{"_id":"5d32de688ebc3e6d117f23d3","slug":"railway-karnal-news-knl746988","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे फार्मासिस्ट परीक्षा में बायोमेट्रिक सिस्टम फेल, परीक्षार्थियों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे फार्मासिस्ट परीक्षा में बायोमेट्रिक सिस्टम फेल, परीक्षार्थियों का हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार को आईटीआई के समीप ई-जोन करनाल में आयोजित रेलवे फार्मासिस्ट परीक्षा अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। यहां परीक्षा के दौरान सेंटर में बायोमेट्रिक सिस्टम फेल रहा। शुरू से आखिर तक परीक्षार्थी बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर जूझते रहे। हालात ये बन गए कि आधे से ज्यादा परीक्षार्थी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने से वंचित रह गए। हंगामा बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परीक्षार्थियों का आरोप है कि अव्यवस्था होने के कारण करीब एक घंटे की देरी से केंद्र में एंट्री हुई। इसके बाद कुछ परीक्षार्थियों को बिना किसी जांच के अंदर भेज दिया गया, इसके बाद सेंटर में स्टाफ ने गड़बड़ी कराई। परीक्षा देने हरियाणा और एनसीआर से काफी संख्या में युवा आए थे।
दिल्ली निवासी सोनिया ने बताया कि रेलवे फार्मासिस्ट की परीक्षा दोपहर को सवा 2 बजे शुरू होनी थी, लेकिन व्यवस्था में खामी होने के कारण सवा 4 बजे के करीब सेंटर में एंट्री मिली। सबसे पहले बायोमेट्रिक होना था, लेकिन सिस्टम फेल होने कारण सीधी परीक्षा ले ली गई। लेकिन बायोमेट्रिक नहीं हुआ है। आरोप है कि सेंटर में कुछ परीक्षार्थियों की नकल ही कराई गई ।
योजनाबद्ध तरीके से चला नकल का खेल
महेंद्रगढ़ निवासी उपेंद्र यादव का आरोप है कि सेंटर में कुछ परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉॅच के साथ एंट्री कराई गई, ताकि किसी को शक न हो। इतना ही नहीं जानबूझकर बायोमेट्रिक सिस्टम फेल कर दिया। बाकी परीक्षार्थियों के साथ अन्याय हुआ है।
विज्ञापन
दोबारा परीक्षा कराने की मांग
अजित, कपिल देव और अन्य परीक्षार्थियों ने रेलवे बोर्ड से मांग की है कि परीक्षार्थियों के साथ गलत हुआ है। इसलिए परीक्षा को रद्द करके दोबारा किसी और केंद्र में करवाया जाए। परीक्षार्थियों ने सेंटर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, परीक्षा केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि सर्वर में दिक्कत आ गई थी, जिसके कारण कुछ परेशानी हुई है। सभी परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक हुआ है। किसी प्रकार की नकल नहीं करवाई गई है।
तीन शिफ्टों में हुई परीक्षा
परीक्षा केंद्र में रेलवे फार्मासिस्ट की परीक्षा तीन शिफ्टों में ली गई। प्रथम चरण सुबह सवा सात बजे, दूसरा चरण सवा 10 बजे व तीसरा चरण दोपहर के सवा 2 बजे शुरू होना था, लेकिन व्यवस्था में खामी के कारण परीक्षा समय से नहीं हो पाई। परीक्षार्थियों ने व्यवस्था में खामी बताकर केंद्र संचालक और केंद्र को बंद करने की मांग की है।
इस बारे में परीक्षा कंडक्ट कराने वाली एजेंसी एनएसआईआईसी के अधिकारी कुमुश का कहना है कि 826 विद्यार्थियों की परीक्षा हुई है। कोई भी परीक्षार्थी ऐसा नहीं रहा है, जिसकी परीक्षा नहीं हुई हो। हां, बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने में परेशानी हुई है। करीब 300 के करीब परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लग पाई है, इस कारण युवकों ने हंगामा किया। परीक्षा का परिणाम सभी विद्यार्थियों का आएगा, जिन्होंने परीक्षा दी है। उधर, सेक्टर 9 पुलिस चौकी प्रभारी का कहना है कि हंगामे की सूचना के बाद से पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। सर्वर डाउन के कारण परेशानी आई थी।
विज्ञापन
दिल्ली निवासी सोनिया ने बताया कि रेलवे फार्मासिस्ट की परीक्षा दोपहर को सवा 2 बजे शुरू होनी थी, लेकिन व्यवस्था में खामी होने के कारण सवा 4 बजे के करीब सेंटर में एंट्री मिली। सबसे पहले बायोमेट्रिक होना था, लेकिन सिस्टम फेल होने कारण सीधी परीक्षा ले ली गई। लेकिन बायोमेट्रिक नहीं हुआ है। आरोप है कि सेंटर में कुछ परीक्षार्थियों की नकल ही कराई गई ।
विज्ञापन
योजनाबद्ध तरीके से चला नकल का खेल
महेंद्रगढ़ निवासी उपेंद्र यादव का आरोप है कि सेंटर में कुछ परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉॅच के साथ एंट्री कराई गई, ताकि किसी को शक न हो। इतना ही नहीं जानबूझकर बायोमेट्रिक सिस्टम फेल कर दिया। बाकी परीक्षार्थियों के साथ अन्याय हुआ है।
विज्ञापन
दोबारा परीक्षा कराने की मांग
अजित, कपिल देव और अन्य परीक्षार्थियों ने रेलवे बोर्ड से मांग की है कि परीक्षार्थियों के साथ गलत हुआ है। इसलिए परीक्षा को रद्द करके दोबारा किसी और केंद्र में करवाया जाए। परीक्षार्थियों ने सेंटर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, परीक्षा केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि सर्वर में दिक्कत आ गई थी, जिसके कारण कुछ परेशानी हुई है। सभी परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक हुआ है। किसी प्रकार की नकल नहीं करवाई गई है।
तीन शिफ्टों में हुई परीक्षा
परीक्षा केंद्र में रेलवे फार्मासिस्ट की परीक्षा तीन शिफ्टों में ली गई। प्रथम चरण सुबह सवा सात बजे, दूसरा चरण सवा 10 बजे व तीसरा चरण दोपहर के सवा 2 बजे शुरू होना था, लेकिन व्यवस्था में खामी के कारण परीक्षा समय से नहीं हो पाई। परीक्षार्थियों ने व्यवस्था में खामी बताकर केंद्र संचालक और केंद्र को बंद करने की मांग की है।
इस बारे में परीक्षा कंडक्ट कराने वाली एजेंसी एनएसआईआईसी के अधिकारी कुमुश का कहना है कि 826 विद्यार्थियों की परीक्षा हुई है। कोई भी परीक्षार्थी ऐसा नहीं रहा है, जिसकी परीक्षा नहीं हुई हो। हां, बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने में परेशानी हुई है। करीब 300 के करीब परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लग पाई है, इस कारण युवकों ने हंगामा किया। परीक्षा का परिणाम सभी विद्यार्थियों का आएगा, जिन्होंने परीक्षा दी है। उधर, सेक्टर 9 पुलिस चौकी प्रभारी का कहना है कि हंगामे की सूचना के बाद से पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। सर्वर डाउन के कारण परेशानी आई थी।