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बारिश ने तोड़ा दस साल का रिकॉर्ड, ठंड से ठिठुरी जिंदगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 02:24 AM IST
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Rain broke ten years' record, life chilled by cold
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जनवरी में बारिश ने पिछले दस वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 2022 में 23 जनवरी तक जिले में कुल 91.9 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। रविवार को 28.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। 2011 से 2021 के बीच कभी भी इस महीने में इतनी बारिश नहीं हुई। केवल 2017 में 85 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते शुक्रवार दोपहर बाद मौसम बदल गया था। 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी रविवार शाम तक बूंदाबांदी जारी रही। जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार रात व रविवार पूरे दिन लगातार बारिश व बूंदाबांदी होती रही। कुछ ग्रामीण इलाकों में कड़ियों वाले घरों की छतें टपकने लगीं। खेतों में जलभराव के कारण पशुपालक हरा चारा नहीं ला पा रहे। खेतों में गन्ना छिलाई का कार्य बंद है। तैयार सब्जियों की हारवेस्टिंग न होने से उनके खराब होने का अंदेशा है।
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मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि सोमवार को हल्के बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। 25 से 29 जनवरी तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान में वृद्धि होगी। 29 जनवरी तक न्यूनतम तापमान पांच डिग्री व अधिकतम 17 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनुज कुमार का कहना है कि गेहूं की फसल को इस बारिश से कोई नुकसान नहीं होगा। सब्जियों पर फर्क पड़ सकता है।
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सब्जियों और सरसों की फसल को नुकसान
कृषि विकास प्रतिष्ठान रंबा के अध्यक्ष डॉ. सरदार सिंह ने कहा कि बारिश रुकने पर आठ-दस दिन खेत तैयार नहीं हो पाएंगे। इस बार रबी प्याज की रोपाई नहीं हो पा रही है। पनीरी पीली पड़ने लगी है। आलू उखाड़ने का कार्य रुका है। पोली हाउस में तैयार की गई खीरा व घीया की पौध की जिन किसानों ने खेतों में रोपाई कर दी थी वह फसल भी प्रभावित हो गई। गोभी, मूली, गाजर, मटर, करेला, पालक, मेथी व धनिया की तुड़ाई बंद होने से किसानों को नुकसान होगा। धूप निकलने पर सब्जी की फसलों में फंगस के हमले का अंदेशा बनेगा। सरसों की फसल प्रभावित हो चुकी है। हवा चलने से पौधों की जड़ें हिल जाती हैं और कच्ची बालियों में दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। सरसों के उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है।

11.8 डिग्री रहा अधिकतम तापमान
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीएस बुंदेला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 11.8 व न्यूनतम 10.7 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी शत प्रतिशत, हवा की औसत गति 3.14 किलोमीटर प्रति घंटा रही। 28.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। एक दिन पूर्व शनिवार को अधिकतम तापमान 12.6 व न्यूनतम 9.1 डिग्री सेल्सियस था।
पिछले वर्षों में जनवरी में हुई बारिश
का आंकड़ा (एमएम में)
वर्ष बारिश
2011 02.2
2012 21.6
2013 64.4
2014 65.0
2015 15.0
2016 0.0
2017 85.0
2018 34.2
2019 28.0
2020 74.4
2021 36.4
2022 91.9 (अब तक)
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