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Karnal News: कंदीय फसलों पर होगा शोध, नई किस्में होंगी तैयार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Nov 2025 01:30 AM IST
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Research will be done on tuber crops, new varieties will be prepared
देव शर्मा
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करनाल। लंबे समय से उपेक्षित लेकिन सेहत का खजाना मानी जाने वाली कंदीय फसलों की हरियाणा की जलवायु में बेहतर पैदावार लेने के लिए शोध शुरू होगा। इसके लिए करनाल के महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय को केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (सीटीसीआरआई), तिरुवनंतपुरम (केरल) की अगुवाई में चल रही अखिल भारतीय समंवित अनुसंधान परियोजना का देश का 24वां केंद्र बनाया गया है, जो स्थानीय जलवायु अनुकूलता के साथ पोषक तत्वों से भरपूर कंदीय सब्जियों की फसलों की नई किस्मों और तकनीक को विकसित करेगा।
कंदीय फसलों में आलू, प्याज, लहसुन जैसी फसलों पर कार्य हुआ है। हालांकि शकरकंदी, अरबी, जिमीकंद जैसी कई ऐसी कंदीय फसलें हैं जो सेहत का खजाना मानी जाती हैं लेकिन देश में उनकी गिनीचुनी किस्में ही हैं। कई कंद वाली सब्जियां देश के अलग अलग जलवायु में होती है, कहीं नहीं होती हैं। कुछ में खनिजों और पोषक तत्वों की भारी कमी भी है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (एमएचयू) करनाल के कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि देश में कंदीय फसलों पर अनुसंधान के लिए एकमात्र केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (सीटीसीआरआई), तिरुवनंतपुरम में ही है। इसकी अगुवाई में देश में 23 विश्वविद्यालयों व अनुसंधान संस्थानों को केंद्र बनाकर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना से जोड़कर अलग-अलग कंद वाली सहित कई फसलों पर अनुसंधान किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और केंद्र सरकार ने करनाल के महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय को भी शामिल कर लिया है, जिससे ये देश का 24वां केंद्र बन गया है।
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जेनेटिक बदलाव कर शामिल करेंगे पोषक तत्व
कुलपति ने बताया कि हरियाणा की जलवायु में एमएचयू खासतौर पर शकरकंदी, अरबी और जिमीकंद जैसी कुछ खास फसलों पर शोध शुरू कर रहा है। नई किस्मों का विकास, उत्पादन तकनीक और पौधों की सुरक्षा पर योजनाबद्ध तरीके के शोध कार्य किया जाएगा। उनमें विटामिन-ए, बी कॉम्प्लेक्स जैसे विटामिन, खनिज व जिंक, आयरन, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए पौधों में जेनेटिक बदलाव भी किए जाएंगे। डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को रोजाना 300 ग्राम सब्जी खानी चाहिए, जिसमें कम से कम 50 ग्राम कंदीय सब्जी शामिल होनी चाहिए। इससे शरीर में आवश्यक तत्वों की मांग पूरी होती है। आलू के अतिरिक्त अन्य कंदीय फसलों का शामिल होना आवश्यक है।
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