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Karnal News: एक जांच अधिकारी के भरोसे सिरप जांच नहीं हो रही मेडिकल स्टोरों की निगरानी

Sat, 11 Oct 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 11 Oct 2025 12:59 AM IST
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Syrup testing is not being done on the basis of one investigating officer, medical stores are not being monitored.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। कफ सिरप निर्माण और बिक्री पर सख्ती के दावे जिले में कागजों तक ही सीमित हैं। दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप पर केंद्र सरकार की रोक है। इधर जिले में जांच का जिम्मा जिले में महज एक अधिकारी पर है। स्वीकृत दो औषधि नियंत्रण अधिकारियों में से एक पद लंबे समय से रिक्त है। परिणाम ये है कि अभी तक शहर में करीब दो हजार मेडिकल स्टोरों में से केवल 20 मेडिकल स्टोर की ही जांच हो सकी है। यही स्थिति सिरप बनाने वाली फैक्टरियों की है। अभी तक चार फैक्टरियों में टीम ही नहीं पहुंच सकी है।


बीते छह दिनों में केवल 20 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया है। इनमें से हांसी रोड और निर्मल मार्केट स्थित दो मेडिकल स्टोर से नमूने लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट अभी लंबित है। जिले में दो हजार से अधिक मेडिकल स्टोर हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। केवल एक अधिकारी के दम पर इतनी बड़ी संख्या में स्टोरों की सैंपलिंग जल्द पूरी करना संभव नहीं है। मेडिकल स्टोर की जांच भी केवल एक ही दिन की गई है।
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- फैक्टरियों की जांच का काम भी धीमा
कफ सिरप निर्माण करने वाली 15 में से अब तक 11 फैक्ट्रियों की जांच हुई है। इनमें ज्यादातर स्थानों पर सिरप का स्टॉक शून्य मिला है। कुछ से नमूने लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने में भी 15 दिनों तक का समय लग सकता है। जिला औषधि अधिकारी ने विकास राठी ने बताया कि अगले कुछ दिनों में बाकी फैक्टरियों की भी जांच की जाएगी। मेडिकल स्टोर की जांच के बारे में उन्होंने बताया कि आगे मेडिकल स्टोर पर रैंडम सैंपलिंग की जाएगी। क्योंकि अधिकतर मेडिकल स्टोर पर एक तरह के कफ सिरप ही बिक रहे हैं। जैसे-जैसे हेडक्वार्टर से निर्देश मिलते रहेंगे, वैसे जांच होती रहेगी।
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केंद्र के निर्देश पर डीसीओ अंकुश ने शुक्रवार को क्योर क्विक फैक्टरी की जांच की। विकास राठी ने बताया कि आगे भी केंद्र की तरफ से जांच होती रहेगी। हालांकि शुक्रवार को स्थानीय स्तर पर न तो दूसरी फैक्टरी और न ही किसी मेडिकल स्टोर की जांच नहीं हो पाई। ऐसे में बाकी के मेडिकल स्टोर की जांच तक पहुंचना विभाग के लिए चुनौती है।


- ये सिरप हैं प्रतिबंधित
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में गुजरात की रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी के ब्रोमहेक्सिन हाइड्रोक्लोराइड, टरब्यूटेलिन सल्फेट, गुआइफेनेसिन व मेन्थॉल सिरप (रेस्पिफ्रेश टीआर), शेप फार्मा कंपनी के एंब्रॉक्सोल एचसीएल, गुआइफेनेसिन, टरब्यूटेलिन सल्फेट और मेन्थॉल सिरप (रिलाइफ), तमिलनाडु की स्रेशन फार्मा कंपनी के कोल्ड्रिफ सिरप और जयपुर स्थित केसन्स फार्मा का डेक्सट्रोमेथॉर्फन सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है।

- मुख्य रूप से ये सिरप बिक रहे
जिला औषधि अधिकारी विकास राठी ने बताया कि जिले में एस्कोरिल डी प्लस, टॉसेक्स डीएमआर, टसक्यू-डीएक्स, कोरेक्स डीएक्स, एस्कोरिल, एलेक्स, प्लसड्रिल सिरप, रेक्सकोफ-टी, कफमेट-एलएस, विकोरील डीएस, विकोरील, विकोरील एएफ, सोल्विन एएफ, सोल्विन डीएस, अस्थाकाइंड-डीएक्स, मैकबेरी-डीएक्स सिरप बिक रहे हैं।



हेडक्वार्टर की तरफ से जो निर्देश दिए जा रहे है, उस हिसाब से कार्रवाई चल रही है। अन्य जिलों व केंद्र सरकार के अधिकारी भी आकर जांच कर रहे हैं। सोमवार तक नए पदाधिकारी के भर्ती होने की उम्मीद है। -विकास राठी, जिला औषधि अधिकारी
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