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Karnal News: दवाएं न मिलने से एचआईवी मरीजों में संक्रमण का खतरा
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- सातवें दिन भी हड़ताल पर रहे हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी के कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी पंचकूला (एचएसएसीएस) के बैनर तले सातवें दिन एड्स कंट्रोल कर्मचारी जिला स्तर पर सिविल सर्जन कार्यालय में मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिस कारण सात दिनों से एआरटी सेंटर से एचआईवी मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। ऐसे में मरीजों के शरीर के अंदर संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी दो एचआईवी पीड़ित दवा के बारे में जानकारी लेने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे।
आईसीटीसी काउंसलर रंगी राम वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार के रवैये की वजह से हड़ताल करने का एलान किया है क्योंकि एड्स विभाग सबसे पहले शुरू हुआ था। टीबी, आरसीएच, आरबीएसके बाद में शुरू हुई और एनएचएम विभाग बनाकर उनको सर्विस बायलॉज के माध्यम से सब बेनीफिट दे दिए गए सिर्फ एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों को छोड़ दिया।
आईसीटीसी लैब टेक्नीशियन प्रीति शर्मा ने कहा कि एड्स कंट्रोल कर्मचारी मरीज के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि यह गंभीर बीमारी के मरीजों को देखते हैं और किसी भी इलाज के शुरू होने से पहले एचआईवी टेस्ट के बिना डॉक्टर भी मरीज को हाथ नहीं लगाते हैं। इसलिए कर्मचारी हमेशा गंभीर बीमारियों के खतरे में रहते हैं इसके बावजूद एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। मौके पर आईसीटीसी काउंसलर कांता, अजय, रचित, पूनम, प्रदीप, आईसीटीसी लैब टेक्नीशियन मीत सिंह, विजय, राजेंद्र व रजत मौजूद रहे।
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सोसाइटी की मुख्य मांगें-
- हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों को एनएचएम की तर्ज पर सर्विस बायलाॅज मिले।
- सभी एड्स कंट्रोल कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर स्टेट शेयर दिए जाए।
- कर्मचारियों की लंबित पड़ी फाइल की शर्तों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी पंचकूला (एचएसएसीएस) के बैनर तले सातवें दिन एड्स कंट्रोल कर्मचारी जिला स्तर पर सिविल सर्जन कार्यालय में मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिस कारण सात दिनों से एआरटी सेंटर से एचआईवी मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। ऐसे में मरीजों के शरीर के अंदर संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी दो एचआईवी पीड़ित दवा के बारे में जानकारी लेने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे।
आईसीटीसी काउंसलर रंगी राम वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार के रवैये की वजह से हड़ताल करने का एलान किया है क्योंकि एड्स विभाग सबसे पहले शुरू हुआ था। टीबी, आरसीएच, आरबीएसके बाद में शुरू हुई और एनएचएम विभाग बनाकर उनको सर्विस बायलॉज के माध्यम से सब बेनीफिट दे दिए गए सिर्फ एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों को छोड़ दिया।
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आईसीटीसी लैब टेक्नीशियन प्रीति शर्मा ने कहा कि एड्स कंट्रोल कर्मचारी मरीज के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि यह गंभीर बीमारी के मरीजों को देखते हैं और किसी भी इलाज के शुरू होने से पहले एचआईवी टेस्ट के बिना डॉक्टर भी मरीज को हाथ नहीं लगाते हैं। इसलिए कर्मचारी हमेशा गंभीर बीमारियों के खतरे में रहते हैं इसके बावजूद एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। मौके पर आईसीटीसी काउंसलर कांता, अजय, रचित, पूनम, प्रदीप, आईसीटीसी लैब टेक्नीशियन मीत सिंह, विजय, राजेंद्र व रजत मौजूद रहे।
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सोसाइटी की मुख्य मांगें-
- हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों को एनएचएम की तर्ज पर सर्विस बायलाॅज मिले।
- सभी एड्स कंट्रोल कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर स्टेट शेयर दिए जाए।
- कर्मचारियों की लंबित पड़ी फाइल की शर्तों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।