{"_id":"6303ecf7c4c8e17f2e5461a6","slug":"shekhar-s-vice-captaincy-buried-flags-in-iran-and-celebrated-in-popra-karnal-news-knl1186391173","type":"story","status":"publish","title_hn":"शेखर की उप कप्तानी ने ईरान में गाड़े झंडे तो पोपड़ा में मना जश्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शेखर की उप कप्तानी ने ईरान में गाड़े झंडे तो पोपड़ा में मना जश्न
विज्ञापन
55: ईरान के तेहरान में आयोजित जूनियर एशियन वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भारतीय टीम द्वारा कांस्य पदक ज?
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। ईरान के तेहरान में चल रही अंडर-18 जूनियर एशियन कप वॉलीबॉल प्रतियोगिता में असंध के पंच गांव पोपड़ा निवासी शेखर टूरन की उप कप्तानी में टीम ने सोमवार को कांस्य पदक जीत लिया। कोरिया के साथ हुए इस मुकाबले में 03:02 के अंतर से हराकर भारतीय टीम ने चैंपियनशिप में तीसरा स्थान प्राप्त किया। शेखर की इस उपलब्धि से असंध के पंच गांव पोपड़ा में जश्न का माहौल है।
ईरान में चल रही प्रतियोगिता में भारतीय जूनियर वॉलीबॉल टीम ने शुरूआत से ही अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत थाईलैंड से पहला मुकाबला, दूसरा मुकाबला कोरिया से, तीसरा मुकाबला चाइनीज ताइपे से जीत कर 2010 के बाद पहली बार प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
वहीं सेमीफाइनल में ईरान के साथ हुए मुकाबले में भारतीय टीम को मिली हार से स्वर्ण पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया, लेकिन प्रतियोगिता में अभी तीसरे स्थान की दौड़ बाकी थी। जहां टीम ने कोरिया को कड़े मुकाबले में 03: 02 से हरा चैंपियनशिप के कांस्य पदक पर कब्जा किया। वर्तमान में कुरुक्षेत्र साई सेंटर में कोच राहुल सांगवान और जूनियर भारतीय टीम के मुख्य कोच वीर सिंह के नेतृत्व में अभ्यास कर रहे किसान परिवार के बेटे शेखर के स्मैस और लंबाई की सभी ने खूब तारीफ की। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अंडर-18 भारतीय जूनियर वॉलीबॉल टीम में चयन के बाद ईरान में हुई इस प्रतियोगिता में शेखर ने अपनी उप कप्तानी में टीम को कांस्य पदक जिताने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विज्ञापन
पिता बोले, बेटे की उपलब्धि पर गर्व
असंध के पंच गांव पोपड़ा निवासी किसान पिता रामफल टूरन ने बताया कि हर पिता का सपना अपने बच्चों को बुलंदी पर देखना होता है। आज बेटे ने विदेश में देश की शान बढ़ाकर प्रदेश और गांव का सिर ऊंचा कर दिया। शेखर की इस उपलब्धि से उसके परिजनों और गांव में जश्न का माहौल है। उन्होंने बताया कि दोपहर से ही गांव के लोग घर पर जमा होने लगे। जैसे ही जीत मिल सभी ने पटाखे और तिरंगा फहराकर खुशी का इजहार किया। शेखर के ईरान से लौटने पर गांव वासी स्वागत यात्रा निकालेंगे। मौके पर शेखर के दादा लख्मी, मां माफी देवी, भूपेंद्र सिंह, वलींदर सिंह, सत्यवीर सिंह, मास्टर राजेंद्र सिंह, मिंटू , अंकुश, सागर सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
सीनियर टीम में खेलकर देश को पदक दिलाना लक्ष्य
शेखर के मामा अरविंद्र मेहला ने बताया कि उसका लक्ष्य देश की सीनियर वॉलीबॉल टीम की ओर से खेलकर देश को पदक दिलाना है। जूनियर भारतीय वॉलीबॉल टीम के 20 खिलाड़ियों में चयनित होने के बाद ईरान में टीम को कांस्य पदक जीतने में शेखर की उपलब्धि पर गांव मेें खुशी का माहौल है। वहीं, शेखर ने 2023 में होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी क्वालिफाई कर लिया है। वह तीन भाई और एक बहन हैं, जिनमें शेखर छोटा है। माता माफी देवी गृहणी हैं।
विज्ञापन
करनाल। ईरान के तेहरान में चल रही अंडर-18 जूनियर एशियन कप वॉलीबॉल प्रतियोगिता में असंध के पंच गांव पोपड़ा निवासी शेखर टूरन की उप कप्तानी में टीम ने सोमवार को कांस्य पदक जीत लिया। कोरिया के साथ हुए इस मुकाबले में 03:02 के अंतर से हराकर भारतीय टीम ने चैंपियनशिप में तीसरा स्थान प्राप्त किया। शेखर की इस उपलब्धि से असंध के पंच गांव पोपड़ा में जश्न का माहौल है।
ईरान में चल रही प्रतियोगिता में भारतीय जूनियर वॉलीबॉल टीम ने शुरूआत से ही अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत थाईलैंड से पहला मुकाबला, दूसरा मुकाबला कोरिया से, तीसरा मुकाबला चाइनीज ताइपे से जीत कर 2010 के बाद पहली बार प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
विज्ञापन
वहीं सेमीफाइनल में ईरान के साथ हुए मुकाबले में भारतीय टीम को मिली हार से स्वर्ण पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया, लेकिन प्रतियोगिता में अभी तीसरे स्थान की दौड़ बाकी थी। जहां टीम ने कोरिया को कड़े मुकाबले में 03: 02 से हरा चैंपियनशिप के कांस्य पदक पर कब्जा किया। वर्तमान में कुरुक्षेत्र साई सेंटर में कोच राहुल सांगवान और जूनियर भारतीय टीम के मुख्य कोच वीर सिंह के नेतृत्व में अभ्यास कर रहे किसान परिवार के बेटे शेखर के स्मैस और लंबाई की सभी ने खूब तारीफ की। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अंडर-18 भारतीय जूनियर वॉलीबॉल टीम में चयन के बाद ईरान में हुई इस प्रतियोगिता में शेखर ने अपनी उप कप्तानी में टीम को कांस्य पदक जिताने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विज्ञापन
पिता बोले, बेटे की उपलब्धि पर गर्व
असंध के पंच गांव पोपड़ा निवासी किसान पिता रामफल टूरन ने बताया कि हर पिता का सपना अपने बच्चों को बुलंदी पर देखना होता है। आज बेटे ने विदेश में देश की शान बढ़ाकर प्रदेश और गांव का सिर ऊंचा कर दिया। शेखर की इस उपलब्धि से उसके परिजनों और गांव में जश्न का माहौल है। उन्होंने बताया कि दोपहर से ही गांव के लोग घर पर जमा होने लगे। जैसे ही जीत मिल सभी ने पटाखे और तिरंगा फहराकर खुशी का इजहार किया। शेखर के ईरान से लौटने पर गांव वासी स्वागत यात्रा निकालेंगे। मौके पर शेखर के दादा लख्मी, मां माफी देवी, भूपेंद्र सिंह, वलींदर सिंह, सत्यवीर सिंह, मास्टर राजेंद्र सिंह, मिंटू , अंकुश, सागर सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
सीनियर टीम में खेलकर देश को पदक दिलाना लक्ष्य
शेखर के मामा अरविंद्र मेहला ने बताया कि उसका लक्ष्य देश की सीनियर वॉलीबॉल टीम की ओर से खेलकर देश को पदक दिलाना है। जूनियर भारतीय वॉलीबॉल टीम के 20 खिलाड़ियों में चयनित होने के बाद ईरान में टीम को कांस्य पदक जीतने में शेखर की उपलब्धि पर गांव मेें खुशी का माहौल है। वहीं, शेखर ने 2023 में होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी क्वालिफाई कर लिया है। वह तीन भाई और एक बहन हैं, जिनमें शेखर छोटा है। माता माफी देवी गृहणी हैं।