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Karnal News: प्रतिस्पर्धा के दौर में धैर्य बनाए रखें विद्यार्थी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी। यह समय परीक्षा परिणाम आने का है, कई परीक्षा परिणाम आ चुके हैं, विद्यार्थियों में मानसिक दबाव स्वाभाविक है। करनाल में अंक कम आने पर एक छात्रा के नहर में कूदने का मामला सामने आ चुका है। ऐसे में विद्यार्थियों को समय और दिमाग के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। धैर्य जरूरी है।
ये बात बुधवार को विस्तार शिक्षा संस्थान की ओर से जीबीएन राजकीय पॉलिटेक्निक में दिमाग और समय के बीच संतुलन (बैलेंसिंग द क्लॉक एंड माइंड) विषय पर सेमिनार में विशेषज्ञों ने कहीं। प्राचार्य मीनू बजाज ने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धा भरी दुनिया में विद्यार्थियों के समक्ष समय की कमी और मानसिक दबाव बड़ी चुनौती बन चुके हैं। उन्हें यह समझना जरूरी है कि कैसे अपने समय का सही प्रबंधन करते हुए मानसिक रूप से संतुलित जीवन जिया जाए।
निदेशक डॉ. सत्यकाम मलिक ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है बल्कि विद्यार्थियों को जीवन प्रबंधन, आत्म विकास, और डिजिटल साक्षरता जैसे कौशलों में भी दक्षता प्राप्त करनी चाहिए। डॉ. अजय सैनी ने झूठी खबर की पहचान और बचाव के उपाय विषय पर जानकारी दी।
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नीलोखेड़ी। यह समय परीक्षा परिणाम आने का है, कई परीक्षा परिणाम आ चुके हैं, विद्यार्थियों में मानसिक दबाव स्वाभाविक है। करनाल में अंक कम आने पर एक छात्रा के नहर में कूदने का मामला सामने आ चुका है। ऐसे में विद्यार्थियों को समय और दिमाग के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। धैर्य जरूरी है।
ये बात बुधवार को विस्तार शिक्षा संस्थान की ओर से जीबीएन राजकीय पॉलिटेक्निक में दिमाग और समय के बीच संतुलन (बैलेंसिंग द क्लॉक एंड माइंड) विषय पर सेमिनार में विशेषज्ञों ने कहीं। प्राचार्य मीनू बजाज ने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धा भरी दुनिया में विद्यार्थियों के समक्ष समय की कमी और मानसिक दबाव बड़ी चुनौती बन चुके हैं। उन्हें यह समझना जरूरी है कि कैसे अपने समय का सही प्रबंधन करते हुए मानसिक रूप से संतुलित जीवन जिया जाए।
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निदेशक डॉ. सत्यकाम मलिक ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है बल्कि विद्यार्थियों को जीवन प्रबंधन, आत्म विकास, और डिजिटल साक्षरता जैसे कौशलों में भी दक्षता प्राप्त करनी चाहिए। डॉ. अजय सैनी ने झूठी खबर की पहचान और बचाव के उपाय विषय पर जानकारी दी।
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