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सात लोगों से लाखों रुपये की ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस द्वारा लोगों को सावधान करने के लिए बार-बार एडवाइजरी जारी की जा रही है, इसके बावजूद लोग जालसाजों के चंगुल में फंस रहे हैं। अब किसी के बिजली बिल में दिक्कत बताकर तो किसी से पार्सल बुक कराने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और लक्की कस्टमर बता लाखों रुपये की ठगी करने के नए मामले सामने आए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-1
शक्ति पुरम कॉलोनी निवासी नवीन कांबोज के खाते से 24 हजार 757 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। नवीन ने सेक्टर 32-33 थाने की शरण ली। उसका कहना है कि 25 जून को उसके पास फोन आया और कहा कि आरबीएल बैंक से बात कर रहे हैं। फोन करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया। क्रेडिट कार्ड पर लेट फीस, लिमिट बढ़ाने इत्यादि बातों में उलझा लिया। इसी दौरान उसके खाते से यह राशि उड़ा ली।।
केस-2
सेक्टर आठ निवासी अश्वनी कपूर के खाते से 85 हजार 729 रुपये की हेराफेरी कर ली। जुंडला अनाज मंडी में आढ़ती अश्वनी कपूर ने बताया कि 28 जून की रात उसके व्हाट्सएप पर संदेश आया कि आपके बिजली बिल में दिक्कत है और बिजली कनेक्शन काटा जाएगा। तब उसके पास एक लिंक भेजा और कहा कि इसमें 10 रुपये डाल दें। इस तरह उसके खाते से नौ बार में 85 हजार से अधिक की राशि उड़ा ली।
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केस-3
तरावड़ी के वार्ड तीन निवासी प्रवीन शर्मा से पार्सल बुक कराने के नाम पर 46 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली गई। तरावड़ी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्रवीण शर्मा ने बताया कि 19 जून को उसने पार्सल बुकिंग के लिए रेलवे एजेंट के फोन पर बात की। उसने पांच रुपये पंजीकरण फीस मांगी। उसने एजेंट की ओर से भेजे गए लिंक पर पांच रुपये भेज दिए। उसके बाद उसके खाते से 25 हजार, 20 हजार व एक हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए।
केस-4
ब्रास गांव निवासी सुभाष ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके क्रेडिट कार्ड से किसी ने 80 हजार रुपये की खरीदारी कर ली। 13 जून को ऑनलाइन माध्यम से उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। वहीं सेक्टर चार पार्ट टू निवासी राजीव शर्मा के खाते से 98 हजार 707 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। उसका कहना है कि 28 जून को उसके साथ ऑनलाइन तरीके से यह धोखाधड़ी की गई है।
केस-5
असंध के उपलाना गांव निवासी मनोज कुमार से क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर एक लाख 1457 रुपये उसके खाते से उड़ा लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मनोज का कहना है कि 11 मार्च को उसके पास किसी की कॉल आई और कहा कि इंड्सइंड कार्ड पर एड ऑन कार्ड का ऑफर है। इसी बहाने उसके साथ धोखाधड़ी की गई।
केस-6
विकास कॉलोनी निवासी एकता मोर ने शिकायत दी कि 21 जून को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति की कॉल आई और कहा कि लक्की कस्टमर के नाम पर पुरस्कार ले सकते हैं। उसे आई फोन, टीवी, एसी व लैपटॉप में से कोई एक उपहार देने की बात कही। झांसे में आकर उसने आई फोन लेने की हामी भर दी। उससे गुगल पे से पांच हजार रुपये मांगे गए। उसके बाद फिर 11 हजार 700 रुपये, 23 हजार 401 रुपये व फिर 11700 रुपये मांगे गए। यह राशि ट्रांसफर करने के बाद उसे कोई फोन नहीं भेजा गया। अब वह फोन भी बंद है। उससे कुल 51801 रुपये की ठगी की गई है।
केस-7
हांसी रोड जीवन नगर निवासी विवेक आर्य ने साइबर अपराध करनाल रेंज थाना में शिकायत दी है कि उसके साथ इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 22 हजार 501 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पांच जून को उसके पास फोन आया कि उसके एसबीआई के खाते की नेट बैंकिंग बंद कर दी है। इसे चालू करवाने के लिए पैन नंबर अपडेट करें। उसके नीचे लिंक दिया था। उसने जब क्लिक किया तो उसके फोन पर एसबीआई नेट बैंकिंग का पोर्टल खुल गया। जिस पर उसने अपना यूजर नेम व पासवर्ड डाला और आधार कार्ड के अंतिम चार नंबर भी डाल दिए। उसके नंबर पर दो बार ओटीपी आया। तभी उसके पास 22 हजार 501 रुपये कटने का मैसेज आ गया।
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करनाल। साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस द्वारा लोगों को सावधान करने के लिए बार-बार एडवाइजरी जारी की जा रही है, इसके बावजूद लोग जालसाजों के चंगुल में फंस रहे हैं। अब किसी के बिजली बिल में दिक्कत बताकर तो किसी से पार्सल बुक कराने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और लक्की कस्टमर बता लाखों रुपये की ठगी करने के नए मामले सामने आए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-1
शक्ति पुरम कॉलोनी निवासी नवीन कांबोज के खाते से 24 हजार 757 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। नवीन ने सेक्टर 32-33 थाने की शरण ली। उसका कहना है कि 25 जून को उसके पास फोन आया और कहा कि आरबीएल बैंक से बात कर रहे हैं। फोन करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया। क्रेडिट कार्ड पर लेट फीस, लिमिट बढ़ाने इत्यादि बातों में उलझा लिया। इसी दौरान उसके खाते से यह राशि उड़ा ली।।
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केस-2
सेक्टर आठ निवासी अश्वनी कपूर के खाते से 85 हजार 729 रुपये की हेराफेरी कर ली। जुंडला अनाज मंडी में आढ़ती अश्वनी कपूर ने बताया कि 28 जून की रात उसके व्हाट्सएप पर संदेश आया कि आपके बिजली बिल में दिक्कत है और बिजली कनेक्शन काटा जाएगा। तब उसके पास एक लिंक भेजा और कहा कि इसमें 10 रुपये डाल दें। इस तरह उसके खाते से नौ बार में 85 हजार से अधिक की राशि उड़ा ली।
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केस-3
तरावड़ी के वार्ड तीन निवासी प्रवीन शर्मा से पार्सल बुक कराने के नाम पर 46 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली गई। तरावड़ी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्रवीण शर्मा ने बताया कि 19 जून को उसने पार्सल बुकिंग के लिए रेलवे एजेंट के फोन पर बात की। उसने पांच रुपये पंजीकरण फीस मांगी। उसने एजेंट की ओर से भेजे गए लिंक पर पांच रुपये भेज दिए। उसके बाद उसके खाते से 25 हजार, 20 हजार व एक हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए।
केस-4
ब्रास गांव निवासी सुभाष ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके क्रेडिट कार्ड से किसी ने 80 हजार रुपये की खरीदारी कर ली। 13 जून को ऑनलाइन माध्यम से उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। वहीं सेक्टर चार पार्ट टू निवासी राजीव शर्मा के खाते से 98 हजार 707 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। उसका कहना है कि 28 जून को उसके साथ ऑनलाइन तरीके से यह धोखाधड़ी की गई है।
केस-5
असंध के उपलाना गांव निवासी मनोज कुमार से क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर एक लाख 1457 रुपये उसके खाते से उड़ा लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मनोज का कहना है कि 11 मार्च को उसके पास किसी की कॉल आई और कहा कि इंड्सइंड कार्ड पर एड ऑन कार्ड का ऑफर है। इसी बहाने उसके साथ धोखाधड़ी की गई।
केस-6
विकास कॉलोनी निवासी एकता मोर ने शिकायत दी कि 21 जून को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति की कॉल आई और कहा कि लक्की कस्टमर के नाम पर पुरस्कार ले सकते हैं। उसे आई फोन, टीवी, एसी व लैपटॉप में से कोई एक उपहार देने की बात कही। झांसे में आकर उसने आई फोन लेने की हामी भर दी। उससे गुगल पे से पांच हजार रुपये मांगे गए। उसके बाद फिर 11 हजार 700 रुपये, 23 हजार 401 रुपये व फिर 11700 रुपये मांगे गए। यह राशि ट्रांसफर करने के बाद उसे कोई फोन नहीं भेजा गया। अब वह फोन भी बंद है। उससे कुल 51801 रुपये की ठगी की गई है।
केस-7
हांसी रोड जीवन नगर निवासी विवेक आर्य ने साइबर अपराध करनाल रेंज थाना में शिकायत दी है कि उसके साथ इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 22 हजार 501 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पांच जून को उसके पास फोन आया कि उसके एसबीआई के खाते की नेट बैंकिंग बंद कर दी है। इसे चालू करवाने के लिए पैन नंबर अपडेट करें। उसके नीचे लिंक दिया था। उसने जब क्लिक किया तो उसके फोन पर एसबीआई नेट बैंकिंग का पोर्टल खुल गया। जिस पर उसने अपना यूजर नेम व पासवर्ड डाला और आधार कार्ड के अंतिम चार नंबर भी डाल दिए। उसके नंबर पर दो बार ओटीपी आया। तभी उसके पास 22 हजार 501 रुपये कटने का मैसेज आ गया।