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फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को कारण बताओ नोटिस
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:12 AM IST
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नए शिक्षा सत्र में निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग फीस बढ़ाने वाले सभी निजी स्कूलों को चिह्नित कर इन्हें कारण बताओ नोटिस भेजेगा।
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विभाग के अनुसार, जिले में 50 से अधिक स्कूल हैं, जिन्होंने फीस बढ़ाई है। इसके अलावा फार्म-6 न भरने वाले स्कूलों पर भी विभाग कार्रवाई करने का प्लान तैयार कर रहा है। इन स्कूलों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों को 31 जनवरी तक फार्म-6 भरकर विभाग में जमा करने का निर्देश दिया था। इस समयावधि के दौरान 173 स्कूलों ने फार्म भरा था। इनमें से करीब 50 स्कूलों ने फार्म-6 के माध्यम से शिक्षा विभाग को जानकारी दी थी कि, वे आगामी शिक्षा सत्र में फीस में 10 से 15 फीसदी का इजाफा कर रहे हैं। इन स्कूलों ने फार्म में फीस बढ़ाने का कारण नहीं बताया। अब विभाग ऐसे स्कूलों की लिस्ट तैयार कर रहा है। इन स्कूलों को अब विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा।
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स्कूलों को बतानी होगी फीस बढ़ाने की वजह
फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को विभाग की ओर से भेजे जाने वाले कारण बताओ नोटिस का जवाब नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले देना होगा। विभाग के इस नोटिस में स्कूलों से पूछा जाएगा कि वे किन कारणों से फीस बढ़ा रहे हैं? अगर वे वाजिब कारण बता सकेंगे तो बढ़ोत्तरी कर सकेंगे, नहीं तो बढ़ोत्तरी पर रोक लगेगी। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कई स्कूल स्टाफ के वेतन, वाहनों की फीस या अन्य वजह को फीस बढ़ोतरी का कारण बताते हैं। इस बार कारण बताने से काम नहीं चलेगा, स्कूलों को तथ्य भी देने होंगे।
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फार्म-6 न भरने वाले स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे फीस
जिले में 235 निजी स्कूल हैं। इनमें 185 स्कूल स्थायी मान्यता प्राप्त और 50 स्कूल अस्थायी मान्यता के हैं। इन सभी स्कूलों में से सिर्फ 173 स्कूलों ने फार्म भरा हैै। फार्म न भरने वाले अन्य स्कूल इस शिक्षा सत्र में फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। ऐसे स्कूल अगर फीस बढ़ाते हैं तो इनकी मान्यता रद्द करने जैसी कार्रवाई भी विभाग कर सकता है। इसके अलावा फार्म न भरने के कारण भी इनपर कार्रवाई का विचार किया जा रहा हैै।
विभाग 134-ए में स्कूलों की मनमर्जी पर भी लगाएगा रोक
आगामी सत्र से 134-ए के तहत शिक्षा लेने वाले बच्चों की लिस्ट इस बार विभाग खुद जारी करेगा। विभाग यह भी तय करेगा कि कौन सा बच्चा कौन से स्कूल में जाकर शिक्षा ग्रहण करेगा। साथ ही स्कूल पिछले साल दाखिला लेने वाले स्कूलों को भी इस शिक्षा सत्र में नहीं दिखा सकेंगे। शिक्षा विभाग ने इससे संबंधित पत्र जिले के सभी स्कूलों को जारी कर दिया है। विभाग के ताजा फरमान में स्पष्ट तौर पर जिक्र है कि प्राइवेट स्कूल संचालक अब पिछले सत्र के उन बच्चों को 134-ए के तहत नए सत्र में एडमीशन नहीं दिखा सकेंगे, जिन्होंने पिछले साल 134-ए के तहत शिक्षा ग्रहण की थी। कौन सा बच्चा 134-ए के तहत किस स्कूल में पढ़ाई करेगा, इसका फैसला शिक्षा विभाग करेगा। आसान शब्दों में समझा जाए तो 134-ए के तहत आवेदन करने वाले बच्चों की एक सूची बनाई जाएगी और ये सूची के अनुसार ही प्राइवेट स्कूलों को बच्चे अलॉट किए जाएंगे। स्कूल अब 134-ए के तहत पहले से शिक्षा ले रहे बच्चों को इस सूची में नहीं दिखा सकेंगे।
फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को विभाग की तरफ से नोटिस भेजने की तैयारी हो रही है। जो स्कूल फीस बढ़ाने के कारण को प्रमाणित नहीं कर पाएंगे, वे फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। फार्म-6 न भरने वाले स्कूलों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश गौरिया, जिला शिक्षा अधिकारी