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Karnal News: हैफेड महाप्रबंधक के घर से 72 लाख रुपये बरामद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Dec 2023 02:33 AM IST
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Rs 72 lakh recovered from Hafed General Manager's house
- दूसरे दिन आरोपी की निशानदेही पर एसीबी ने पंचकूला स्थित मकान में दी दबिश
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- ट्रांसपोर्टर के लंबित बिल पास करने की एवज में महाप्रबंधक, प्रबंधक और अकाउंटेंट तराड़ी ने मांगी थी रिश्वत
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एंटी करप्शन ब्यूराे की टीम ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के मामले में पकड़े गए हैफेड तरावड़ी के महाप्रबंधक प्रदीप के घर से 72 लाख रुपये और बरामद किए हैं। महाप्रबंधक को कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके साथी और बाकी रकम की बरामदगी भी होगी। जबकि हैफेड तरावड़ी के प्रबंधक और अकाउंटेंट को शनिवार को जेल भेजा गया है।
बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल ने रिश्वत मांगने की शिकायत पर हैफेड तरावड़ी के जीएम प्रदीप, प्रबंधक धर्मबीर और आउट सोर्सिंग पर कार्यरत अकाउंटेंट अजय को गिरफ्तार किया था। एसीबी ने आरोपियों के कब्जे से रिश्वत समेत 12 लाख की रकम बरामद की थी।
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एसीबी इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि शनिवार को तीनों आरोपियों के मकान पर दबिश दी गई। जीएम प्रदीप के पंचकूला स्थित घर से टीम ने 72 लाख रुपये की और बरामदगी की है। इसके अलावा प्रबंधक धर्मबीर और अकाउंटेंट अजय के घर से कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। एसीबी ने जीएम प्रदीप को तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान रिश्वत मामले से जुड़े अन्य लोगों के संबंध और बरामद 72 लाख की रकम के बारे में पूछताछ की जाएगी। इस मामले में एसीबी द्वारा और भी कई खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद महाप्रबंधक के करीबियों की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं। टीम उनसे भी पूछताछ करने में जुटी है।
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36 लाख के बिल करने थे पास

शिकायतकर्ता ट्रांसपोर्टर के लंबे समय से लंबित पड़े 36 लाख रुपये के बिल पास करने की एवज में आरोपियों ने रिश्वत मांगी थी। इन बिलों को पास कराने के लिए महाप्रबंधक के दफ्तर के पीड़ित ट्रांसपोर्टर चक्कर लगाकर थक चुका था। उसके बाद जब बिल पास करने के लिए आरोपियों ने रकम मांगी तो पीड़ित ने एसीबी को मामले की जानकारी दी। एसीबी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मोटी रकम बरामद की। अभी और कितने बिल कब से और कितने ट्रांसपोर्टरों के रुके हैं। इसके बारे में भी एसीबी की टीम जानकारी जुटा रही है।
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