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31 मार्च तक पूरा होगा शहीद स्मारक का कार्य, विशेष टीम करेगी निगरानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jul 2021 06:54 PM IST
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Special team will monitor the work of martyr memorial will be completed by 31 march
300 करोड़ रुपये की लागत से 22 एकड़ में निर्माणाधीन शहीदी स्मारक का शुक्रवार को गृहमंत्री अनिल विज, मुख्य सचिव डॉ. विजयवर्धन सहित अन्य आलाधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस दौरान बताया गया कि स्मारक का लगभग 80 प्रतिशत सिविल वर्क हो चुका है और 31 मार्च 2022 तक शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। गृहमंत्री अनिल विज ने इसकी निगरानी के लिए एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिये, ताकि जल्द से जल्द कार्य को पूरा किया जा सके और गुणवत्ता से समझौता न हो।
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निरीक्षण के दौरान आर्किटेक्चर रेणू खन्ना ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से शहीद स्मारक में चल रहे और किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। दर्शाया कि वाटर बॉडी, करीब 200 फुट ऊंची कमल के फूल की आकृति, पैनोरमा की तर्ज पर झांकियां, करीब तीन सौ लोगों की बैठने की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, करीब 2000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला ओपन एयर थियेटर, फूड कोर्ट और प्रेस गैलरी इसके आकर्षण का केंद्र होगा। गृहमंत्री अनिल विज बोले कि पर्यटन की दृष्टि से राष्ट्रीय स्तर का अंबाला का यह स्मारक अपनी अलग छाप छोड़ेगा। यहां से गुजरने वाले लोग इस स्मारक को देखे बिना नहीं जाएंगे। वहीं मुख्य सचिव डॉ. विजयवर्धन ने स्मारक में लगने वाले स्टोन व पेंटिंग के कार्य संबंधित विभाग के अधिकारी को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। करीब दो घंटे तक चले निरीक्षण में स्थानीय अधिकारी भी मुस्तैद नजर आए। मौके पर लोक निर्माण विभाग के एसीएस आलोक निगम, सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल सहित इतिहासकार पुष्पिंद्र पंत मौजूद थे।
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मेरठ से 10 घंटे पहले अंबाला से उठी थी 1857 क्रांति की चिंगारी!
मंत्री विज के पूछने पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आगामी 31 मार्च 2022 तक निर्माण कार्यों को शत प्रतिशत कर लिया जाएगा। विज ने कहा कि वैसे तो इतिहास में यह अंकित है कि आजादी की पहली लड़ाई मेरठ से शुरू हुई थी लेकिन हरियाणा के ही वीरों, कुछ इतिहासकारों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं जिसमें यह अंकित है कि मेरठ से 10 घंटे पहले 1857 की क्रांति की चिंगारी अंबाला से उठी थी।
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तीन चरणों में होगा अब आर्ट वर्क का कार्य
अब आर्ट वर्क के तहत कार्य किया जाएगा। तीन चरणों में यह कार्य होगा। पहले चरण के तहत अंबाला में 1857 की क्रांति कब शुरू हुई थी, कहां से शुरू हुई थी, उसका इतिहास दिखाया जाएगा। दूसरे चरण में हरियाणा में कहां-कहां 1857 की क्रांति हुई उसका वर्णन किया जाएगा और तीसरे चरण में हिंदुस्तान में कहां-कहां आजादी की लड़ाई लड़ी गई। इसके अलावा झांसी की रानी, बहादुरशाह जफर के साथ-साथ अन्य क्रांतिकारियों ने क्या भूमिका निभाई उसका वर्णन किया जाएगा।
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