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Karnal News: 51 हजार दीपों से जगमगाया सीता माता मंदिर और वेदवती तीर्थ
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51 हजार दीपों से जगमगाया सीता माता मंदिर और वेदवती तीर्थ
- फोटो : 51 हजार दीपों से जगमगाया सीता माता मंदिर और वेदवती तीर्थ
- मंदिर और तीर्थ पर श्रीराम व माता सीता के उदघोष गुंजायमान
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। सीतामाई गांव स्थित प्राचीन सीता मंदिर और वेदवती तीर्थ पर सोमवार को दीपोत्सव मनाया गया। इसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर व वेदवती तीर्थ पर पहुंचकर 51 हजार दीप जलाए। इन दीयों की रोशनी से मंदिर और तीर्थ जगमगा उठा। मंदिर और तीर्थ पर भगवान श्रीराम व माता सीता के उदघोष गुंजायमान रहे।
भाजपा नेता कर्म सिंह जांबा ने कहा कि सीतामाई स्थित सीता माता के मंदिर में श्रीराम सीता से जुड़ी पावन तीर्थ स्थली है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन चरित्र में माता सीता का विशिष्ट महत्व है। इसलिए उनके नाम का स्मरण भी भक्त श्रीराम के नाम से पूर्व करते हैं। सीता माता मंदिर और वेदवती तीर्थ पर श्रद्धालुओं ने पहुंचकर करीब 51 हजार दीपक जलाए। कमेटी सचिव ईशम बैरागी ने बताया कि सीता मंदिर कमेटी के चेयरमैन महंत राघव दास शास्त्री और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के प्रधान नृत्य गोपाल दास शास्त्री दोनों ही गुरु भाई हैं।
माथा टेकने से लकवा से छुटकारा मिलने की मान्यता
पंडित सोनू शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म में माता सीता को श्री लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। देवी सीता संपूर्ण लोकों की स्वामिनी हैं और जगत के कल्याण के लिए वे कल्प में अवतरित होकर सृष्टि के संचालन को गति प्रदान करती हैं। वेदवती तीर्थ में यहां स्नान करने पर व्यक्ति को कन्या यज्ञ के फल को प्राप्त करता है और सभी पापों से रहित होकर परमपद प्राप्त करता है। यह भी मानता है कि सात बार माथा टेकने से लकवा से छुटकारा मिल जाता है। दीपोत्सव में भाजपा नेता एवं हरिदास श्री कृष्ण गोशाला प्रधान चौधरी कर्म सिंह जांबा और नवयुग शिक्षा समिति के अध्यक्ष महावीर मेहला ने पहुंच श्रद्धालुओं के साथ दीप जला शुभारंभ किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। सीतामाई गांव स्थित प्राचीन सीता मंदिर और वेदवती तीर्थ पर सोमवार को दीपोत्सव मनाया गया। इसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर व वेदवती तीर्थ पर पहुंचकर 51 हजार दीप जलाए। इन दीयों की रोशनी से मंदिर और तीर्थ जगमगा उठा। मंदिर और तीर्थ पर भगवान श्रीराम व माता सीता के उदघोष गुंजायमान रहे।
भाजपा नेता कर्म सिंह जांबा ने कहा कि सीतामाई स्थित सीता माता के मंदिर में श्रीराम सीता से जुड़ी पावन तीर्थ स्थली है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन चरित्र में माता सीता का विशिष्ट महत्व है। इसलिए उनके नाम का स्मरण भी भक्त श्रीराम के नाम से पूर्व करते हैं। सीता माता मंदिर और वेदवती तीर्थ पर श्रद्धालुओं ने पहुंचकर करीब 51 हजार दीपक जलाए। कमेटी सचिव ईशम बैरागी ने बताया कि सीता मंदिर कमेटी के चेयरमैन महंत राघव दास शास्त्री और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के प्रधान नृत्य गोपाल दास शास्त्री दोनों ही गुरु भाई हैं।
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माथा टेकने से लकवा से छुटकारा मिलने की मान्यता
पंडित सोनू शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म में माता सीता को श्री लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। देवी सीता संपूर्ण लोकों की स्वामिनी हैं और जगत के कल्याण के लिए वे कल्प में अवतरित होकर सृष्टि के संचालन को गति प्रदान करती हैं। वेदवती तीर्थ में यहां स्नान करने पर व्यक्ति को कन्या यज्ञ के फल को प्राप्त करता है और सभी पापों से रहित होकर परमपद प्राप्त करता है। यह भी मानता है कि सात बार माथा टेकने से लकवा से छुटकारा मिल जाता है। दीपोत्सव में भाजपा नेता एवं हरिदास श्री कृष्ण गोशाला प्रधान चौधरी कर्म सिंह जांबा और नवयुग शिक्षा समिति के अध्यक्ष महावीर मेहला ने पहुंच श्रद्धालुओं के साथ दीप जला शुभारंभ किया।

51 हजार दीपों से जगमगाया सीता माता मंदिर और वेदवती तीर्थ- फोटो : 51 हजार दीपों से जगमगाया सीता माता मंदिर और वेदवती तीर्थ
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