{"_id":"69825c7b5471aafe71085d12","slug":"strong-standards-are-not-possible-without-research-dr-dheer-singh-karnal-news-c-18-knl1018-838394-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना अनुसंधान मजबूत मानक संभव नहीं : डॉ. धीर सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना अनुसंधान मजबूत मानक संभव नहीं : डॉ. धीर सिंह
विज्ञापन
एनडीआरआई में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित निदेशक धीर सिंह और अन्य। संस्थान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भारतीय मानक ब्यूरो और आईसीएआर–राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एनडीआरआई परिसर में एक दिवसीय राष्ट्रीय विचार-मंथन सत्र आयोजित किया गया। सत्र में मुख्य वक्ता एनडीआरआई निदेशक डॉ. धीर सिंह ने कहा कि मजबूत मानक बिना ठोस अनुसंधान के संभव नहीं हैं।
इस सत्र में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और बीआईएस की डेयरी उत्पाद अनुभागीय समिति (फाड-19) के सदस्यों सहित 50 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। यह आयोजन भारतीय डेयरी उत्पादों के परीक्षण मानकों को वैज्ञानिक रूप से मजबूत और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए हुआ। बीआईएस की वैज्ञानिक डॉ. भावना ने डेयरी परीक्षण से जुड़े मौजूदा भारतीय मानकों का अवलोकन प्रस्तुत किया। विशेषज्ञ समूहों ने दूध, मक्खन, घी, क्रीम और संवेदी विश्लेषण से जुड़े परीक्षण तरीकों पर चर्चा की। अंत में मौजूदा मानकों में संशोधन, नए परीक्षण क्षेत्रों की पहचान और अनुसंधान की जरूरतों पर सहमति बनी। ब्यूरो
विज्ञापन
करनाल। भारतीय मानक ब्यूरो और आईसीएआर–राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एनडीआरआई परिसर में एक दिवसीय राष्ट्रीय विचार-मंथन सत्र आयोजित किया गया। सत्र में मुख्य वक्ता एनडीआरआई निदेशक डॉ. धीर सिंह ने कहा कि मजबूत मानक बिना ठोस अनुसंधान के संभव नहीं हैं।
इस सत्र में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और बीआईएस की डेयरी उत्पाद अनुभागीय समिति (फाड-19) के सदस्यों सहित 50 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। यह आयोजन भारतीय डेयरी उत्पादों के परीक्षण मानकों को वैज्ञानिक रूप से मजबूत और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए हुआ। बीआईएस की वैज्ञानिक डॉ. भावना ने डेयरी परीक्षण से जुड़े मौजूदा भारतीय मानकों का अवलोकन प्रस्तुत किया। विशेषज्ञ समूहों ने दूध, मक्खन, घी, क्रीम और संवेदी विश्लेषण से जुड़े परीक्षण तरीकों पर चर्चा की। अंत में मौजूदा मानकों में संशोधन, नए परीक्षण क्षेत्रों की पहचान और अनुसंधान की जरूरतों पर सहमति बनी। ब्यूरो
विज्ञापन