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Karnal News: सीएम से मिले राइस मिलर, नहीं मिला कार्रवाई रोकने का भरोसा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों की सांठगांठ से मंडी अधिकारियों, राइस मिलरों और आढ़तियों की तिकड़ी के स्थलीय सत्यापन में खुली धान घोटाले की परतों से राइस मिलरों में खलबली मच गई है। उन्होंने शहर विधायक का दामन थामा है। विधायक राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। जांच के नाम पर अनावश्यक परेशान न करने की बात रखी। हालांकि कार्रवाई में राहत का भरोसा नहीं मिला।
राइस मिलर्स ने कहा कि धान में कमी नमी खत्म होने से भी आ रही है। राइस मिलरों ने उस समय अधिक नमी का धान खरीद लिया था, जो सूखने के बाद कम हो गया। हालांकि मुख्यमंत्री इससे संतुष्ट नहीं हुए, यही कारण रहा कि राइस मिलरों को कोई खास आश्वासन नहीं मिल सका है। दूसरी ओर धान घोटाले में कहीं न कहीं आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों को भी कार्रवाई का भय सताने लगा है। फिलहाल एफआईआर में नामजद किए गए पांचों खाद्य आपूर्ति निरीक्षकों को चार्जशीट कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
बिना धान मंडी में आए फर्जी गेटपास के सहारे मंडी से उठान की प्रक्रिया से गुजर कर अभिलेखों में राइस मिलों तक पहुंचाया गया धान राइस मिलों में नहीं मिल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मंडी अधिकारियों, खरीद एजेंसियों के साथ साथ आढ़तियों और ट्रांसपोर्टर की भी है, क्योंकि जो धान है ही, उसे राइस मिलों तक ट्रांसपोर्टर ने कैसे पहुंचा दिया। इसलिए आढ़तियों व ट्रांसपोर्टर को भी कार्रवाई का भय सताने लगा है। राइस मिलों का सत्यापन तो चल रहा है लेकिन फर्जी गेटपास किसने और क्यों काटे, इसकी जांच कहीं न कहीं पिछड़ गई है, क्योंकि इसमें कई मंडी अधिकारी फंस सकते हैं, जो सियासी रसूख भी रखते हैं। फिलहाल तो चार राइस मिलों में जो 5.94 करोड़ रुपये का धान नदारद मिला है, इस मामले में लिखाई गई एफआईआर में नामजद चारों निरीक्षक यशवीर सिंह, संदीप शर्मा, समीर वशिष्ट एवं लोकेश और उप निरीक्षक रामफल को चार्जशीट कर दिया गया है। अब विभागीय जांच चलती रहेगी, यदि दोष पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, अन्यथा उन्हें दोषमुक्त करार दे दिया जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड ने अभी नामजद मंडी सचिव पर कार्रवाई का संज्ञान नहीं लिया है।
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करनाल राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में जिला प्रधान राज कुमार गुप्ता, घरौंडा मंडी राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान रविंद्र शर्मा, जुंडला के प्रधान राजेंद्र मूंगा, तरावड़ी राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल आदि शामिल रहे। जिला प्रधान राज कुमार गुप्ता ने बताया कि सीएम ने कार्रवाई रोकने का आश्वासन तो नहीं दिया, इतना जरूर कहा कि नमी की सूख इतनी अधिक नहीं हो सकती, जितनी संभव है, यदि उतना कम मिलता है, तो ठीक है लेकिन यदि अधिक कम मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। किसी को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा।
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करनाल। खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों की सांठगांठ से मंडी अधिकारियों, राइस मिलरों और आढ़तियों की तिकड़ी के स्थलीय सत्यापन में खुली धान घोटाले की परतों से राइस मिलरों में खलबली मच गई है। उन्होंने शहर विधायक का दामन थामा है। विधायक राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। जांच के नाम पर अनावश्यक परेशान न करने की बात रखी। हालांकि कार्रवाई में राहत का भरोसा नहीं मिला।
राइस मिलर्स ने कहा कि धान में कमी नमी खत्म होने से भी आ रही है। राइस मिलरों ने उस समय अधिक नमी का धान खरीद लिया था, जो सूखने के बाद कम हो गया। हालांकि मुख्यमंत्री इससे संतुष्ट नहीं हुए, यही कारण रहा कि राइस मिलरों को कोई खास आश्वासन नहीं मिल सका है। दूसरी ओर धान घोटाले में कहीं न कहीं आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों को भी कार्रवाई का भय सताने लगा है। फिलहाल एफआईआर में नामजद किए गए पांचों खाद्य आपूर्ति निरीक्षकों को चार्जशीट कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
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बिना धान मंडी में आए फर्जी गेटपास के सहारे मंडी से उठान की प्रक्रिया से गुजर कर अभिलेखों में राइस मिलों तक पहुंचाया गया धान राइस मिलों में नहीं मिल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मंडी अधिकारियों, खरीद एजेंसियों के साथ साथ आढ़तियों और ट्रांसपोर्टर की भी है, क्योंकि जो धान है ही, उसे राइस मिलों तक ट्रांसपोर्टर ने कैसे पहुंचा दिया। इसलिए आढ़तियों व ट्रांसपोर्टर को भी कार्रवाई का भय सताने लगा है। राइस मिलों का सत्यापन तो चल रहा है लेकिन फर्जी गेटपास किसने और क्यों काटे, इसकी जांच कहीं न कहीं पिछड़ गई है, क्योंकि इसमें कई मंडी अधिकारी फंस सकते हैं, जो सियासी रसूख भी रखते हैं। फिलहाल तो चार राइस मिलों में जो 5.94 करोड़ रुपये का धान नदारद मिला है, इस मामले में लिखाई गई एफआईआर में नामजद चारों निरीक्षक यशवीर सिंह, संदीप शर्मा, समीर वशिष्ट एवं लोकेश और उप निरीक्षक रामफल को चार्जशीट कर दिया गया है। अब विभागीय जांच चलती रहेगी, यदि दोष पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, अन्यथा उन्हें दोषमुक्त करार दे दिया जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड ने अभी नामजद मंडी सचिव पर कार्रवाई का संज्ञान नहीं लिया है।
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करनाल राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में जिला प्रधान राज कुमार गुप्ता, घरौंडा मंडी राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान रविंद्र शर्मा, जुंडला के प्रधान राजेंद्र मूंगा, तरावड़ी राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल आदि शामिल रहे। जिला प्रधान राज कुमार गुप्ता ने बताया कि सीएम ने कार्रवाई रोकने का आश्वासन तो नहीं दिया, इतना जरूर कहा कि नमी की सूख इतनी अधिक नहीं हो सकती, जितनी संभव है, यदि उतना कम मिलता है, तो ठीक है लेकिन यदि अधिक कम मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। किसी को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा।