{"_id":"62df05c198b9925782253734","slug":"sawan-shivratri-today-shiv-gauri-is-becoming-a-special-coincidence-karnal-news-knl1157993198","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन शिवरात्रि आज, बन रहा शिव गौरी विशेष संयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन शिवरात्रि आज, बन रहा शिव गौरी विशेष संयोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। सावन मास का शिवरात्रि पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। इस बार की शिवरात्रि के दिन शिव-गौरी संयोग बन रहा है, जोकि वर्षों बाद आया है। ऐसे में इस शुभ संयोग से भगवान शिव की पूजा करने से भगवान शिव और मां गौरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन मंगला गौरी व्रत भी रखा जाएगा। मंगला गौरी व्रत में मां पार्वती की पूजा का विधान है।
ज्योतिषों के अनुसार भगवान सदा शिव की उपासना करने से उनकी कृपा से सभी मनोरथ पूर्ण करके मनुष्य जीवन के अंत में परमगति को प्राप्त कर शिव लोक में स्थान पाता है। श्री गंगा आदि तीर्थों से जल लाने एवं भगवान शिवजी का पूजन करने के लिए त्रयोदशी को भगवान शंकर जी का अभिषेक करें। इस दिन गंगा, गोमुख, श्री केदारनाथ, श्री अमरनाथ, श्री हरिद्वार और नीलकंठ आदि स्थानों से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक कराया जाता है। भगवान श्री शिव की प्रसन्नता के लिए आषाढ़ पूर्णिमा से लेकर संपूर्ण श्रावण मास पर्यंत विशेषकर त्रयोदशी और चतुर्दशी में शिवालयों में जलाभिषेक होता है। खासतौर पर कांवड़ियों द्वारा आज के दिन ही जल चढ़ाया जाता है।
जलाभिषेक का शुभ समय
- 25 जुलाई शाम 7:24 बजे और 9:28 बजे
- 26 जुलाई को प्रात: 5:44 बजे से 8:28 बजे तक और शाम 7:24 बजे से 9:28 बजे तक।
- प्रत्येक दिन प्रात: काल एवं प्रदोष व्रत में भी भगवान शंकर जी का अभिषेक किया जा सकता है।
आद्रा नक्षत्र और मिथुन लग्न अति शुभ
श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री के अनुसार 26 जुलाई मंगलवार शाम 6:48 बजे से मिथुन राशि गत भद्रा होने से उसका परिहार रहेगा। कुछ विद्वान मुख्य मुहूर्त वाले दिन यानी श्रावण शिवरात्रि 26 जुलाई प्रदोष काल में निश्चित में जलाभिषेक करते हैं। आद्रा नक्षत्र और मिथुन लग्न विशेष रूप से शिव पूजा एवं जलाभिषेक के लिए शुभ माना जाता है।
विज्ञापन
फोटो--
मांगलिक कन्याओं के लिए दिन श्रेष्ठ
गायत्री ज्योतिष सदन के संचालक पंडित सतीश वशिष्ठ ने बताया कि इस सावन मास में शिवरात्रि और मंगला गौरी व्रत का संयोग वर्षों बाद बन रहा है। श्रावण मास में मंगला गौरी का पाठ करना लाभदायक होता है। शिवरात्रि मंगलवार की है ऐसे में जिन लड़कियों की शादी नहीं होती या मांगलिक हैं, वह भी इसका व्रत करेंगी तो शादी अवश्य ही होगी।
ऐसे करें पूजन
भगवान शंकर जी को फल, फूल, बेलपत्र, शक्कर, दूध, दही, शहद, पंचामृत, गंगाजल आदि से स्नान कराने के बाद शिवालय में बैठकर ओम नम: शिवाय का जाप करें। वर्ष भर घर में सुख शांति बनी रहेगी। अकाल मृत्यु का भय घर में नहीं आएगा, भगवान शंकर जी सभी रोगों का नाश करने वाले हैं। मंगलवार को शिवरात्रि के दिन श्री भगवान शंकर जी का व्रत करें।
विज्ञापन
ज्योतिषों के अनुसार भगवान सदा शिव की उपासना करने से उनकी कृपा से सभी मनोरथ पूर्ण करके मनुष्य जीवन के अंत में परमगति को प्राप्त कर शिव लोक में स्थान पाता है। श्री गंगा आदि तीर्थों से जल लाने एवं भगवान शिवजी का पूजन करने के लिए त्रयोदशी को भगवान शंकर जी का अभिषेक करें। इस दिन गंगा, गोमुख, श्री केदारनाथ, श्री अमरनाथ, श्री हरिद्वार और नीलकंठ आदि स्थानों से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक कराया जाता है। भगवान श्री शिव की प्रसन्नता के लिए आषाढ़ पूर्णिमा से लेकर संपूर्ण श्रावण मास पर्यंत विशेषकर त्रयोदशी और चतुर्दशी में शिवालयों में जलाभिषेक होता है। खासतौर पर कांवड़ियों द्वारा आज के दिन ही जल चढ़ाया जाता है।
विज्ञापन
जलाभिषेक का शुभ समय
- 25 जुलाई शाम 7:24 बजे और 9:28 बजे
- 26 जुलाई को प्रात: 5:44 बजे से 8:28 बजे तक और शाम 7:24 बजे से 9:28 बजे तक।
- प्रत्येक दिन प्रात: काल एवं प्रदोष व्रत में भी भगवान शंकर जी का अभिषेक किया जा सकता है।
आद्रा नक्षत्र और मिथुन लग्न अति शुभ
श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री के अनुसार 26 जुलाई मंगलवार शाम 6:48 बजे से मिथुन राशि गत भद्रा होने से उसका परिहार रहेगा। कुछ विद्वान मुख्य मुहूर्त वाले दिन यानी श्रावण शिवरात्रि 26 जुलाई प्रदोष काल में निश्चित में जलाभिषेक करते हैं। आद्रा नक्षत्र और मिथुन लग्न विशेष रूप से शिव पूजा एवं जलाभिषेक के लिए शुभ माना जाता है।
विज्ञापन
फोटो--
मांगलिक कन्याओं के लिए दिन श्रेष्ठ
गायत्री ज्योतिष सदन के संचालक पंडित सतीश वशिष्ठ ने बताया कि इस सावन मास में शिवरात्रि और मंगला गौरी व्रत का संयोग वर्षों बाद बन रहा है। श्रावण मास में मंगला गौरी का पाठ करना लाभदायक होता है। शिवरात्रि मंगलवार की है ऐसे में जिन लड़कियों की शादी नहीं होती या मांगलिक हैं, वह भी इसका व्रत करेंगी तो शादी अवश्य ही होगी।
ऐसे करें पूजन
भगवान शंकर जी को फल, फूल, बेलपत्र, शक्कर, दूध, दही, शहद, पंचामृत, गंगाजल आदि से स्नान कराने के बाद शिवालय में बैठकर ओम नम: शिवाय का जाप करें। वर्ष भर घर में सुख शांति बनी रहेगी। अकाल मृत्यु का भय घर में नहीं आएगा, भगवान शंकर जी सभी रोगों का नाश करने वाले हैं। मंगलवार को शिवरात्रि के दिन श्री भगवान शंकर जी का व्रत करें।