{"_id":"6838c5f9192da7f65a0fad27","slug":"scientists-reached-the-village-and-had-a-direct-conversation-with-the-farmers-karnal-news-c-18-knl1008-658286-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: वैज्ञानिक पहुंचे गांव, किसानों के साथ किया सीधा संवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: वैज्ञानिक पहुंचे गांव, किसानों के साथ किया सीधा संवाद
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विकसित कृषि संकल्प अभियान की वीरवार से शुरुआत हो गई। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह के निर्देशन में आईसीएआर संस्थानों के वैज्ञानिकों की एक टीम पहले दिन संगोहा, रंबा व बड़ा गांव पहुंची। यहां वैज्ञानिकों से किसानों, पशुपालकों से सीधा संवाद किया। उन्हें आ रही दिक्कतों के बारे में जानकर नोट किया। उन्हें आधुनिक तकनीकियों और वैज्ञानिक विधियों से खेती करने के तरीके बताए।
पहले दिन वैज्ञानिकों की टीम एनडीआरआई से सुबह आठ बजे निकली। जिसमें एनडीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अजय डांग, आईआईडब्ल्यूबीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनिल खिप्पल, वरिष्ठ वैज्ञानिक(एसबीआई, क्षेत्रीय केंद्र) डॉ. पूजा, डीईएस, मृदा विज्ञान डॉ. किरण कुमारी, एसएमएस डॉ. संतोष, डॉ. विकास, डॉ. गौरव मैहला, एचडीओ डॉ. बलजीत और सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. सुरेंद्र तामक शामिल रहे।
तीन कलस्टर स्थलों पर विभिन्न गांवों के करीब 700 से अधिक किसान शामिल रहे। किसानों को स्वच्छ दूध उत्पादन और दूध में विभिन्न रासायनिक मिलावट के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। चावल की खेती, विभिन्न उच्च उपज देने वाली किस्मों और डीएसआर चावल की खेती के लाभ, उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवारनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। विकसित कृषि संकल्प अभियान की वीरवार से शुरुआत हो गई। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह के निर्देशन में आईसीएआर संस्थानों के वैज्ञानिकों की एक टीम पहले दिन संगोहा, रंबा व बड़ा गांव पहुंची। यहां वैज्ञानिकों से किसानों, पशुपालकों से सीधा संवाद किया। उन्हें आ रही दिक्कतों के बारे में जानकर नोट किया। उन्हें आधुनिक तकनीकियों और वैज्ञानिक विधियों से खेती करने के तरीके बताए।
पहले दिन वैज्ञानिकों की टीम एनडीआरआई से सुबह आठ बजे निकली। जिसमें एनडीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अजय डांग, आईआईडब्ल्यूबीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनिल खिप्पल, वरिष्ठ वैज्ञानिक(एसबीआई, क्षेत्रीय केंद्र) डॉ. पूजा, डीईएस, मृदा विज्ञान डॉ. किरण कुमारी, एसएमएस डॉ. संतोष, डॉ. विकास, डॉ. गौरव मैहला, एचडीओ डॉ. बलजीत और सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. सुरेंद्र तामक शामिल रहे।
विज्ञापन
तीन कलस्टर स्थलों पर विभिन्न गांवों के करीब 700 से अधिक किसान शामिल रहे। किसानों को स्वच्छ दूध उत्पादन और दूध में विभिन्न रासायनिक मिलावट के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। चावल की खेती, विभिन्न उच्च उपज देने वाली किस्मों और डीएसआर चावल की खेती के लाभ, उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवारनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।
विज्ञापन