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Karnal News: गेहूं-जौ के बीज के लिए 15 से होगा पंजीकरण
Sat, 30 Aug 2025 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 30 Aug 2025 02:31 AM IST
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1002 डॉ.रतन तिवारी, निदेशक आईआईडब्ल्यूबीआर, करनाल।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) का बीज वितरण पोर्टल 15 सितंबर से खुलेगा। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के किसानों को गेहूं और जौं की नई उन्नतशील किस्मों का बीज दिया जाएगा। ये किस्में बायोफोर्टिफाइड यानी पोषणयुक्त भी होंगी। पूर्वी यूपी, बिहार, झारखंड सहित देश के उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्रों के किसानों को पहली बार कर्ण खुशबू (डीबीडब्ल्यू-386) किस्म का बीज दिया जाएगा।
आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने बताया कि रबी सीजन में गेहूं और जौं की विभिन्न किस्मों का बीज किसानों को देने की तैयारी की जा रही है। बीज प्राप्त करने के लिए किसानों का संस्थान के बीज पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। गेहूं की जिन किस्मों का बीज दिया जाएगा, वे सभी जैव पोषित (बायोफोर्टिफाइड) होंगी। इन किस्मों में प्रोटीन 12 प्रतिशत, जिंक 40 पीपीएम और आयरन 40 पीपीएम से अधिक होगा। पंजीकरण के बाद बीज वितरण अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में किया जा सकता है।
इन किस्मों का मिलेगा बीज
हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बेहतर पैदावार वाली अनुसंशित गेहूं की किस्में डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-371, डीबीडब्ल्यू-372 और डीबीडब्ल्यू-187 तथा जौं की डीडब्ल्यूआरबी-137 किस्म का बीज दिया जाएगा।
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बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बंगाल, झारखंड, असम आदि उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्र के किसानों को गेहूं की कर्ण खुशबू यानी डीबीडब्ल्यू-386 किस्म का बीज पहली बार दिया जाएगा। ये किस्म पीला व भूरा रतुआ, पत्ती झुलसा जैसे रोगों से मुक्त है।
मध्यप्रदेश, गुजरात राज्य व बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए डीबीडब्ल्यू-377, डीबीडब्ल्यू-359 व डीबीडब्ल्यू-327 और महाराष्ट्र के लिए डीबीडब्ल्यू-359 व डीबीडब्ल्यू-443 किस्मों का गेहूं का बीज दिया जाएगा।
करनाल। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) का बीज वितरण पोर्टल 15 सितंबर से खुलेगा। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के किसानों को गेहूं और जौं की नई उन्नतशील किस्मों का बीज दिया जाएगा। ये किस्में बायोफोर्टिफाइड यानी पोषणयुक्त भी होंगी। पूर्वी यूपी, बिहार, झारखंड सहित देश के उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्रों के किसानों को पहली बार कर्ण खुशबू (डीबीडब्ल्यू-386) किस्म का बीज दिया जाएगा।
आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने बताया कि रबी सीजन में गेहूं और जौं की विभिन्न किस्मों का बीज किसानों को देने की तैयारी की जा रही है। बीज प्राप्त करने के लिए किसानों का संस्थान के बीज पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। गेहूं की जिन किस्मों का बीज दिया जाएगा, वे सभी जैव पोषित (बायोफोर्टिफाइड) होंगी। इन किस्मों में प्रोटीन 12 प्रतिशत, जिंक 40 पीपीएम और आयरन 40 पीपीएम से अधिक होगा। पंजीकरण के बाद बीज वितरण अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में किया जा सकता है।
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इन किस्मों का मिलेगा बीज
हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बेहतर पैदावार वाली अनुसंशित गेहूं की किस्में डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-371, डीबीडब्ल्यू-372 और डीबीडब्ल्यू-187 तथा जौं की डीडब्ल्यूआरबी-137 किस्म का बीज दिया जाएगा।
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बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बंगाल, झारखंड, असम आदि उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्र के किसानों को गेहूं की कर्ण खुशबू यानी डीबीडब्ल्यू-386 किस्म का बीज पहली बार दिया जाएगा। ये किस्म पीला व भूरा रतुआ, पत्ती झुलसा जैसे रोगों से मुक्त है।
मध्यप्रदेश, गुजरात राज्य व बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए डीबीडब्ल्यू-377, डीबीडब्ल्यू-359 व डीबीडब्ल्यू-327 और महाराष्ट्र के लिए डीबीडब्ल्यू-359 व डीबीडब्ल्यू-443 किस्मों का गेहूं का बीज दिया जाएगा।