{"_id":"65907f48d487ec32c10cefff","slug":"sardar-is-giving-three-lakhs-to-kill-you-you-leave-karnal-and-go-away-karnal-news-c-18-knl1008-295039-2023-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: सरदार तीन लाख दे रहा है तुझे मारने के, तू करनाल छोड़कर चला जा...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: सरदार तीन लाख दे रहा है तुझे मारने के, तू करनाल छोड़कर चला जा...
विज्ञापन
सरदार तीन लाख दे रहा है तुझे मारने के, तू करनाल छोड़कर चला जा...
ऑडियो क्लिप सौंपकर पुलिस को दी गई थी शिकायत पर नहीं ली गई सुध
हत्या के बाद गुस्साए परिजन पहुंचे लघु सचिवालय, अंतिम संस्कार से किया इंकार
एसपी ने परिजनों को शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाकर समझाया
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर-32-33 थाना क्षेत्र के उत्तम नगर में युवक की हत्या के बाद पुलिस को परिजनों ने एक ऑडियो क्लिप दी है। इसमें हत्या से पहले युवक की आरोपी से बातचीत है। इसमें आरोपी ने युवक से कहा है कि सरदार तुझे मरवाना चाहता है। उसके लिए वह तीन लाख रुपये देने को भी तैयार है। तू परिवार के साथ अगर जीना चाहता है तो करनाल छोड़कर चला जा। इस संबंध में परिजनों की ओर से पुलिस को शिकायत भी दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन धमकी के करीब 15 दिन बाद शुक्रवार को युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सचिवालय में डेरा डाला। पुलिस की ओर से शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
मूल रूप से यूपी के बागपत के निनाना निवासी कंवरपाल ने पुलिस को बताया कि वह करीब 18 साल पहले परिवार के साथ करनाल आ गया था। यहां उत्तम नगर में पहले किराए पर रहा और फिर खुद का मकान ले लिया था। उसके दो बेटों में बड़ा सोनू मेहनत मजदूरी करता था। उसके दो बच्चे हैं। करीब 20 दिन पहले उसे फोन पर मारने की धमकी दी गई थी। इसकी शिकायत सेक्टर-32-33 थाने में की थी, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने बताया कि आरोपी ने फोन पर नए साल से पहले मारने की धमकी दी थी। धमकी देने के बाद बीते शुक्रवार को आरोपियों ने बेटे की हत्या कर दी। परिजनों ने आरोपी से बेटे के साथ हुई बातचीत की ऑडियो भी पुलिस को सौंपी है, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों को चिह्नित किया है। इसके अलावा पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से भी आरोपियों की पहचान की है। उधर, शनिवार को युवक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने शव उठाने से इंकार करते हुए सचिवालय कूच किया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की चेतावनी दी। इसके बाद परिजनों की एसपी शशांक कुमार सावन से वार्ता हुई। उन्होंने परिजनों को जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया।
परिजनों ने पुलिस पर उठाए सवाल, बोले-आरोपियों को पकड़ लेते तो बेटे की जान नहीं जाती
सचिवालय में बेटे की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल देखने को मिला। रोती-बिलखती महिलाएं पुलिस पर सवाल खड़े कर रही थीं। रोते हुए बोल रही थीं अब तो म्हारे बेटे को भी मार डाला। अब तो आरोपियों को पकड़ लो। खड़े-खड़े हमारा हाल क्या देख रहे हो। अगर तुम पहले आरोपियों को पकड़ लेते तो हमारे बेटे की जान क्यों जाती। हमें न्याय दिला दो।
विज्ञापन
-- -- -- -
हत्यारोपियों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर वारदात का खुलासा किया जाएगा।
- मोहनलाल, प्रभारी सीआई-टू
ऑडियो के अंश
सोनू : हैलो हां भाई, बता दिया हम तो चले जाएंगे छोड़कर, पर यार मैने ऐसी कौन-सी गलती करी। हम तो माफी मांग लेंगे।
आरोपी : ठीक है जब तन्ने सोच लिया, मगर सरदार तुझे यहां से निकालना क्यों चाह रहा है। तुझे निकालने के लिए तीन लाख रुपये भी देने के लिए मुझे तैयार है। तो फिर कुछ बात ही होगी।
सोनू : सरदार मुझे कह रहा है तीन लाख रुपये दे देगा।
आरोपी : तूझे नहीं मुझे देने को तैयार है, मगर हम बोल रहे हैं उसके छोटे बालक हैं। उसके मरने पर उनका क्या होगा। सरदार तो यह बोल रहा है कि तू सीधा काम कर दे। दिल खुश कर दे, मैं तेरा दिल खुश कर दूंगा।
सोनू : सरदार है, मगर उससे ये पूछ ले कि उस गरीब की गलती क्या है। सरदार से तो मेरा कोई लड़ाई-झगड़ा भी नहीं है। हम तो गलती मानने को भी तैयार हैं। मेहनत कर तो बालक पाल रहे हैं। करनाल में 17-18 साल हो गए।
आरोपी : करनाल में कितना समय हो गया। फिर भी तूने दादा बनकर अपने साथ यह काम जुड़वा लिया।
सोनू : तू कहेगा तेरे पैर पकड़ लेंगे, मेरे बालक हैं छोटे-छोटे यार
आरोपी : मुझे निकलते हुए घर के बाहर तेरे बालक दिख गए, सोचा ये इसके बालक हैं। इनका क्या होगा तो पहले तेरे से फोन पर बात कर लूं। तू मान जाएगा तो।
सोनू : जो काम बैठकर प्यार से हम आपस में कर लेंगे। हमें राड़ नहीं बढ़ानी है।
आरोपी : अरे भाई सरदार मोटे पैसे दे रहा है। वो कह रहा है कि पैसों की कोई दिक्कत नहीं है। ये काम करवा दे।
सोनू : हम तो करनाल छोड़कर चले जाएंगे
आरोपी : बस तू यह सोच ले, तूने करा क्या है।
सोनू : भाई मैंने तो कुछ भी नहीं किया, करनाल में कोई झगड़ा भी नहीं। भाई जिस दुकान पर मैं लग रहा हूं। उनके साथ कभी-कभी तू तू-मैं मैं हो जाती है।
आरोपी : अगले आदमी का नहीं पता वह किस चीज में बैठे। अगले वाले को कमजोर नहीं समझना चाहिए। हम तो इतना ही समझा सके, अगर तू यहां से जाता है तो अपना घर सेटल कर सकता है। अगर यहां तेरे साथ ऊंच-नीच हो जाती है तो बालकों का क्या होगा।
सोनू : हमने तो लोन लेकर मकान लिया है। अभी तो इसकी किस्त है।
आरोपी : ऐसी तूने गलती क्या की है कि सरदार बोल रहा है कि मार दे। उसके दिल पर बात लग रही थी।
सोनू : मेरे वीर 17-18 साल में यहां पर कोई लड़ाई नहीं हुई। दो-तीन दिन पहले दुकान पर अंजान लड़का भी आया था। मुझे मेरी पत्नी ने बताया था कि उसने सिगरेट मांगी थी और बैग टांग रखा था।
आरोपी : हां जानता हूं मैं उसे, कौन था।
सोनू : भाई पापा आ जाएंगे आज, हम बात कर लेंगे। हम करनाल छोड़कर कहीं और चले जाएंगे।
आरोपी : इस बात की गारंटी मैं ले रहा हूं कि अगर तू करनाल से चला जाएगा तो तुझे कुछ नहीं होगा। अगर सरदार किसी और को पैसे देता है तो मैं फिर तेरे साथ खड़ा हूं।
विज्ञापन
ऑडियो क्लिप सौंपकर पुलिस को दी गई थी शिकायत पर नहीं ली गई सुध
हत्या के बाद गुस्साए परिजन पहुंचे लघु सचिवालय, अंतिम संस्कार से किया इंकार
एसपी ने परिजनों को शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाकर समझाया
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर-32-33 थाना क्षेत्र के उत्तम नगर में युवक की हत्या के बाद पुलिस को परिजनों ने एक ऑडियो क्लिप दी है। इसमें हत्या से पहले युवक की आरोपी से बातचीत है। इसमें आरोपी ने युवक से कहा है कि सरदार तुझे मरवाना चाहता है। उसके लिए वह तीन लाख रुपये देने को भी तैयार है। तू परिवार के साथ अगर जीना चाहता है तो करनाल छोड़कर चला जा। इस संबंध में परिजनों की ओर से पुलिस को शिकायत भी दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन धमकी के करीब 15 दिन बाद शुक्रवार को युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सचिवालय में डेरा डाला। पुलिस की ओर से शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
मूल रूप से यूपी के बागपत के निनाना निवासी कंवरपाल ने पुलिस को बताया कि वह करीब 18 साल पहले परिवार के साथ करनाल आ गया था। यहां उत्तम नगर में पहले किराए पर रहा और फिर खुद का मकान ले लिया था। उसके दो बेटों में बड़ा सोनू मेहनत मजदूरी करता था। उसके दो बच्चे हैं। करीब 20 दिन पहले उसे फोन पर मारने की धमकी दी गई थी। इसकी शिकायत सेक्टर-32-33 थाने में की थी, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने बताया कि आरोपी ने फोन पर नए साल से पहले मारने की धमकी दी थी। धमकी देने के बाद बीते शुक्रवार को आरोपियों ने बेटे की हत्या कर दी। परिजनों ने आरोपी से बेटे के साथ हुई बातचीत की ऑडियो भी पुलिस को सौंपी है, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों को चिह्नित किया है। इसके अलावा पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से भी आरोपियों की पहचान की है। उधर, शनिवार को युवक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने शव उठाने से इंकार करते हुए सचिवालय कूच किया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की चेतावनी दी। इसके बाद परिजनों की एसपी शशांक कुमार सावन से वार्ता हुई। उन्होंने परिजनों को जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
परिजनों ने पुलिस पर उठाए सवाल, बोले-आरोपियों को पकड़ लेते तो बेटे की जान नहीं जाती
सचिवालय में बेटे की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल देखने को मिला। रोती-बिलखती महिलाएं पुलिस पर सवाल खड़े कर रही थीं। रोते हुए बोल रही थीं अब तो म्हारे बेटे को भी मार डाला। अब तो आरोपियों को पकड़ लो। खड़े-खड़े हमारा हाल क्या देख रहे हो। अगर तुम पहले आरोपियों को पकड़ लेते तो हमारे बेटे की जान क्यों जाती। हमें न्याय दिला दो।
विज्ञापन
हत्यारोपियों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर वारदात का खुलासा किया जाएगा।
- मोहनलाल, प्रभारी सीआई-टू
ऑडियो के अंश
सोनू : हैलो हां भाई, बता दिया हम तो चले जाएंगे छोड़कर, पर यार मैने ऐसी कौन-सी गलती करी। हम तो माफी मांग लेंगे।
आरोपी : ठीक है जब तन्ने सोच लिया, मगर सरदार तुझे यहां से निकालना क्यों चाह रहा है। तुझे निकालने के लिए तीन लाख रुपये भी देने के लिए मुझे तैयार है। तो फिर कुछ बात ही होगी।
सोनू : सरदार मुझे कह रहा है तीन लाख रुपये दे देगा।
आरोपी : तूझे नहीं मुझे देने को तैयार है, मगर हम बोल रहे हैं उसके छोटे बालक हैं। उसके मरने पर उनका क्या होगा। सरदार तो यह बोल रहा है कि तू सीधा काम कर दे। दिल खुश कर दे, मैं तेरा दिल खुश कर दूंगा।
सोनू : सरदार है, मगर उससे ये पूछ ले कि उस गरीब की गलती क्या है। सरदार से तो मेरा कोई लड़ाई-झगड़ा भी नहीं है। हम तो गलती मानने को भी तैयार हैं। मेहनत कर तो बालक पाल रहे हैं। करनाल में 17-18 साल हो गए।
आरोपी : करनाल में कितना समय हो गया। फिर भी तूने दादा बनकर अपने साथ यह काम जुड़वा लिया।
सोनू : तू कहेगा तेरे पैर पकड़ लेंगे, मेरे बालक हैं छोटे-छोटे यार
आरोपी : मुझे निकलते हुए घर के बाहर तेरे बालक दिख गए, सोचा ये इसके बालक हैं। इनका क्या होगा तो पहले तेरे से फोन पर बात कर लूं। तू मान जाएगा तो।
सोनू : जो काम बैठकर प्यार से हम आपस में कर लेंगे। हमें राड़ नहीं बढ़ानी है।
आरोपी : अरे भाई सरदार मोटे पैसे दे रहा है। वो कह रहा है कि पैसों की कोई दिक्कत नहीं है। ये काम करवा दे।
सोनू : हम तो करनाल छोड़कर चले जाएंगे
आरोपी : बस तू यह सोच ले, तूने करा क्या है।
सोनू : भाई मैंने तो कुछ भी नहीं किया, करनाल में कोई झगड़ा भी नहीं। भाई जिस दुकान पर मैं लग रहा हूं। उनके साथ कभी-कभी तू तू-मैं मैं हो जाती है।
आरोपी : अगले आदमी का नहीं पता वह किस चीज में बैठे। अगले वाले को कमजोर नहीं समझना चाहिए। हम तो इतना ही समझा सके, अगर तू यहां से जाता है तो अपना घर सेटल कर सकता है। अगर यहां तेरे साथ ऊंच-नीच हो जाती है तो बालकों का क्या होगा।
सोनू : हमने तो लोन लेकर मकान लिया है। अभी तो इसकी किस्त है।
आरोपी : ऐसी तूने गलती क्या की है कि सरदार बोल रहा है कि मार दे। उसके दिल पर बात लग रही थी।
सोनू : मेरे वीर 17-18 साल में यहां पर कोई लड़ाई नहीं हुई। दो-तीन दिन पहले दुकान पर अंजान लड़का भी आया था। मुझे मेरी पत्नी ने बताया था कि उसने सिगरेट मांगी थी और बैग टांग रखा था।
आरोपी : हां जानता हूं मैं उसे, कौन था।
सोनू : भाई पापा आ जाएंगे आज, हम बात कर लेंगे। हम करनाल छोड़कर कहीं और चले जाएंगे।
आरोपी : इस बात की गारंटी मैं ले रहा हूं कि अगर तू करनाल से चला जाएगा तो तुझे कुछ नहीं होगा। अगर सरदार किसी और को पैसे देता है तो मैं फिर तेरे साथ खड़ा हूं।