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Karnal News: संस्कृति को जिंदा रखीं हैं रामलीला सभाएं, बुजुर्ग बचपन से निभा रहे किरदार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Oct 2023 02:53 AM IST
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Ramlila meetings have kept the culture alive, elders are playing characters since childhood
- मैदानों के अभाव में सिमटे आयोजन, एक दशक पहले तक जिले में होती थी 21 बड़ी रामलीला, इस बार 11 ही मंचन
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- शहर की रामायण पाठक सभा 120 साल पुरानी, करनाल और असंध में होती थे पांच-पांच आयोजन

गगन तलवार

करनाल। दशहरा उत्सव पर रामलीला का मंचन करके कर्ण नगरी की सभाएं सवा सदी से संस्कृति को जिंदा रखी हुई हैं। बचपन से किरदार निभाते-निभाते कुछ कलाकार अब बुजुर्ग हो चुके हैं, लेकिन संस्कृति को आगे बढ़ाने का बीड़ा अभी तक उठाए हुए हैं। नई पीढ़ी के इस कला में आने से धीरे-धीरे इसका क्रेज तो बढ़ा है, लेकिन जगह के अभाव में आयोजन सिमटते जा रहे हैं।

स्थिति यह है कि एक दशक से पहले जहां जिले में बड़े स्तर पर 21 रामलीला मंचन होते थे, इस साल वे सिमटकर आधे यानी 11 ही रह गए हैं। इस बार जिले में ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर केवल 11 जगहों पर ही रामलीला का मंचन होगा। इनमें सबसे पुरानी सभा करनाल की श्री रामायण पाठक सभा है, जिनका इस बार 120वां मंचन होने जा रहा है। वहीं घरौंडा, मूनक और नीलोखेड़ी सहित कई ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां सभाएं आजादी से पहले से रामलीला मंचन का आयोजन कर रही हैं और इस बार भी उनका आयोजन उसी जोश से करने की तैयारी है, जैसे वे पहले किया करते थे। वहीं, पुराने कलाकारों की बात करें तो एक जमाने में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता सहित बचपन के जो नन्हें किरदार निभाते थे, वे अब बुजुर्ग होने पर राजा दशरत और मुनि विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ जैसे बड़े किरदार अब निभा रहे हैं। कई ऐसे भी पुराने कलाकार हैं, जो स्वयं मंचन न करके अपने क्लब के नए कलाकारों का मार्गदर्शन करते हैं। ब्यूरो
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जहां होते थे आयोजन वहां कट गई कॉलोनियां

जिले में कई जगह रामलीला का मंचन जगह के अभाव में बंद हो गया है। शहर की बात करें तो रामलीला मैदान (भवन) के अलावा, हांसी चौक, शिव कॉलोनी, कैथल रोड पुल के नीचे, जनता मंडी सहित कई अन्य जगहों पर रामलीला का आयोजन होता था। अब अब केवल रामलीला भवन में ही आयोजन होता है, क्योंकि जनता मंडी के आयोजन स्थल पर स्मार्ट सिटी के तहत कांप्लेक्स बन रहा है और हांसी चौक पर मैदान की जगह पर कॉलोनी कट गई है। शिव कॉलोनी में भी आयोजन स्थल पर अब मकान बन चुके हैं।
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करनाल : 1904 में हुआ था पहला मंचन

श्री रामायण पाठक सभा के चेयरमैन नरेश गुप्ता ने बताया कि 1904 में उनकी सभा की स्थापना हुई थी। तब से लगातार रामलीला मंचन किया जा रहा है। 15 अक्तूबर से इस बार वे रामलीला भवन में मंचन करेंगे। 14 सितंबर से रिहर्सल चल रही है। उन्होंने बताया कि कई कलाकार ऐसे हैं, जो दशकों से एक ही किरदार निभा रहे हैं। राम, लक्ष्मण, सीता, रावण, दशरत जैसे बड़े किरदार एक ही कलाकार कई वर्षों से कर रहे हैं।

घरौंडा : मैदान में 92 वर्ष से हो रहा आयोजन

आदर्श ड्रामेटिक क्लब की ओर से रामलीला का मंचन नई अनाज मंडी रोड पर रामलीला मैदान में होगा। मंचन पिछले लगभग 92 वर्षों से हो रहा है। शहर में हर साल एक ही रामलीला का मंचन होता है। इसके अलावा अराईंपुरा सहित कई गांवों में भी आयोजन होता है। शहर में मंचन 13 से 25 अक्तूबर तक होगा। रामलीला का मंचन करता है।

इंद्री : केवल गांवों में उत्साह

शहर में रामलीला का मंचन नहीं होता। बीबीपुर जाटान गांव में करीब 52 वर्षों से रामलीला का मंचन होता था, लेकिन पिछले वर्ष गांव में हुए तनाव के कारण रामलीला नहीं हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार भी मंचन नहीं होगा। ब्याना गांव में करीब 50 वर्षों से रामलीला की जाती है लेकिन पिछले वर्ष नहीं हुई। इस बार रामलीला का मंचन होगा।

नीलोखेड़ी : बुजुर्गों की प्रथा को चला रहे युवा

नीलोखेड़ी में दो रामलीला होती हैं। श्री रामलीला कमेटी की ओर से पिछले 52 सालों से आयोजन हो रहा है। अपने बुजुर्गों द्वारा शुरू की गई इस रामलीला में सभी कलाकार खुद धन संग्रह से लेकर मंच व मंचन तक सारी व्यवस्था स्वयं करते हैं। श्री रामलीला कमेटी पोल्ट्री एरिया में भी 30 वर्षों से मंचन की व्यवस्था स्वयं कलाकार करते हैं।

निसिंग : दो समितियों का संयुक्त आयोजन

रामलीला का आयोजन शिव मंदिर निसिंग में होता है। पहले रामलीला का आयोजन शिव मंदिर समिति द्वारा किया जाता था, लेकिन अब जय बाबा नगर खेड़ा सेवा समिति व मंदिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में होगा। 14 से 23 अक्तूबर तक मंचन किया जाएगा। प्रधान के अनुसार, 60 साल से लगातार आयोजन कर रहे हैं।


मूनक : 1960 में हुआ पहला आयोजन

श्री राम नाटक क्लब मूनक में 1960 से मंचन कर रहा है। निदेशक पूर्व सरपंच हवा सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से उनके क्लब ने मंचन के लिए अपनी जगह खरीदी है, जहां हर साल आयोजन किया जाता है। कई कलाकार ऐसे हैं, जो शुरुआत से किरदार निभाते आ रहे हैं। अब वे हम सभी के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

कहां कितने रामलीला मंचन

स्थान
पहले
अब

करनाल
05
01

असंध
05
01

नीलोखेड़ी
02
02

घरौंडा
02
02

इंद्री
02
01

निसिंग
01
01

जुंडला
01
01

निगदू
01
01

मूनक
01
01

जलमाना
01
0

कुल
21
11
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