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Karnal News: दूसरी हैंड-हेल्ड एक्स-रे सुविधा युक्त एमएमयू वैन मिली
Fri, 19 Dec 2025 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 19 Dec 2025 02:06 AM IST
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मोबाइल मेडिकल यूनिट का निरीक्षण करती सिविल सर्जन डॉ पूनम चौधरी। सूचना विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। टीबी के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को एक दूसरी हैंड-हेल्ड एक्स-रे सुविधा से युक्त एमएमयू यानी मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की है ताकि समुदाय स्तर पर समय पर टीबी रोग की पहचान कर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। इसके जरिये स्लम क्षेत्रों में स्क्रीनिंग की जाएगी जहां बीमारी का खतरा अपेक्षाकृत अधिक रहता है।
इसके बाद जिले की जेल में बंद कैदियों, औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की स्क्रीनिंग और बाद के चरण में औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान से टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें तुरंत नि:शुल्क उपचार से जोड़ा जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डीटीओ डॉ. सिम्मी कपूर ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है लेकिन पूर्ण इलाज योग्य बीमारी है। समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात को पसीना आने जैसे लक्षण हों तो वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
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करनाल। टीबी के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को एक दूसरी हैंड-हेल्ड एक्स-रे सुविधा से युक्त एमएमयू यानी मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की है ताकि समुदाय स्तर पर समय पर टीबी रोग की पहचान कर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। इसके जरिये स्लम क्षेत्रों में स्क्रीनिंग की जाएगी जहां बीमारी का खतरा अपेक्षाकृत अधिक रहता है।
इसके बाद जिले की जेल में बंद कैदियों, औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की स्क्रीनिंग और बाद के चरण में औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान से टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें तुरंत नि:शुल्क उपचार से जोड़ा जाएगा।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डीटीओ डॉ. सिम्मी कपूर ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है लेकिन पूर्ण इलाज योग्य बीमारी है। समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात को पसीना आने जैसे लक्षण हों तो वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
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