फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Rice millers met the CM but did not get assurance of stopping the action.

Karnal News: सीएम से मिले राइस मिलर, नहीं मिला कार्रवाई रोकने का भरोसा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 02:06 AM IST
विज्ञापन
Rice millers met the CM but did not get assurance of stopping the action.
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों की सांठगांठ से मंडी अधिकारियों, राइस मिलरों और आढ़तियों की तिकड़ी के स्थलीय सत्यापन में खुली धान घोटाले की परतों से राइस मिलरों में खलबली मच गई है। उन्होंने शहर विधायक का दामन थामा है। विधायक राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। जांच के नाम पर अनावश्यक परेशान न करने की बात रखी। हालांकि कार्रवाई में राहत का भरोसा नहीं मिला।
राइस मिलर्स ने कहा कि धान में कमी नमी खत्म होने से भी आ रही है। राइस मिलरों ने उस समय अधिक नमी का धान खरीद लिया था, जो सूखने के बाद कम हो गया। हालांकि मुख्यमंत्री इससे संतुष्ट नहीं हुए, यही कारण रहा कि राइस मिलरों को कोई खास आश्वासन नहीं मिल सका है। दूसरी ओर धान घोटाले में कहीं न कहीं आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों को भी कार्रवाई का भय सताने लगा है। फिलहाल एफआईआर में नामजद किए गए पांचों खाद्य आपूर्ति निरीक्षकों को चार्जशीट कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

बिना धान मंडी में आए फर्जी गेटपास के सहारे मंडी से उठान की प्रक्रिया से गुजर कर अभिलेखों में राइस मिलों तक पहुंचाया गया धान राइस मिलों में नहीं मिल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मंडी अधिकारियों, खरीद एजेंसियों के साथ साथ आढ़तियों और ट्रांसपोर्टर की भी है, क्योंकि जो धान है ही, उसे राइस मिलों तक ट्रांसपोर्टर ने कैसे पहुंचा दिया। इसलिए आढ़तियों व ट्रांसपोर्टर को भी कार्रवाई का भय सताने लगा है। राइस मिलों का सत्यापन तो चल रहा है लेकिन फर्जी गेटपास किसने और क्यों काटे, इसकी जांच कहीं न कहीं पिछड़ गई है, क्योंकि इसमें कई मंडी अधिकारी फंस सकते हैं, जो सियासी रसूख भी रखते हैं। फिलहाल तो चार राइस मिलों में जो 5.94 करोड़ रुपये का धान नदारद मिला है, इस मामले में लिखाई गई एफआईआर में नामजद चारों निरीक्षक यशवीर सिंह, संदीप शर्मा, समीर वशिष्ट एवं लोकेश और उप निरीक्षक रामफल को चार्जशीट कर दिया गया है। अब विभागीय जांच चलती रहेगी, यदि दोष पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, अन्यथा उन्हें दोषमुक्त करार दे दिया जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड ने अभी नामजद मंडी सचिव पर कार्रवाई का संज्ञान नहीं लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

करनाल राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में जिला प्रधान राज कुमार गुप्ता, घरौंडा मंडी राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान रविंद्र शर्मा, जुंडला के प्रधान राजेंद्र मूंगा, तरावड़ी राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल आदि शामिल रहे। जिला प्रधान राज कुमार गुप्ता ने बताया कि सीएम ने कार्रवाई रोकने का आश्वासन तो नहीं दिया, इतना जरूर कहा कि नमी की सूख इतनी अधिक नहीं हो सकती, जितनी संभव है, यदि उतना कम मिलता है, तो ठीक है लेकिन यदि अधिक कम मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। किसी को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed