा है। आज ओपीडी में पहुंचा तो हड़ताल का पता चला। यहां बैठे हुए आधा घंटा बीत गया तो खुद ही थैरेपी करने की कोशिश कर रहा हूं।

एनएचएम कर्मचारियों की मुख्य मांगें
एनएचएम कर्मचारियों को पॉलिसी बनाकर नियमित किया जाए, जब तक नियमितीकरण की पॉलिसी बने तब तक उन्हें सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, एक्सग्रेसिया व अपील और सजा हरियाणा सिविल सेवा नियम के अनुसार प्रदान की जाए। एनएचएम के सेवा नियम हरियाणा सरकार की पहल व एनएचएम गवर्निंग बॉडी की अनुमोदना के बाद वित्त विभाग से अनुमति लेते हुए कर्मचारियों पर लागू किए गए हैं। सेवा नियमों में रह गई त्रुटियों व वेतन विसंगतियों को ठीक करने के लिए संघ के साथ वार्ता करके उन्हें दूर किया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए व साथ ही बॉन्ड प्रथा को समाप्त किया जाए। एनएचएम में कार्यरत जिन-जिन कर्मचारियों पर ड्रेस कोड लागू किया गया है उन्हें वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता दिया जाए।
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