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सीएम और भाजपा विधायकों, अफसरों के घर से हटाई सुरक्षा
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नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर का निवास स्थान। संवाद
करनाल। किसान आंदोलन के चलते सीएम आवास, भाजपा के विधायकों, सेशन जज, मंडल आयुक्त सहित आठ जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों के घर पर सुरक्षा बल तैनात किया गया था लेकिन बुधवार सुबह सुरक्षा वापस ले ली गई। इस बारे में जिला पुलिस का कहना है कि शहर में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात हैं। यदि इन आवासों की तरफ किसान प्रदर्शन के लिए रुख करेंगे तो कुछ ही समय में वहां पर सुरक्षा बल पहुंच जाएगा।
गौरतलब है कि 28 अगस्त को शहर के एक प्राइवेट होटल में शहरी निकाय व ग्राम पंचायत के चुनाव को लेकर सीएम ने मंत्रियों व विधायकों के साथ बैठक की थी। बैठक का विरोध करने के लिए किसान जीटी रोड पर बसताड़ा टोल पर एकत्रित हुए थे। वहां पर जीटी रोड जाम करने पर जिला प्रशासन ने किसानों पर लाठीचार्ज किया था। इसमें कई किसान चोटिल हुए थे। इसके बाद किसानों ने एलान किया था कि वे 7 सितंबर को सेक्टर-12 लघु सचिवालय का घेराव करेंगे।
इस कारण जिला प्रशासन ने लघु सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी थी। साथ ही प्रेम नगर में सीएम आवास, गांव कुटेल में घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण के आवास पर, मॉडल टाउन में नीलोखेड़ी विधायल धर्मपाल गोंदर के आवास पर, मंडल उपायुक्त मॉल रोड, आईजी, डीसी, एसपी के घरों के बाहर आठ-आठ पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे लेकिन बुधवार सुबह वहां से इनको वापस बुला लिया गया।
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प्रशासन को डर था ...
जिला प्रशासन ने इन आवासों की सुरक्षा इसलिए बढ़ाई थी कहीं किसान लघु सचिवालय का घेराव करने की बजाय इन घरों में से किसी का घेराव न शुरू कर दें। लेकिन जब मंगलवार शाम को किसान लघु सचिवालय के मेन गेट के पास नाके तोड़कर पहुंच गए और वहां शांतिपूर्ण ढंग से धरना शुरू कर दिया तो बाद में जिला प्रशासन ने यहां से सुरक्षा बल को हटा दिया।
सीएम आवास सहित विधायकों के घरों के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। वह कर्मचारी अब कुछ दूरी पर तैनात किए गए हैं। कुछ अतिसंवेदनशील स्थलों का चयन किया गया है। वहां पर पुलिस बल तैनात है। शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। हालात को देखते हुए बदलाव किया जा सकता है। -गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल।
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गौरतलब है कि 28 अगस्त को शहर के एक प्राइवेट होटल में शहरी निकाय व ग्राम पंचायत के चुनाव को लेकर सीएम ने मंत्रियों व विधायकों के साथ बैठक की थी। बैठक का विरोध करने के लिए किसान जीटी रोड पर बसताड़ा टोल पर एकत्रित हुए थे। वहां पर जीटी रोड जाम करने पर जिला प्रशासन ने किसानों पर लाठीचार्ज किया था। इसमें कई किसान चोटिल हुए थे। इसके बाद किसानों ने एलान किया था कि वे 7 सितंबर को सेक्टर-12 लघु सचिवालय का घेराव करेंगे।
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इस कारण जिला प्रशासन ने लघु सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी थी। साथ ही प्रेम नगर में सीएम आवास, गांव कुटेल में घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण के आवास पर, मॉडल टाउन में नीलोखेड़ी विधायल धर्मपाल गोंदर के आवास पर, मंडल उपायुक्त मॉल रोड, आईजी, डीसी, एसपी के घरों के बाहर आठ-आठ पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे लेकिन बुधवार सुबह वहां से इनको वापस बुला लिया गया।
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प्रशासन को डर था ...
जिला प्रशासन ने इन आवासों की सुरक्षा इसलिए बढ़ाई थी कहीं किसान लघु सचिवालय का घेराव करने की बजाय इन घरों में से किसी का घेराव न शुरू कर दें। लेकिन जब मंगलवार शाम को किसान लघु सचिवालय के मेन गेट के पास नाके तोड़कर पहुंच गए और वहां शांतिपूर्ण ढंग से धरना शुरू कर दिया तो बाद में जिला प्रशासन ने यहां से सुरक्षा बल को हटा दिया।
सीएम आवास सहित विधायकों के घरों के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। वह कर्मचारी अब कुछ दूरी पर तैनात किए गए हैं। कुछ अतिसंवेदनशील स्थलों का चयन किया गया है। वहां पर पुलिस बल तैनात है। शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। हालात को देखते हुए बदलाव किया जा सकता है। -गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल।