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Karnal News: रेलवे स्टेशन, बस अड्डे से लेकर अस्पताल में घूम रहे लावारिस कुत्ते

Sun, 09 Nov 2025 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 09 Nov 2025 12:33 AM IST
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Stray dogs roaming from railway station, bus stand to hospital

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करनाल।
शहर के तकरीबन 20 हजार लावारिस कुत्ते सड़कों और गलियों में खुलेआम घूम रहे हैं। हर सार्वजनिक स्थान पर ये दिख जाएंगे। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सरकारी कार्यालयों और अस्पताल में भी ये बेरोकटोक घूमते हैं।
शहर से रोजाना करीब 30 से 40 लोग कुत्तों के काटे जाने का शिकार हो रहे हैं। शनिवार को भी 13 लोगों को कुत्तों ने काटा। जिला नागरिक अस्पताल में ये लोग एआरवी का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। नगर निगम कुत्तों की नसबंदी के लिए अभियान चलाने का दावा कर रहा है लेकिन लावारियों कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था नहीं की गई है। शेल्टर होम के लिए जमीन तक चिह्नित नहीं की गई है।
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स्टेशन में खाने की तलाश में बीमार कुत्ते
रेलवे स्टेशन परिसर में दोपहर करीब 3 बजे कुत्ते घूम रहे थे। इनमें से दो कुत्ते काफी बीमार लग रहे थे। कूड़े के ढ़ेर के आसपास इनका अधिक जमावड़ा था। एक बीमार कुत्ता जीआरपी कार्यालय की ओर से प्लेटफार्म पर जाने लगा लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर कर दिया। हालांकि अन्य कुत्ते प्लेटफार्म पर पहुंच गए।
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बस अड्डा के बूथ पर कब्जा
बस अड्डे पर दोपहर करीब 3:30 बजे कई कुत्ते परिसर के अंदर घूम रहे थे। कुछ यात्रियों के आसपास खाने की तलाश में टहल रहे थे। एक कुत्ता बस अड्डे पर बने लोहे के बूथ के अंदर जाकर बैठ गया। ऐसे में यात्री बूथ में जाने से कतरा रहे थे। कुत्ते के हटने के बाद ही वह बूथ में गए।

नागरिक अस्पताल में भी डेरा
जिला नागरिक अस्पताल परिसर में दोपहर 12 बजे जगह-जगह पर कुत्तों का जमावड़ा था। अस्पताल में आने वाले कुछ मरीजों ने बताया कि भगाने पर ये लोगों का काट लेते हैं। अब तक ये कुत्ते कई लोगों को काट चुके हैं। ऐसे में इनसे बचकर ही रहते हैं।

एक कुत्ते की नसबंदी पर 1450 रुपये खर्च

नगर निगम की ओर से कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया जा रहा है लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। अब तक करीब 3,300 कुत्तों की ही नसबंदी की गई है। शहर में इनकी संख्या कई गुना अधिक है। रोजाना 25 से 30 कुत्तों की ही नसबंदी की जाती है। इसके बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है। घोघड़ीपुर के पास नगर निगम की देखरेख में एजेंसी के माध्यम से कुत्तों की नसबंदी कराई जा रही है। हर एक कुत्ते के ऑपरेशन और टीकाकरण पर निगम 1450 रुपये खर्च करता है।



----------कुत्तों को अस्थायी तौर पर नसबंदी वाले शेल्टर में रखा जा रहा है। वहीं पर नसबंदी भी की जाती है। सरकार के निर्देश और नियमानुसार जल्द ही स्थायी शेल्टर बनाने का काम किया जाएगा। -सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
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