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राइस मिलरों ने धान लेना बंद किया
कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 07 Oct 2013 11:56 PM IST
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इस्माईलाबाद की अनाज मंडी में अधिक नमी वाली धान आने से परेशान राइस मिलरों ने सरकारी खरीद एजेंसियों से दो दिन के लिए धान की डिलीवरी लेनी बंद कर दी है।
राइस मिलरों ने सोमवार को सरकारी एजेंसियों से धान की डिलीवरी नहीं ली, जिसके चलते अनाज मंडी में धान के अंबार लग गए। इससे आढ़ती व किसान परेशान नजर आए।
राइस मिलरों ने धान की डिलीवरी न लेने का फैसला रविवार देर शाम एक बैठक में लिया। राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान पुनीत मित्तल ने बताया कि सरकारी मापदंडों के अनुसार सरकारी एजेंसियां 17 प्रतिशत नमीयुक्त धान की ही डिलीवरी राइस मिलरों को देंगी। इसके बावजूद सरकारी एजेंसियां राइस मिलरों को 20 से 22 प्रतिशत नमीयुक्त धान की डिलीवरी दे रही थीं।
राइस मिलर इस धान की लगातार डिलीवरी ले रहे थे, लेकिन खराब मौसम के चलते किसानों ने 25 से 27 प्रतिशत नमीयुक्त धान भी मंडियों में पहुंचा दिया। इससे राइस मिलरों की परेशानी बढ़ गई। इसके चलते राइस मिलरों ने दो दिनों तक धान की डिलीवरी लेने से इंकार कर दिया।
राइस मिलरों का कहना है कि पहले राइस मिलों में पहुंचा नमीयुक्त धान को सुखाकर अपने माल को संभाल लेंगे। इसके बाद फिर से धान की डिलीवरी लेनी शुरू कर दी जाएगी।
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उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपने धान को सुखाकर व साफ करके मंडियों में लाएं, ताकि उन्हें किसी किस्म की परेशानी न उठानी पड़े।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर रामनिवास ने भी माना कि अनाज मंडी में कुछ किसान ज्यादा नमी वाली धान लेकर आ रहे हैं, जिससे थोड़ी परेशानी आई है। लेकिन सरकारी मापदंड के अनुसार जो धान सही पाई जा रही है। उसे खरीद कर राइस मिलरों को डिलीवरी दे दी जाएगी। किसानों के सूखे धान को खरीदने में कोई भी आनाकानी नहीं की जाएगी।
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राइस मिलरों ने सोमवार को सरकारी एजेंसियों से धान की डिलीवरी नहीं ली, जिसके चलते अनाज मंडी में धान के अंबार लग गए। इससे आढ़ती व किसान परेशान नजर आए।
राइस मिलरों ने धान की डिलीवरी न लेने का फैसला रविवार देर शाम एक बैठक में लिया। राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान पुनीत मित्तल ने बताया कि सरकारी मापदंडों के अनुसार सरकारी एजेंसियां 17 प्रतिशत नमीयुक्त धान की ही डिलीवरी राइस मिलरों को देंगी। इसके बावजूद सरकारी एजेंसियां राइस मिलरों को 20 से 22 प्रतिशत नमीयुक्त धान की डिलीवरी दे रही थीं।
राइस मिलर इस धान की लगातार डिलीवरी ले रहे थे, लेकिन खराब मौसम के चलते किसानों ने 25 से 27 प्रतिशत नमीयुक्त धान भी मंडियों में पहुंचा दिया। इससे राइस मिलरों की परेशानी बढ़ गई। इसके चलते राइस मिलरों ने दो दिनों तक धान की डिलीवरी लेने से इंकार कर दिया।
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राइस मिलरों का कहना है कि पहले राइस मिलों में पहुंचा नमीयुक्त धान को सुखाकर अपने माल को संभाल लेंगे। इसके बाद फिर से धान की डिलीवरी लेनी शुरू कर दी जाएगी।
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उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपने धान को सुखाकर व साफ करके मंडियों में लाएं, ताकि उन्हें किसी किस्म की परेशानी न उठानी पड़े।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर रामनिवास ने भी माना कि अनाज मंडी में कुछ किसान ज्यादा नमी वाली धान लेकर आ रहे हैं, जिससे थोड़ी परेशानी आई है। लेकिन सरकारी मापदंड के अनुसार जो धान सही पाई जा रही है। उसे खरीद कर राइस मिलरों को डिलीवरी दे दी जाएगी। किसानों के सूखे धान को खरीदने में कोई भी आनाकानी नहीं की जाएगी।