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Karnal News: बैंक के लॉकर से सोना गायब पर संदेह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Mar 2025 01:41 AM IST
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Suspicion over missing gold from bank locker
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। पुरानी तहसील के नजदीक पीएनबी के लॉकर से करीब 35 तोले सोने के गहने गायब होने का मामला संदेह के घेरे में है। पीड़ित पक्ष जहां बैंक पर लापरवाही का आरोप लगाया है तो वहीं बैंक का दावा है कि लॉकर से चोरी संभव ही नहीं है। लॉकर के फिक्स दो तालों के अतिरिक्त भी उपभोक्ता ने अपना ताला लॉकर पर लगाया था, ऐसे में बंद ताले से सामान गायब होना संदेहजनक है।

आरोपों के आधार पर पुलिस और बैंक ने अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस ने भी महिला उपभोक्ता की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बैंक से सीसीटीवी फुटेज मिलने का इंतजार है, ताकि जांच को और आगे बढ़ाया जा सके।
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बैंक शाखा प्रबंधक हरीश कुमार का कहना है कि लॉकर से सामान गायब नहीं हो सकता। उपभोक्ता को कोई गलतफहमी हुई है या फिर उनका पारिवारिक मसला भी हो सकता है। उपभोक्ता बैंक के लॉकर से ही सोने के गहने गायब होने के आरोप लगा रही है। शुक्रवार को भी उनकी बैंक शाखा से करीब 200 लॉकर ऑपरेट हुए हैं।
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विदित हो कि वीरवार की दोपहर को लॉकर से गहने गायब होने पर बैंक में खलबली मच गई थी। सुभाष गेट निवासी उपभोक्ता ज्योति के अनुसार उन्होंने पीएनबी में एक लॉकर लिया हुआ है। जिसमें तीनों बहनों ने अपने सोने के सेट, चेन, अंगूठी, कड़े व चांदी के भी गहने रखे हुए थे। लॉकर की एक चाबी उनके पास रहती है दूसरी चाबी बैंक के अधिकारियों के पास है। उनके घर में शादी थी तो उसकी बहन गहने लेने के लिए बैंक में आई थी। उसने लॉकर खोलकर देखा तो वहां सोने के गहने नहीं थे उनके पर्स ही थे। इसके बाद पुलिस ने भी साक्ष्य जुटाए थे।



बैंक के कर्मचारियों के अनुसार, किसी भी बैंक शाखा के लॉकर की दो चाभियां होती हैं, जिनमें से एक चाभी उपभोक्ता और एक चाभी बैंक के पास होती है। बैंक की ओर से एक ताला खोलने के बाद उपभोक्ता की चाभी से दूसरा ताला खुलता है। जब तक उपभोक्ता की चाभी नहीं लगती तब तक बैंक भी ताला नहीं खोल सकता। ऐसे में चोरी संभव नहीं है। इस मामले में तो तीसरा ताला भी बैंक उपभोक्ता ने लगाया था। बैंक के रिटायर्ड अधिकारी के अनुसार, यदि किसी लॉकर की चाभी उपभोक्ता से गुम हो जाती है तो उसे नई लेने के लिए भी एक बड़ी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। बैंक लॉकर देने से पहले सिक्योरिटी के तौर पर एफडी भी कराता है, ताकि उपभोक्ता किराया न भर सके तो एफडी से किराया काटा जा सके।
1945 से संचालित बैंक शाखा में हैं 2600 लॉकर
जिस बैंक शाखा के लॉकर से सोना गायब होने का मामला सामने आया है, यह 1945 से संचालित है। पीएनबी के डिप्टी सर्कल हेड मुकेश गुप्ता के अनुसार बैंक शाखा पहले चौड़ा बाजार में संचालित थी। जिले का सबसे पुरानी इस बैंक शाखा में 28 कैबिनेट हैं, जिनमें 2600 लॉकर हैं। जिस महिला का सोना गायब होने का मामला है, उनका लॉकर 595 नंबर है। बैंक अपने स्तर पर भी जांच कर रहा है और पुलिस से भी जांच कराई जा रही है। अब से पहले कभी भी इस तरह का मामला उनके बैंक में सामने नहीं आया।




पीड़ित महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। बैंक से सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाएंगे। - प्रवीण, प्रभारी, थाना शहर।
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